अमरोहा के नौगांवा सादात में सपा का धरना-प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उठाई आवाज

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रिपोर्ट – इकबाल अंसारी 

अमरोहा: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जनपद में मंगलवार को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। नौगांवा सादात के हुसैनी चौक पर आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए। प्रदर्शन का नेतृत्व नौगांवा सादात विधानसभा क्षेत्र के सपा विधायक समरपाल सिंह ने किया।

धरने के दौरान समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी नाराजगी जताई। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित किए जाने की मांग उठाई। इसके बाद सपा के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम नौगांवा सादात को सौंपा।

हुसैनी चौक पर जुटे सपा कार्यकर्ता

मंगलवार को नौगांवा सादात के हुसैनी चौक पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता निर्धारित कार्यक्रम के तहत एकत्र हुए। इस दौरान पार्टी के स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने चुनावी व्यवस्था और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी बात रखी।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आवाज उठाते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल किए। पार्टी नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता महत्वपूर्ण है। इसलिए मतदाता सूची और चुनाव से संबंधित प्रक्रियाओं में स्पष्टता बनाए रखना जरूरी है।

वहीं, धरना स्थल पर कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी भी की। इस दौरान पार्टी के नेताओं ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपना पक्ष रखा।

विधायक समरपाल सिंह ने रखी पार्टी की बात

प्रदर्शन का नेतृत्व नौगांवा सादात विधानसभा क्षेत्र के सपा विधायक समरपाल सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, चुनाव प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिसमें मतदाताओं को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता का भरोसा मिले।

विधायक ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में चुनाव से संबंधित किसी भी प्रक्रिया को लेकर लोगों के बीच विश्वास बना रहना आवश्यक है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित किए जाने की मांग उठाई।

इसके अलावा, उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने और संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी मांगें रखने की बात कही।

चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर जताई नाराजगी

धरने के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी आपत्तियां सामने रखीं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता लोकतंत्र की बुनियादी जरूरत है।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े किसी भी विषय को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। इसी उद्देश्य से उन्होंने अपनी मांगों को ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति तक पहुंचाने का प्रयास किया।

हालांकि, प्रदर्शन के दौरान लगाए गए आरोप और आपत्तियां समाजवादी पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के पक्ष से सामने आई हैं। ऐसे मामलों में संबंधित संवैधानिक संस्था का आधिकारिक पक्ष भी महत्वपूर्ण होता है। इसलिए चुनाव प्रक्रिया से जुड़े किसी भी विवाद पर अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक तथ्यों और संबंधित प्रक्रियाओं के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।

राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

धरना-प्रदर्शन के बाद समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम नौगांवा सादात को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से चुनाव आयोग से जुड़ी विभिन्न मांगों और पार्टी की आपत्तियों पर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की गई।

प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों के माध्यम से अपनी बात राष्ट्रपति तक पहुंचाने का आग्रह किया। सपा नेताओं के अनुसार, ज्ञापन के जरिए चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े विषयों को उठाया गया है।

ज्ञापन सौंपे जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को दोहराया और कहा कि चुनावी व्यवस्था में जनता का विश्वास बनाए रखना आवश्यक है।

कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों की बात उठाई

प्रदर्शन में शामिल सपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता सबसे महत्वपूर्ण पक्ष होता है। इसलिए मतदाता अधिकारों से जुड़े विषयों पर राजनीतिक दलों और संबंधित संस्थाओं के बीच संवाद होना चाहिए।

वहीं, कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर यदि किसी राजनीतिक दल या नागरिक को आपत्ति है तो उसे लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक माध्यम से उठाया जाना चाहिए। इसी क्रम में नौगांवा सादात में धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यकर्ताओं की ओर से कहा गया कि उनकी मांगों पर संबंधित स्तर से विचार किया जाना चाहिए और चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों का उचित समाधान किया जाना चाहिए।

सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की रही मौजूदगी

कार्यक्रम में विधायक समरपाल सिंह के अलावा पूर्व जिलाध्यक्ष सपा निर्मोज यादव और सपा कार्यकर्ता रफत अली समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने विचार रखते हुए चुनावी प्रक्रिया से संबंधित मुद्दों पर पार्टी का पक्ष सामने रखा।

धरना स्थल पर कार्यकर्ताओं में उत्साह भी देखने को मिला। पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का आह्वान किया।

चुनावी पारदर्शिता की मांग पर जोर

नौगांवा सादात में हुए इस प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं ने बार-बार चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग दोहराई। पार्टी का कहना है कि मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा लोकतंत्र के लिए आवश्यक है।

फिलहाल, प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन एसडीएम को सौंप दिया गया है। अब सपा की ओर से उठाई गई मांगों पर प्रशासन और संबंधित स्तर पर क्या कार्रवाई होती है, इस पर नजर रहेगी।

कुल मिलाकर, अमरोहा के नौगांवा सादात में समाजवादी पार्टी का यह धरना-प्रदर्शन चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित किया गया। विधायक समरपाल सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने अपनी आपत्तियां और मांगें रखीं। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया। प्रदर्शन के जरिए सपा ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा पर जोर दिया।

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