गांधी-शास्त्री जयंती पर कानपुर पुलिस ने महान विभूतियों को किया नमन, जनसेवा का लिया संकल्प
रिपोर्ट- मुकेश वर्मा
कानपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर कानपुर नगर पुलिस की ओर से श्रद्धापूर्वक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पुलिस आयुक्त कानपुर नगर ने दोनों महान विभूतियों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने महात्मा गांधी तथा लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों को अपने कार्य और व्यवहार में अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस आयुक्त ने महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा, सादगी और जनसेवा के सिद्धांतों को याद किया। वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की ईमानदारी, सादगी, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण को भी स्मरण किया गया। उन्होंने कहा कि दोनों महान विभूतियों का जीवन देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके विचार और आदर्श आज भी समाज तथा राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पुलिसकर्मियों ने लिया जनसेवा का संकल्प
गांधी जयंती और शास्त्री जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य पुलिस सेवा में जनहित और कर्तव्यनिष्ठा की भावना को और मजबूत करना रहा। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को शपथ दिलाई गई कि वे पुलिस सेवा को केवल नौकरी अथवा सरकारी दायित्व के रूप में नहीं, बल्कि जनता की सेवा के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में निभाएंगे।
पुलिसकर्मियों ने नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान और सहायता के प्रति सदैव प्रतिबद्ध रहने का संकल्प लिया। इसके साथ ही प्रत्येक परिस्थिति में अपने कर्तव्यों का पूर्ण निष्ठा, अनुशासन, समर्पण और कर्तव्यपरायणता के साथ निर्वहन करने की भावना दोहराई गई।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ आम नागरिकों के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार करना भी पुलिस सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए प्रत्येक पुलिसकर्मी को अपने आचरण और कार्यशैली के माध्यम से जनता के बीच विश्वास कायम करने का प्रयास करना चाहिए।
गांधीजी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों को किया याद
कार्यक्रम में महात्मा गांधी के जीवन और उनके विचारों को विशेष रूप से याद किया गया। सत्य और अहिंसा को गांधीजी के जीवन का मूल आधार माना जाता है। उन्होंने अपने विचारों और आंदोलनों के माध्यम से देशवासियों को सत्य, आत्मअनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।
पुलिस विभाग के कार्यक्रम में गांधीजी के इन्हीं आदर्शों को जनसेवा से जोड़ते हुए पुलिसकर्मियों को अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही यह संदेश दिया गया कि नागरिकों की समस्याओं को समझना और कानून के दायरे में उनकी सहायता करना पुलिस सेवा का महत्वपूर्ण दायित्व है।
लाल बहादुर शास्त्री की सादगी और ईमानदारी को किया नमन
इसी क्रम में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जीवन और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को भी याद किया गया। शास्त्री जी अपनी सादगी, ईमानदारी, अनुशासन और कर्तव्य के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते हैं। उनके सार्वजनिक जीवन से जुड़ी सादगी और जिम्मेदारी की भावना आज भी लोगों के लिए प्रेरणादायक मानी जाती है।
कानपुर पुलिस के कार्यक्रम में अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा के साथ निभाने का संकल्प लिया। इसके अलावा राष्ट्रहित और जनहित को प्राथमिकता देने की भावना को भी दोहराया गया।
पुलिस-जनता के बीच विश्वास को बताया महत्वपूर्ण
कार्यक्रम के दौरान पुलिस आयुक्त ने पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर समन्वय तथा विश्वास को कानून-व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया कि वे नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करें और उनकी समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनें।
उन्होंने कहा कि पुलिस का व्यवहार जनता के बीच विभाग की छवि और विश्वास को प्रभावित करता है। ऐसे में प्रत्येक पुलिसकर्मी की जिम्मेदारी है कि वह अपने कार्यों के माध्यम से कानून के प्रति सम्मान और पुलिस के प्रति विश्वास की भावना को मजबूत करे।
इसके साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने दायित्वों के प्रति सजग रहने तथा हर परिस्थिति में अनुशासन बनाए रखने का संदेश दिया गया। पुलिस सेवा में समयबद्धता, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता को आवश्यक गुण बताते हुए इन मूल्यों को व्यवहार में उतारने पर जोर दिया गया।
अधिकारियों और कर्मचारियों की रही मौजूदगी
कानपुर नगर पुलिस की ओर से आयोजित गांधी-शास्त्री जयंती कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में अपर पुलिस आयुक्त, मुख्यालय/अपराध, पुलिस उपायुक्त, मुख्यालय, अपर पुलिस उपायुक्त, मुख्यालय/CAW, सहायक पुलिस आयुक्त, सीसामऊ/आंकिक सहित अन्य अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सभी ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही उनके बताए मार्ग पर चलने और पुलिस सेवा को ईमानदारी, अनुशासन तथा कर्तव्यनिष्ठा के साथ निभाने का संकल्प दोहराया।
नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने देश की सेवा, कानून के पालन तथा नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की भावना दोहराई। उन्होंने संकल्प लिया कि जरूरत के समय आम नागरिकों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहेंगे और अपने दायित्वों का निष्पक्षता एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करेंगे।
गांधी जयंती और शास्त्री जयंती का यह आयोजन केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पुलिस सेवा में सत्य, अनुशासन, सादगी, ईमानदारी और जनसेवा जैसे मूल्यों को मजबूत करने का संदेश भी दिया गया। दोनों महान विभूतियों के जीवन से प्रेरणा लेते हुए पुलिसकर्मियों ने नागरिकों की सुरक्षा और सेवा को अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी मानकर कार्य करने का संकल्प लिया।

