बहराइच में नहर में मिला नर बाघ का शव, वन विभाग ने कब्जे में लिया; मौत के कारणों की जांच शुरू

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रिपोर्ट – महेश चंद्र गुप्ता 

बहराइच: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के मोतीपुर रेंज क्षेत्र में एक नर बाघ का शव नहर में मिलने से वन विभाग में हलचल बढ़ गई। हसुलिया-बिचपुरी पुल के पास ग्रामीणों ने नहर के पानी में बाघ का शव तैरता देखा। इसके बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना तत्काल मोतीपुर रेंज कार्यालय को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और करीब एक घंटे की कार्रवाई के बाद बाघ के शव को नहर से बाहर निकलवाकर कब्जे में ले लिया।

वन विभाग के अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही आसपास के क्षेत्र में भी जांच-पड़ताल की। फिलहाल बाघ की मौत किस परिस्थिति में हुई, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। विभाग की टीम कई संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। वहीं, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही बाघ की उम्र और मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि होने की उम्मीद है।

हसुलिया-बिचपुरी पुल के पास मिला बाघ का शव

जानकारी के अनुसार, मोतीपुर रेंज क्षेत्र के हसुलिया-बिचपुरी पुल के पास नहर में ग्रामीणों की नजर बाघ के शव पर पड़ी। पानी में शव तैरता देखकर ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। बाघ के नहर में मिलने की खबर आसपास के इलाके में तेजी से फैल गई।

सूचना मिलने के बाद मोतीपुर रेंज की वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्थिति का जायजा लिया तथा नहर से शव को बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू की। करीब एक घंटे के प्रयास के बाद बाघ के शव को नहर से बाहर निकाला गया।

इसके बाद वन विभाग ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। घटनास्थल पर अधिकारियों ने आसपास के क्षेत्र का भी निरीक्षण किया, ताकि बाघ के नहर तक पहुंचने और उसकी मौत से संबंधित कोई महत्वपूर्ण सुराग मिल सके।

मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं

वन विभाग के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि बाघ की मौत किन परिस्थितियों में हुई। फिलहाल विभाग की ओर से मौत के कारण को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया गया है।

वन अधिकारियों के मुताबिक, सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बाघ नहर में किस तरह पहुंचा। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि उसकी मौत नहर में हुई या किसी अन्य स्थान पर मौत के बाद शव पानी में पहुंचा।

इस दिशा में घटनास्थल के आसपास के क्षेत्र की भी जांच की जा रही है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी भी संभावना को अंतिम कारण मानना उचित नहीं होगा।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आएगी वास्तविक स्थिति

बाघ के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर वन विभाग को बाघ की उम्र और उसकी मौत के कारण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।

पोस्टमार्टम के दौरान विशेषज्ञ बाघ के शरीर की स्थिति और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करेंगे। इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट करने का प्रयास किया जाएगा कि बाघ की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई, किसी दुर्घटना के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।

वहीं, वन विभाग की जांच में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ घटनास्थल से जुटाई गई जानकारी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

वन विभाग ने शुरू की आसपास के क्षेत्र की जांच

बाघ के शव के मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने केवल नहर के आसपास ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े क्षेत्र में भी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि बाघ की गतिविधियां हाल के दिनों में किस इलाके में थीं और वह नहर तक कैसे पहुंचा।

कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग वन्यजीवों के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में किसी बाघ की मौत की जानकारी सामने आने के बाद वन विभाग की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए विभाग घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रहा है।

डीएफओ ने दी घटना की जानकारी

डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि हसुलिया-बिचपुरी पुल के पास नहर में एक नर बाघ का शव मिला है। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

उन्होंने बताया कि बाघ की मौत के कारणों की स्थिति पोस्टमार्टम के बाद स्पष्ट होगी। फिलहाल विभाग की ओर से घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र की जांच की जा रही है।

जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी मौत की वजह

फिलहाल बहराइच में नहर से नर बाघ का शव मिलने की घटना ने वन विभाग का ध्यान खींचा है। हालांकि, अभी तक बाघ की मौत को लेकर किसी निश्चित कारण की पुष्टि नहीं हुई है। वन विभाग की टीम जांच में जुटी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि बाघ नहर में किन परिस्थितियों में पहुंचा और उसकी मौत कब तथा कैसे हुई। इसके अलावा आसपास के क्षेत्र से भी आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है।

इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होने की संभावना है। फिलहाल वन विभाग ने बाघ के शव को कब्जे में लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है और घटना से जुड़े सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है।

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