गोरखपुर में टिकट कटने से नाराज डॉ. संजयन त्रिपाठी ने BJP का झंडा हटाया, निर्दलीय लड़ेंगे चुनाव

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रिपोर्ट – डिजिटल उप्रन्यूज़

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव 2026 को लेकर गोरखपुर में भारतीय जनता पार्टी के सामने एक नया राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। पार्टी से टिकट की उम्मीद लगाए बैठे वरिष्ठ नेता डॉ. संजयन त्रिपाठी ने अब निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में उतरने का ऐलान किया है। भाजपा की ओर से गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से ध्रुव कुमार त्रिपाठी को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद डॉ. संजयन त्रिपाठी ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की। नामांकन के लिए निकलने से पहले उन्होंने अपनी कार से भाजपा का झंडा उतार दिया। इस दौरान वह कार्यकर्ताओं के बीच भावुक भी नजर आए।

टिकट नहीं मिलने के बाद लिया निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला

भाजपा ने गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से मौजूदा विधान परिषद सदस्य ध्रुव कुमार त्रिपाठी को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। इसके बाद डॉ. संजयन त्रिपाठी ने पार्टी के फैसले से असहमति जताते हुए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने की घोषणा की। रिपोर्टों के मुताबिक, वह इस सीट से भाजपा के टिकट के प्रमुख दावेदारों में शामिल थे। इससे पहले भी उनके नाम को लेकर पार्टी के भीतर चर्चा होती रही थी।

डॉ. संजयन त्रिपाठी ने कार्यकर्ताओं के बीच अपनी राजनीतिक यात्रा और संगठन के लिए किए गए कार्यों का उल्लेख किया। इसी दौरान वह भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि टिकट नहीं मिलने के बावजूद उन्होंने लंबे समय तक संगठन के साथ काम किया। उनके इस कदम के बाद गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का मुकाबला राजनीतिक रूप से चर्चा में आ गया है।

कार से भाजपा का झंडा उतारने का वीडियो चर्चा में

टिकट विवाद के बीच डॉ. संजयन त्रिपाठी द्वारा अपनी कार से भाजपा का झंडा हटाने का घटनाक्रम चर्चा का विषय बना हुआ है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने भारी मन से पार्टी का झंडा हटाने की बात कही। इसके बाद उन्होंने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के बीच निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला सार्वजनिक किया।

उन्होंने पार्टी नेतृत्व के फैसले पर सवाल उठाते हुए कार्यकर्ताओं की भूमिका और संगठन में लंबे समय से सक्रिय लोगों की अपेक्षाओं का मुद्दा भी उठाया। हालांकि, भाजपा की ओर से टिकट वितरण को लेकर पार्टी की आधिकारिक रणनीति और निर्णय अपनी जगह है। ऐसे में आगामी चुनाव में इस घटनाक्रम का स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ स्पष्ट होगा।

पहले भी चुनाव लड़ चुके हैं डॉ. संजयन त्रिपाठी

डॉ. संजयन त्रिपाठी का इस क्षेत्र की चुनावी राजनीति से पहले भी संबंध रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार वह पूर्व में गोरखपुर-फैजाबाद खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं। 2022 में उनके भाजपा से जुड़ने का भी उल्लेख मिलता है। इससे पहले वह कांग्रेस और हिंदू युवा वाहिनी से भी जुड़े रहे हैं।

वर्ष 2023 में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले स्नातक एमएलसी चुनाव में डॉ. संजयन त्रिपाठी निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में थे और वह विजेता प्रत्याशी से करीब 3,800 मतों के अंतर से पीछे रहे थे। इससे क्षेत्र में उनकी चुनावी सक्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

ध्रुव कुमार त्रिपाठी को भाजपा ने बनाया प्रत्याशी

भाजपा ने गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से ध्रुव कुमार त्रिपाठी को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक ध्रुव त्रिपाठी इस सीट से लगातार तीन बार चुनाव जीत चुके हैं और माध्यमिक शिक्षक संघ के शर्मा गुट से जुड़े रहे हैं। उन्हें संगठन के कई जिलाध्यक्षों का समर्थन भी प्राप्त होने की बात सामने आई है।

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर भी ध्रुव कुमार त्रिपाठी का गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के सदस्य के रूप में उल्लेख मिलता है।

23 अक्टूबर को मतदान, 27 अक्टूबर को मतगणना

गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार डॉ. संजयन त्रिपाठी ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया है। नामांकन की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर निर्धारित है, जबकि मतदान 23 अक्टूबर और मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।

इस प्रकार भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के सामने डॉ. संजयन त्रिपाठी के निर्दलीय मैदान में उतरने से चुनावी मुकाबले में एक नया आयाम जुड़ गया है। अब दोनों पक्षों की चुनावी रणनीति, शिक्षक मतदाताओं के बीच संपर्क और समर्थकों की सक्रियता पर नजर रहेगी।

गोरखपुर की इस सीट पर टिकट को लेकर सामने आया विवाद फिलहाल भाजपा के अंदर की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, चुनाव परिणाम के बारे में अभी किसी प्रकार का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी। आने वाले दिनों में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मैदान में मौजूद सभी प्रत्याशियों और उनके मुद्दों की तस्वीर और स्पष्ट होगी।