मेरठ के कन्हा उपवन में गायों की मौत पर हंगामा, हिंदू रक्षा दल ने उठाए सवाल
रिपोर्ट – मनीष पराशर
मेरठ। शहर स्थित कन्हा उपवन एक बार फिर गायों की मौत और गौशाला की व्यवस्थाओं को लेकर विवादों में आ गया है। गौशाला में लगातार गायों की मौत होने के आरोपों के बीच हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर विरोध जताया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने नगर निगम प्रशासन से व्यवस्था, मृत गायों के निस्तारण और गौशाला में उपलब्ध सुविधाओं को लेकर जवाब मांगा। इस दौरान नगर निगम की गाड़ियों को घेरकर विरोध प्रदर्शन किया गया और कार्यकर्ता अनशन पर भी बैठ गए।
हिंदू रक्षा दल के पदाधिकारियों का आरोप है कि कन्हा उपवन में गौवंश की देखभाल के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं हैं और लगातार गायों की मौत हो रही है। कार्यकर्ताओं ने यह भी दावा किया कि कुछ मामलों में गायों के पूरी तरह मृत होने से पहले ही उनके ऊपर चूना डाले जाने जैसी गंभीर लापरवाही सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र प्रशासनिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
कन्हा उपवन की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
मेरठ का कन्हा उपवन पहले भी अपनी व्यवस्थाओं और कथित अनियमितताओं को लेकर चर्चा में रहा है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि गौशाला में रहने वाले पशुओं के लिए चारा, उपचार, साफ-सफाई और निगरानी जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा होनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि किसी गौशाला में लगातार पशुओं की मौत हो रही है तो इसके कारणों की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
इसी क्रम में हिंदू रक्षा दल के क्षेत्रीय प्रभारी अंकुर राज शर्मा, दीपांशु शर्मा और गौरव पाराशर के नेतृत्व में कार्यकर्ता कन्हा उपवन पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखते हुए गौशाला की व्यवस्थाओं की जांच कराने और पशुओं की मौत के कारणों को सार्वजनिक करने की मांग की।
नगर निगम की गाड़ियों को घेरकर जताया विरोध
प्रदर्शन के दौरान हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने नगर निगम की गाड़ियों को घेर लिया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि जब तक गौशाला की व्यवस्थाओं और गायों की मौत के मामले में स्पष्ट जवाब नहीं मिलता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों से यह भी पूछा कि गौशाला में पशुओं की देखभाल के लिए निर्धारित बजट और संसाधनों का इस्तेमाल किस प्रकार किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने पशुओं की मौत की स्थिति में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया और शवों के निस्तारण की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।
अपर नगर आयुक्त से मांगा जवाब
मामले की जानकारी मिलने के बाद अपर नगर आयुक्त पंकज सिंह मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने उनसे गौशाला की व्यवस्थाओं और गायों की मौत को लेकर सवाल किए। कार्यकर्ताओं ने पूर्व में सामने आए विवादों और अधिकारियों की जिम्मेदारी को लेकर भी जवाब मांगा।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सवालों के बीच अधिकारी मौके से चले गए। वहीं, इस पूरे मामले में नगर निगम प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है। ऐसे में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता और गौशाला की मौजूदा स्थिति स्पष्ट करने के लिए प्रशासनिक जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
जांच और पारदर्शिता की मांग
हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने मांग की कि कन्हा उपवन में पिछले कुछ समय में हुई गायों की मौत का रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाए। साथ ही प्रत्येक मौत के कारण का पशु चिकित्सकों से परीक्षण कराया जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मौतें बीमारी, उपचार की कमी, भोजन की समस्या या किसी अन्य कारण से हुईं।
कार्यकर्ताओं ने गौशाला में मौजूद पशुओं की संख्या, उपलब्ध चारे, दवाओं और कर्मचारियों की तैनाती का भी निरीक्षण कराने की मांग की। उनका कहना है कि गौशाला जैसी संवेदनशील व्यवस्था में पारदर्शिता और नियमित निगरानी बेहद जरूरी है।
प्रशासन के सामने कई अहम सवाल
कन्हा उपवन से जुड़े विवाद के बाद प्रशासन के सामने कई सवाल खड़े हो गए हैं। आखिर गौशाला में कितने पशु हैं? पिछले कुछ समय में कितनी गायों की मौत हुई? मौत के आधिकारिक कारण क्या दर्ज किए गए हैं? पशुओं के उपचार की क्या व्यवस्था है? इसके अलावा गौशाला के संचालन और रखरखाव पर कितना बजट खर्च किया जा रहा है?
इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेंगे। फिलहाल प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
गौरतलब है कि गौशालाओं में पशुओं की बेहतर देखभाल को लेकर समय-समय पर प्रशासनिक स्तर पर दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं। ऐसे में कन्हा उपवन में सामने आए आरोपों की निष्पक्ष जांच होने से न केवल वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी, बल्कि भविष्य में ऐसी शिकायतों की पुनरावृत्ति रोकने में भी मदद मिल सकती है।

