यूपी में अपराध पर जीरो टॉलरेंस: पढ़िए 9.5 साल में कितने अपराधी मुठभेड़ में हुए ढेर और कितने करोड़ की संपत्ति की गई जब्त

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Digital UP News

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अपराध और अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर सरकार की ओर से जारी आंकड़ों में पिछले करीब साढ़े नौ वर्षों की कार्रवाई का ब्यौरा सामने आया है। इसके अनुसार प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और संगठित अपराध पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने विभिन्न स्तरों पर कार्रवाई की। इनमें पुलिस मुठभेड़, इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई, संपत्ति जब्ती, राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी NSA के तहत कार्रवाई और साइबर अपराध से जुड़े मामलों में वित्तीय रोक शामिल है।

आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में पुलिस मुठभेड़ों के दौरान 303 अपराधी मारे गए, जबकि 12,202 अपराधी घायल हुए। इसके अलावा 23,601 इनामी अपराधियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी गई है। उत्तर प्रदेश पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर भी लगातार गैंगस्टर एक्ट, वांछित अपराधियों और मुठभेड़ों से संबंधित कार्रवाई की प्रेस विज्ञप्तियां जारी की जाती रही हैं।

गैंगस्टर एक्ट के तहत 87,835 लोगों पर कार्रवाई

अपराध से जुड़े गिरोहों और संगठित आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए गैंगस्टर एक्ट के तहत भी बड़ी संख्या में कार्रवाई की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, करीब साढ़े नौ साल में 87,835 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।

इसके साथ ही अपराध से अर्जित संपत्तियों पर भी कार्रवाई का दावा किया गया है। आंकड़ों के मुताबिक, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए 15,233 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की गई। इसमें संपत्ति की कुर्की और जब्ती जैसी कानूनी कार्रवाई शामिल है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में गैंगस्टर एक्ट से संबंधित संपत्तियों की कुर्की की सूचनाएं समय-समय पर उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से भी जारी की जाती हैं।

23,601 इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी

पुलिस की कार्रवाई में इनामी और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही। जारी आंकड़ों के अनुसार, 23,601 इनामी अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा पुलिस की विभिन्न इकाइयां लगातार वांछित अपराधियों, गैंगस्टर एक्ट के आरोपियों और अन्य मामलों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाती रही हैं।

उत्तर प्रदेश पुलिस के आधिकारिक रिकॉर्ड में सितंबर 2026 के दौरान भी विभिन्न जिलों में इनामी, वांछित और गैंगस्टर एक्ट से जुड़े आरोपियों की गिरफ्तारी की कई प्रेस विज्ञप्तियां दर्ज हैं।

NSA के तहत 995 लोगों पर कार्रवाई

गंभीर मामलों में प्रशासन की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी NSA का भी इस्तेमाल किया गया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में 995 अपराधियों के खिलाफ NSA के तहत कार्रवाई की गई।

यह कार्रवाई उन मामलों में की जाती है जहां संबंधित कानून के तहत निरोधात्मक कार्रवाई का प्रावधान लागू होता है। हालांकि, प्रत्येक मामले के तथ्य और कानूनी स्थिति अलग-अलग होती है। इसलिए इन आंकड़ों को व्यापक कार्रवाई के आंकड़े के तौर पर देखा जाना चाहिए।

चिह्नित माफिया और गिरोहों पर भी कार्रवाई

संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क पर कार्रवाई के तहत 68 चिह्नित माफिया और गिरोहों के खिलाफ 909 मुकदमे दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है। इसी क्रम में माफिया और गिरोहों से जुड़े 651 लोगों की गिरफ्तारी की गई।

इस तरह पुलिस की कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रही, बल्कि संबंधित मामलों में मुकदमे दर्ज करने और अपराध से जुड़ी संपत्तियों पर कानूनी कार्रवाई का भी दावा किया गया है। अलग-अलग जिलों में गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्ति कुर्की की कार्रवाई की जानकारी उत्तर प्रदेश पुलिस की प्रेस रिलीज में भी सामने आती रही है।

साइबर अपराध पर भी वित्तीय कार्रवाई

बदलते समय के साथ साइबर अपराध पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती बनकर सामने आया है। ऐसे में साइबर फ्रॉड के मामलों में आरोपियों तक पहुंचने के साथ-साथ ठगी की रकम को रोकने पर भी जोर दिया जा रहा है।

उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, साइबर अपराध से जुड़े मामलों में 874.58 करोड़ रुपये से अधिक की रकम फ्रीज या होल्ड की गई। इसका उद्देश्य संदिग्ध खातों में मौजूद रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकना और पीड़ितों को राहत दिलाने की प्रक्रिया को मजबूत करना है।

उत्तर प्रदेश पुलिस की आधिकारिक प्रेस रिलीज में भी साइबर अपराध से जुड़े मामलों में संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज कराने और पीड़ितों की रकम वापस कराने की कार्रवाई का उल्लेख मिलता है। उदाहरण के तौर पर फरवरी 2026 की एक पुलिस प्रेस रिलीज में साइबर ठगी से जुड़े मामले में संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज कराने और पीड़ित के खाते में रकम वापस कराने की कार्रवाई बताई गई थी।

अपराध नियंत्रण के लिए कई स्तरों पर कार्रवाई

कुल मिलाकर उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि उत्तर प्रदेश में पिछले साढ़े नौ वर्षों के दौरान अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस कार्रवाई के कई माध्यमों का इस्तेमाल किया गया। एक ओर जहां पुलिस ने इनामी और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी की, वहीं दूसरी ओर गैंगस्टर एक्ट के माध्यम से अपराध से जुड़ी संपत्तियों पर कार्रवाई की गई।

इसी क्रम में माफिया और गिरोहों के खिलाफ मुकदमे दर्ज करने, NSA के तहत कार्रवाई करने और साइबर अपराध में संदिग्ध धनराशि को फ्रीज करने जैसे कदम भी शामिल रहे। उत्तर प्रदेश पुलिस की वेबसाइट पर 2026 में भी अलग-अलग जिलों से लगातार गिरफ्तारी, गैंगस्टर एक्ट और साइबर अपराध से संबंधित कार्रवाई की सूचनाएं प्रकाशित हो रही हैं।

सरकार की ओर से इन आंकड़ों को अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई कार्रवाई के रूप में प्रस्तुत किया गया है। वहीं, किसी भी आपराधिक मामले में अंतिम कानूनी स्थिति संबंधित जांच, न्यायिक प्रक्रिया और अदालत के निर्णय पर निर्भर करती है। इसलिए पुलिस कार्रवाई के आंकड़ों को उसी संदर्भ में समझना महत्वपूर्ण है।

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