श्रावस्ती में 11 हजार हाईटेंशन लाइन की चपेट में आए दो युवक, इलाज के दौरान मौत
रिपोर्ट- सूर्य प्रकाश शुक्ला
जानकारी के अनुसार, मोहम्मदपुर गांव में विद्युत पोल को ठीक करने का कार्य चल रहा था। बताया जा रहा है कि पोल की मरम्मत के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर पावर हाउस से विद्युत लाइन का शटडाउन लिया गया था। इसी दौरान दोनों युवक विद्युत पोल को सही कराने में सहयोग कर रहे थे। हालांकि, आरोप है कि काम पूरा होने से पहले ही अचानक 11 हजार वोल्ट की लाइन में बिजली का प्रवाह शुरू कर दिया गया।
लाइन चालू होते ही हुआ हादसा
बताया गया कि जैसे ही हाईटेंशन लाइन में करंट दौड़ा, दोनों युवक उसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों और परिजनों की मदद से दोनों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) गिलौला पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर कर दिया।
इसके बाद दोनों घायलों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज बहराइच ले जाया गया। हालांकि, चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी गांव में पहुंचते ही परिवार और ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई।
दो परिवारों में पसरा मातम
हादसे में दो युवकों की मौत से मोहम्मदपुर गांव में गम का माहौल है। एक साथ दो परिवारों के चिराग बुझने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मृतकों के घर पहुंचने लगे। परिजनों और ग्रामीणों ने घटना पर दुख जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
परिजनों का आरोप है कि विद्युत लाइन को दुरुस्त करने के दौरान सुरक्षा मानकों का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया। उनका कहना है कि जब लाइन पर काम चल रहा था तो शटडाउन के बाद बिजली आपूर्ति दोबारा शुरू किए जाने से पहले यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए था कि पोल की मरम्मत का काम पूरा हो चुका है और वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं है।
बिजली विभाग पर लापरवाही के आरोप
घटना के बाद मृतकों के परिजनों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि सुरक्षा व्यवस्था और शटडाउन की प्रक्रिया का सही तरीके से पालन किया गया होता तो यह हादसा टाला जा सकता था। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
वहीं, घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस सक्रिय हो गई। एसडीएम सहित स्थानीय थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी जुटाई। पुलिस और प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि विद्युत लाइन को दोबारा किस परिस्थिति में चालू किया गया और उस समय मरम्मत कार्य की स्थिति क्या थी।
जांच के बाद सामने आएगी हादसे की वजह
फिलहाल पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बिजली आपूर्ति दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया में कहां चूक हुई। इसके अलावा, विद्युत विभाग की ओर से सुरक्षा प्रोटोकॉल और शटडाउन प्रक्रिया का पालन किया गया था या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
इस घटना ने विद्युत लाइनों की मरम्मत के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाईटेंशन लाइन के आसपास काम करते समय निर्धारित सुरक्षा मानकों और शटडाउन प्रक्रिया का पालन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में प्रशासनिक जांच के बाद यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है।

