संतकबीरनगर में सम्पूर्ण समाधान दिवस, डीएम अनुज मलिक और एसपी संदीप मीना ने सुनीं जनसमस्याएं

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रिपोर्ट – शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी

संतकबीरनगर। जनसमस्याओं के त्वरित, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण समाधान के उद्देश्य से शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को संतकबीरनगर की तहसील मेंहदावल में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी अनुज मलिक और पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने तहसील मेंहदावल पहुंचकर फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। अधिकारियों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सम्पूर्ण समाधान दिवस में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने एक-एक कर लोगों की शिकायतों और उनकी समस्याओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जनशिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की औपचारिकता न बरती जाए। बल्कि आवश्यकता पड़ने पर अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण करें और नियमानुसार समस्या का समाधान सुनिश्चित करें।

मौके पर जाकर शिकायतों के निस्तारण के निर्देश

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए संबंधित अधिकारी शिकायत की वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त करें और जरूरत के अनुसार मौके पर जाकर जांच करें। इसके बाद ही नियमानुसार निष्पक्ष कार्रवाई की जाए।

विशेष रूप से राजस्व और पुलिस विभाग से जुड़ी शिकायतों के संबंध में दोनों विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि कई मामलों में राजस्व और पुलिस विभाग दोनों की भूमिका होती है। ऐसे में दोनों विभागों के बीच बेहतर समन्वय होने से शिकायतों का समाधान अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।

इसके अलावा, अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि शिकायत के समाधान के लिए फरियादी को बार-बार अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। संबंधित विभाग शिकायत की जिम्मेदारी लेकर उसका नियमानुसार समाधान सुनिश्चित करें।

समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर

सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए।

साथ ही अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि यदि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही, उदासीनता या शिथिलता सामने आती है, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की जवाबदेही निर्धारित की जाएगी। इसलिए सभी अधिकारी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई करें।

शिकायत पंजिका का किया निरीक्षण

जनसुनवाई के बाद जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने शिकायत पंजिका का भी निरीक्षण किया। इस दौरान पूर्व में प्राप्त शिकायतों और उनके निस्तारण की स्थिति की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने यह भी देखा कि पहले प्राप्त शिकायतों पर संबंधित विभागों द्वारा किस प्रकार की कार्रवाई की गई है।

इसके साथ ही शिकायतकर्ताओं से निस्तारण के संबंध में फीडबैक प्राप्त करने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि किसी शिकायत को निस्तारित दिखा देना ही पर्याप्त नहीं है। बल्कि यह भी महत्वपूर्ण है कि शिकायतकर्ता को वास्तविक रूप से राहत मिली या नहीं।

इसी क्रम में संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि भविष्य में भी शिकायतों के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से फीडबैक प्राप्त किया जाए। यदि शिकायतकर्ता की समस्या पूरी तरह से हल नहीं हुई है, तो मामले की दोबारा समीक्षा करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए।

जनसुनवाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर

सम्पूर्ण समाधान दिवस शासन की जनसुनवाई व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य आमजन को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासनिक अधिकारियों के सामने रखने का अवसर उपलब्ध कराना और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।

इसी उद्देश्य के तहत तहसील स्तर पर आयोजित होने वाले समाधान दिवसों में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहते हैं, ताकि संबंधित शिकायतों को मौके पर ही संबंधित विभाग तक पहुंचाया जा सके। इससे आम लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग कार्यालयों में जाने की आवश्यकता कम होती है।

संतकबीरनगर के मेंहदावल तहसील में आयोजित समाधान दिवस के दौरान भी जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को इसी भावना के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रमुख उद्देश्य आमजन की समस्याओं का निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है।

अधिकारियों और कर्मचारियों की रही मौजूदगी

सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर राजस्व एवं पुलिस विभाग समेत संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्राप्त शिकायतों को संबंधित विभागों तक पहुंचाते हुए उनके निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इस दौरान प्रशासन की ओर से शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया में पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जनसुनवाई के दौरान प्राप्त प्रत्येक शिकायत का नियमानुसार परीक्षण कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।

कुल मिलाकर, मेंहदावल तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्रशासन ने आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष जोर दिया। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनशिकायतों के समाधान में केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि वास्तविक राहत सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।