फतेहपुर डीएम कार्यालय के सामने युवक ने किया आत्महानि का प्रयास, सुरक्षा कर्मियों ने समय रहते रोका
रिपोर्ट – अशोक सिंह
फतेहपुर: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में उस समय अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, जब जिलाधिकारी कार्यालय के सामने एक युवक ने खुद को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। मौके पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए युवक को समय रहते रोक लिया। इसके बाद सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए ले गई।
बताया जा रहा है कि युवक धाता थाना क्षेत्र के नरसिंहपुर कबरहा गांव का रहने वाला बृजेश कुमार आजाद है। उसने खुद को भीम आर्मी भारत एकता मिशन का खागा विधानसभा अध्यक्ष बताया। युवक का कहना है कि वह पिछले करीब तीन वर्षों से अपने भाई की हत्या और जमीन से जुड़े विवाद में न्याय की मांग को लेकर अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहा है। उसका आरोप है कि कई स्तरों पर शिकायत करने के बावजूद उसे अब तक अपेक्षित न्याय नहीं मिल सका।
डीएम कार्यालय के सामने पहुंचा था युवक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार को बृजेश कुमार आजाद अपनी शिकायत को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचा था। इसी दौरान जिलाधिकारी कार्यालय के सामने उसने खुद को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों की नजर पड़ते ही उन्होंने तत्काल हस्तक्षेप किया और युवक को रोक लिया।
सुरक्षा कर्मियों की तत्परता के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों ने राहत की सांस ली। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवक को अपने साथ ले गई। पुलिस अब युवक से घटना और उसके द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
भाई की हत्या और जमीन विवाद का मामला
बृजेश कुमार आजाद के अनुसार, वर्ष 2023 में उसके भाई श्याम कुमार की हत्या हुई थी। युवक का दावा है कि इस मामले में न्याय पाने के लिए वह लगातार अधिकारियों से संपर्क करता रहा है। उसका कहना है कि मामले में अंतिम गवाही भी पूरी हो चुकी है और अब फैसले का इंतजार है।
युवक ने आरोप लगाया कि इसी मामले में समझौता करने के लिए उस पर दबाव बनाया जा रहा है। उसके मुताबिक, उसे लगातार परेशान किया जा रहा है और इस वजह से वह काफी समय से अधिकारियों से कार्रवाई की मांग कर रहा था।
हालांकि, भाई की हत्या, समझौते के दबाव और अन्य आरोपों की वास्तविक स्थिति पुलिस और संबंधित जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल युवक की ओर से लगाए गए आरोपों को पुलिस द्वारा दर्ज शिकायत और जांच के संदर्भ में देखा जा रहा है।
मारपीट और रुपये छीनने का भी आरोप
युवक ने अपने आरोपों में यह भी कहा कि समझौते के लिए दबाव बनाने के दौरान उसके साथ मारपीट की गई और रुपये छीन लिए गए। इसके अलावा उसने धमकी मिलने का भी दावा किया है। बृजेश का कहना है कि इन परिस्थितियों के चलते उसे अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
इन आरोपों के संबंध में पुलिस की ओर से विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवक द्वारा बताए गए घटनाक्रम और पूर्व में दर्ज मामलों से जुड़े तथ्य क्या हैं। जांच के दौरान संबंधित लोगों के बयान और उपलब्ध दस्तावेजों को भी देखा जा सकता है।
तीन साल से अधिकारियों के चक्कर लगाने का दावा
बृजेश कुमार का कहना है कि वह करीब तीन वर्षों से अपने भाई की हत्या और जमीन विवाद से जुड़े मामले में कार्रवाई की मांग कर रहा है। उसका आरोप है कि उसने चौकी, थाना और जिले के अधिकारियों के स्तर पर अपनी शिकायत पहुंचाई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका।
दरअसल, लंबे समय तक किसी शिकायत का समाधान नहीं होने की स्थिति में फरियादी कई बार उच्च अधिकारियों से संपर्क करते हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन की ओर से शिकायत के तथ्यों की जांच और संबंधित विभाग से रिपोर्ट लेने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
वहीं, इस घटना के बाद एक बार फिर कलेक्ट्रेट परिसर में आने वाले फरियादियों की शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनने की आवश्यकता पर चर्चा शुरू हो गई है।
पुलिस कर रही मामले की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और युवक को अपने साथ ले गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, युवक से पूछताछ कर उसके आरोपों और घटना के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि युवक की शिकायत तथा उसके द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जाएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी देखेगी कि भाई की हत्या से संबंधित पुराना मामला किस स्थिति में है और जमीन विवाद से जुड़े आरोपों का क्या आधार है।
शिकायतों के समाधान पर रहेगा प्रशासन का फोकस
कलेक्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक परिसर में हुई इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता जरूरी हो गई है। साथ ही, फरियादियों की शिकायतों को सुनने और उन्हें उचित प्रक्रिया की जानकारी देने पर भी ध्यान दिया जाना महत्वपूर्ण है।
फिलहाल पुलिस की जांच पूरी होने और संबंधित मामलों के दस्तावेज सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। प्रशासन की ओर से भी शिकायत के तथ्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
कुल मिलाकर, फतेहपुर कलेक्ट्रेट में हुई इस घटना ने भाई की हत्या और जमीन विवाद से जुड़े युवक के लंबे समय से चल रहे शिकायत संबंधी दावे को सामने ला दिया है। सुरक्षा कर्मियों की तत्परता से स्थिति को तत्काल नियंत्रित किया गया। अब पुलिस और प्रशासन के सामने युवक की शिकायतों की जांच कर तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई करने की जिम्मेदारी है।

