औरैया में आज भी जीवंत है राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की स्मृति, बापू के हाथों लगाया पेड़ बना विरासत

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रिपोर्ट – अंजुमं तिवारी

औरैया। देशभर में आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जा रही है। गांधी जी के सत्य, अहिंसा, स्वच्छता और सेवा के संदेश को याद करते हुए लोग उन्हें नमन कर रहे हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश का औरैया जनपद महात्मा गांधी से जुड़ी एक ऐसी ऐतिहासिक विरासत को आज भी संजोए हुए है, जो यहां आने वाले लोगों के लिए आकर्षण और गौरव का विषय बनी हुई है।

औरैया स्थित तिलक इंटर कॉलेज में आज भी वह स्थान मौजूद है, जहां महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान एक रात विश्राम किया था। इतना ही नहीं, इसी दौरान उन्होंने अपने हाथों से एक छोटे से पौधे का रोपण भी किया था। समय के साथ वह पौधा अब विशाल वृक्ष का रूप ले चुका है। इस पेड़ की छांव आज भी गांधी जी की स्मृतियों को जीवंत करती है।

1929 में औरैया पहुंचे थे महात्मा गांधी

इतिहास से जुड़ी जानकारी के अनुसार, 23 नवंबर 1929 को महात्मा गांधी स्वतंत्रता आंदोलन के सिलसिले में औरैया से होकर गुजर रहे थे। उस दौर में देश अंग्रेजी शासन से आजादी के लिए संघर्ष कर रहा था। गांधी जी अपने सहयोगियों के साथ देश के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर लोगों को स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ने और सामाजिक जागरूकता फैलाने का काम कर रहे थे।

इसी क्रम में उनका आगमन औरैया हुआ। यहां उन्होंने तिलक इंटर कॉलेज में रात्रि विश्राम किया। उनके आगमन की स्मृति को कॉलेज प्रशासन और स्थानीय लोग आज भी बेहद सम्मान के साथ संजोकर रखते हैं।

बताया जाता है कि तिलक इंटर कॉलेज में ठहरने के दौरान गांधी जी ने अपने हाथों से एक पौधा लगाया था। उस समय यह पौधा छोटा था, लेकिन वर्षों की यात्रा के बाद यह अब एक बड़े और छायादार वृक्ष का रूप ले चुका है।

छोटा पौधा बना विशाल वृक्ष

महात्मा गांधी द्वारा लगाया गया यह वृक्ष आज केवल एक पेड़ नहीं, बल्कि ऐतिहासिक धरोहर के रूप में देखा जाता है। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसे स्वयं गांधी जी ने अपने हाथों से लगाया था। यही वजह है कि स्थानीय लोगों के लिए इस वृक्ष का भावनात्मक और ऐतिहासिक महत्व काफी अधिक है।

समय के साथ इस पौधे ने विशाल वृक्ष का रूप ले लिया। आज इसकी छांव में बैठकर लोग गांधी जी की स्मृतियों से जुड़ने का अनुभव करते हैं। कॉलेज परिसर में मौजूद यह पेड़ नई पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन और गांधी जी के योगदान के बारे में जानने का अवसर भी देता है।

इसके अलावा, जिस कमरे में गांधी जी ने रात्रि विश्राम किया था, उसे भी सुरक्षित रखा गया है। कमरे की साफ-सफाई और रखरखाव का विशेष ध्यान रखा जाता है। वहां महात्मा गांधी से संबंधित पुस्तकों और अन्य सामग्री को सुरक्षित रखा गया है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस ऐतिहासिक विरासत से परिचित हो सकें।

गांधी जी का कमरा भी बना स्मृति स्थल

तिलक इंटर कॉलेज में गांधी जी के विश्राम वाले कमरे को एक महत्वपूर्ण स्मृति स्थल के रूप में देखा जाता है। इस कमरे से जुड़ी यादें आज भी कॉलेज परिवार और स्थानीय लोगों के लिए विशेष महत्व रखती हैं।

गांधी जयंती जैसे अवसरों पर इस स्थान की चर्चा और भी बढ़ जाती है। लोग यहां पहुंचकर गांधी जी को याद करते हैं और उनके जीवन तथा विचारों से प्रेरणा लेने का प्रयास करते हैं। इस तरह एक कमरा और एक वृक्ष औरैया में इतिहास की उस महत्वपूर्ण कड़ी को संजोए हुए हैं, जिसका संबंध देश के स्वतंत्रता आंदोलन से रहा है।

कॉलेज प्रशासन ने बताया गौरव का विषय

तिलक इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य के अनुसार, महात्मा गांधी का कॉलेज परिसर में रुकना केवल औरैया के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव की बात है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में गांधी जी का यहां आना और एक रात रुकना स्थानीय इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

प्रधानाचार्य का कहना है कि जिस कक्ष में गांधी जी ने विश्राम किया था, उसे आज भी सुसज्जित और सुरक्षित रखा गया है। वहीं, गांधी जी द्वारा लगाया गया पौधा अब विशाल वृक्ष बन चुका है। इसके नीचे बैठने पर लोगों को इतिहास से जुड़ने और गांधी जी की स्मृतियों को महसूस करने का अवसर मिलता है।

नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का केंद्र

महात्मा गांधी का जीवन केवल स्वतंत्रता आंदोलन तक सीमित नहीं था। उन्होंने सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और सामाजिक एकता जैसे विचारों को जन-जन तक पहुंचाया। इसलिए औरैया में मौजूद यह वृक्ष और स्मृति कक्ष केवल अतीत की निशानी नहीं हैं, बल्कि वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का माध्यम भी हैं।

विशेष रूप से विद्यार्थियों के लिए यह स्थान इतिहास को किताबों से बाहर समझने का अवसर प्रदान करता है। गांधी जी के हाथों लगाया गया वृक्ष यह संदेश देता है कि इतिहास केवल दस्तावेजों में सुरक्षित नहीं रहता, बल्कि कई बार वह हमारे आसपास मौजूद धरोहरों के रूप में भी जीवित रहता है।

आज जब देश गांधी जयंती के अवसर पर राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि दे रहा है, ऐसे में औरैया का तिलक इंटर कॉलेज गांधी जी की स्मृतियों को अपने भीतर संजोए हुए है। एक रात का उनका प्रवास और उनके हाथों लगाया गया पौधा समय के साथ और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।

इस प्रकार, औरैया में मौजूद यह विशाल वृक्ष और गांधी जी का सुरक्षित स्मृति कक्ष लोगों को उस दौर की याद दिलाता है, जब देश स्वतंत्रता की राह पर आगे बढ़ रहा था। यह विरासत आने वाली पीढ़ियों को महात्मा गांधी के विचारों, संघर्ष और देश के स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ने का काम करती रहेगी।

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