अमेठी में बिजली के तार पर लटक रही गिलोय की बेल से बालक को लगा करंट, ग्रामीणों ने की सुरक्षा जांच की मांग
रिपोर्ट – अंजनी मिश्रा
अमेठी: जिले के राजापुर अमेरुवा जरौटा ग्राम सभा के बरईन का पुरवा में बिजली के तारों पर लटक रही गिलोय की बेल के संपर्क में आने से एक बालक को करंट लगने की घटना सामने आई है। बताया जा रहा है कि बालक रास्ते से गुजर रहा था, तभी वह बिजली के तारों पर लटकी गिलोय की बेल के संपर्क में आ गया। करंट का झटका लगने के बाद बालक रास्ते में ही गिर पड़ा। हालांकि, राहत की बात यह रही कि उसे गंभीर चोट नहीं आई और अब उसकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
घटना के बाद गांव में बिजली के तारों के आसपास उगे पेड़-पौधों और लताओं को लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते विद्युत लाइनों का निरीक्षण और आवश्यक छंटाई नहीं कराई गई, तो भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा सामने आ सकती है। इसी को देखते हुए ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से विद्युत लाइनों की सुरक्षा जांच कराने और आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
बिजली के तारों तक पहुंच रही गिलोय की बेल
ग्रामीणों के अनुसार, राजापुर अमेरुवा जरौटा ग्राम सभा के कई हिस्सों में बिजली की लाइनों के आसपास पेड़-पौधे और लताएं बढ़ गई हैं। इनमें गिलोय की बेल भी शामिल है, जो कुछ स्थानों पर बिजली के तारों तक पहुंच गई है। बरईन का पुरवा में इसी तरह की स्थिति के बीच बालक के करंट की चपेट में आने की घटना सामने आई।
बताया गया कि बालक गिलोय की बेल के संपर्क में आया, जिसके बाद उसे बिजली का झटका महसूस हुआ और वह रास्ते में गिर गया। हालांकि, समय पर स्थिति संभलने से किसी बड़े नुकसान की स्थिति नहीं बनी। बालक के स्वस्थ होने की जानकारी के बाद परिवार और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
ग्रामीणों ने विद्युत सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
घटना के बाद ग्रामीणों ने गांव की विद्युत व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया है। उनका कहना है कि बिजली की लाइनों के आसपास पेड़-पौधों और बेलों का बढ़ना सामान्य बात हो सकती है, लेकिन जब ये विद्युत तारों के संपर्क में आने लगें तो सावधानी बेहद जरूरी हो जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत लाइनों के आसपास नियमित निरीक्षण और रखरखाव किया जाए, ताकि पेड़-पौधों की शाखाएं अथवा लताएं तारों के संपर्क में न आ सकें। इसके साथ ही जहां आवश्यक हो, वहां अधिकृत कर्मचारियों की मदद से छंटाई कराई जानी चाहिए।
विद्युत अधिनियम और सुरक्षा प्रावधानों का दिया हवाला
ग्रामीणों ने अपनी मांग के समर्थन में विद्युत अधिनियम, 2003 और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के सुरक्षा प्रावधानों का हवाला देते हुए विद्युत लाइनों के नियमित निरीक्षण और सुरक्षित रखरखाव की आवश्यकता बताई है। उनका कहना है कि विद्युत व्यवस्था से जुड़े मामलों में सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है।
उनके अनुसार, बिजली के तारों के आसपास पेड़-पौधों की स्थिति पर नियमित नजर रखी जाए तो संभावित जोखिम को समय रहते कम किया जा सकता है। खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां विद्युत लाइनें आबादी के बीच से गुजरती हैं, वहां नियमित निरीक्षण और रखरखाव महत्वपूर्ण हो जाता है।
MVVNL से सुरक्षा निरीक्षण की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन और मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (MVVNL) से राजापुर अमेरुवा जरौटा ग्राम सभा में विद्युत लाइनों का सुरक्षा निरीक्षण कराने की मांग की है। इसके अलावा जहां बिजली के तारों के आसपास पेड़-पौधों की शाखाएं या लताएं पहुंच गई हैं, वहां अधिकृत कर्मचारियों के माध्यम से उनकी छंटाई कराने की भी अपील की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत लाइनों के आसपास उगी बेलों और शाखाओं की पहचान कर समय पर आवश्यक कार्रवाई की जाए। इससे न केवल ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि विद्युत आपूर्ति से जुड़ी संभावित परेशानियों को भी कम करने में मदद मिल सकती है।
जनहित में सावधानी बरतने की अपील
समस्त ग्रामवासियों की ओर से शुभचिंतक आशीष चौरसिया ने कहा कि इस मांग का उद्देश्य किसी विभाग पर दोषारोपण करना नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य जनहित में संभावित हादसों को रोकना और ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत सुरक्षा को मजबूत करना है।
उन्होंने ग्रामीणों से भी सावधानी बरतने की अपील की। खास तौर पर बिजली के तारों के पास जाकर स्वयं पेड़-पौधों या बेलों की छंटाई न करने की सलाह दी गई है। उनका कहना है कि बिजली के तारों से जुड़ा कोई भी काम प्रशिक्षित और अधिकृत कर्मचारियों की निगरानी में ही कराया जाना चाहिए।
समय रहते निरीक्षण जरूरी
राजापुर अमेरुवा जरौटा की इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत लाइनों के आसपास पेड़-पौधों की नियमित निगरानी की जरूरत को सामने रखा है। हालांकि, इस घटना में बालक सुरक्षित है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समय रहते कदम उठाना बेहतर होगा।
इसलिए ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से जल्द विद्युत लाइनों का निरीक्षण कराने और आवश्यक स्थानों पर पेड़-पौधों तथा बेलों की छंटाई कराने की मांग की है। साथ ही लोगों से बिजली के तारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की गई है। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग इस मांग पर आवश्यक कार्रवाई करेगा और गांव में विद्युत सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।

