मेरठ में ड्यूटी के दौरान दमकलकर्मी पी रहा था शराब, वीडियो सामने आने के बाद खुली पोल – आगे पढ़िए अब हुआ क्या?

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रिपोर्ट – मनीष पाराशर 

मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में ड्यूटी के दौरान एक दमकलकर्मी के कथित तौर पर शराब पीने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो और संबंधित दावों के बाद यह मामला चर्चा में है। बताया जा रहा है कि शॉप्रिक्स मॉल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए दमकल विभाग के एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई थी। इसी दौरान उसके शराब पीने का आरोप लगाया गया है।

मामले में संबंधित कर्मचारी की पहचान घंटाघर फायर यूनिट में तैनात सिपाही प्रेम सिंह के रूप में बताई जा रही है। हालांकि, वीडियो और लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच का विषय है। मामले में विभागीय स्तर पर क्या कार्रवाई की गई, इसे लेकर भी स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

शॉप्रिक्स मॉल में लगी थी ड्यूटी

जानकारी के मुताबिक, घटना 20 सितंबर की बताई जा रही है। शॉप्रिक्स मॉल में एक समाचार पत्र के कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के लिए दमकल विभाग की टीम की तैनाती की गई थी।

आरोप है कि इसी ड्यूटी के दौरान दमकलकर्मी अपनी निर्धारित जगह से हटकर मॉल के सामने स्थित शराब की दुकान की कैंटीन में पहुंच गया। वहां उसके शराब पीने का दावा किया गया है। इसके बाद उसके दोबारा ड्यूटी स्थल पर लौटने की बात कही जा रही है।

घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आने का दावा किया जा रहा है, जिसमें कर्मचारी के शराब पीने के बाद बाहर निकलने और आसपास घूमने की तस्वीरें होने की बात कही गई है। हालांकि, वीडियो की वास्तविकता, समय और उसमें दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान की आधिकारिक पुष्टि संबंधित जांच के बाद ही हो सकेगी।

ड्यूटी के दौरान शराब पीने का लगाया गया आरोप

शिकायत और सामने आई जानकारी के अनुसार, कर्मचारी के शराब खरीदने के बाद कैंटीन में बैठने का आरोप है। इसके बाद वह वहां से बाहर आया और कुछ खाने-पीने का सामान खरीदकर वापस ड्यूटी स्थल की ओर गया।

आरोप यह भी है कि इस दौरान वह नशे की स्थिति में था। यदि यह आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो ड्यूटी के दौरान शराब का सेवन सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मचारी के लिए गंभीर अनुशासनात्मक विषय हो सकता है।

विशेष रूप से दमकल विभाग के कर्मचारियों की जिम्मेदारी आपात स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया देने की होती है। ऐसे में ड्यूटी के दौरान कर्मचारी की शारीरिक और मानसिक सजगता महत्वपूर्ण मानी जाती है।

एसआई को जानकारी देने का दावा

मामले से जुड़े लोगों के अनुसार, घटना की जानकारी दमकल विभाग के एक एसआई को भी दी गई थी। आरोप है कि संबंधित कर्मचारी को केवल फटकार लगाई गई और उच्च अधिकारियों को मामले की औपचारिक जानकारी नहीं दी गई।

हालांकि, इस दावे की भी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए यह स्पष्ट होना जरूरी है कि घटना की जानकारी विभाग के किस अधिकारी को कब मिली और उसके बाद क्या कदम उठाए गए।

अब पूरे मामले में विभागीय अधिकारियों की भूमिका भी जांच का हिस्सा हो सकती है। यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ ड्यूटी के दौरान अनुशासनहीनता की शिकायत सामने आती है तो विभागीय नियमों के तहत उसकी जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।

पहले भी ऐसा आरोप लगने की बात

सामने आई जानकारी में यह भी दावा किया गया है कि संबंधित दमकलकर्मी पर इससे पहले भी ड्यूटी के दौरान शराब पीने का आरोप लगा था। बताया गया है कि कुछ समय पहले कैसरगंज मस्जिद प्रकरण के दौरान रात में दमकल विभाग की ड्यूटी लगाई गई थी।

उस दौरान भी कर्मचारी के नशे की हालत में पाए जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इस पुराने मामले से संबंधित कोई आधिकारिक विभागीय रिकॉर्ड या कार्रवाई की जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। इसलिए इस दावे की पुष्टि भी संबंधित विभाग की जांच के बाद ही मानी जा सकती है।

वीडियो सामने आने के बाद उठ रहे सवाल

ड्यूटी के दौरान शराब पीने के आरोप से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। लोगों का कहना है कि सुरक्षा ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों से जिम्मेदारी और अनुशासन की अपेक्षा रहती है।

वहीं, पूरे मामले में यह भी महत्वपूर्ण है कि किसी वायरल वीडियो को अंतिम प्रमाण मानने से पहले उसकी सत्यता की जांच की जाए। वीडियो कब और कहां बनाया गया, उसमें दिखाई दे रहा व्यक्ति कौन है और घटना किस परिस्थिति में हुई, इन सभी बिंदुओं का सत्यापन जरूरी है।

विभागीय जांच से साफ होगी तस्वीर

फिलहाल मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि क्या संबंधित दमकलकर्मी वास्तव में ड्यूटी के दौरान शराब के सेवन में शामिल था और यदि ऐसा हुआ तो विभाग ने उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की।

इसके अलावा यह भी जांच का विषय होगा कि घटना की जानकारी मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों ने क्या कदम उठाए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो विभागीय नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

दमकल विभाग जैसे आपातकालीन सेवा से जुड़े विभाग में कर्मचारियों की सतर्कता और अनुशासन का विशेष महत्व होता है। इसलिए इस मामले में निष्पक्ष जांच के बाद तथ्य सामने आना जरूरी है।

क्या है पूरा मामला?

मेरठ में शॉप्रिक्स मॉल में 20 सितंबर को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दमकल विभाग की ड्यूटी लगाई गई थी। इसी दौरान घंटाघर फायर यूनिट के सिपाही प्रेम सिंह पर ड्यूटी छोड़कर शराब की दुकान की कैंटीन में शराब पीने का आरोप लगाया गया है। घटना से संबंधित वीडियो सामने आने का दावा भी किया जा रहा है।

इसके अलावा, कर्मचारी पर पहले भी ड्यूटी के दौरान शराब पीने का आरोप लगाए जाने की बात कही गई है। हालांकि, इन सभी आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। अब विभागीय जांच से यह स्पष्ट होगा कि वायरल वीडियो और शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है तथा संबंधित कर्मचारी के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

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