एसडीएम के आदेश के बाद भी रिपोर्ट नहीं लगा रहा लेखपाल, फसल बर्बादी के मामले में न्याय के लिए भटक रही पीड़िता
रिपोर्ट: अशोक सिंह
फतेहपुर/खागा। खागा तहसील क्षेत्र के कटोंघन गांव में खेत की फसल बर्बाद होने के मामले में प्रशासनिक कार्रवाई में देरी का आरोप सामने आया है। पीड़िता आशा देवी का कहना है कि खेत में खड़ी फसल पर कथित रूप से दवा का छिड़काव कर उसे नष्ट कर दिया गया। मामले की शिकायत उपजिलाधिकारी खागा से किए जाने के बाद एसडीएम ने संबंधित हल्का लेखपाल को मौके पर जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, पीड़िता का आरोप है कि आदेश के कई दिन बीत जाने के बावजूद लेखपाल ने न तो मौके का निरीक्षण किया और न ही रिपोर्ट प्रस्तुत की।
पीड़िता के अनुसार, वह अपनी कृषि भूमि पर फसल तैयार कर रही थी। इसी दौरान विपक्षी हरपाल सिंह द्वारा कथित रूप से खेत में खड़ी फसल पर ऐसी दवा का छिड़काव किया गया, जिससे फसल सूखकर खराब हो गई। फसल नष्ट होने के बाद आशा देवी ने मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की और नुकसान की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की।
एसडीएम से की थी शिकायत
फसल खराब होने के बाद पीड़िता ने उपजिलाधिकारी खागा के समक्ष प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की जानकारी दी। प्रार्थना पत्र में उसने खेत का स्थलीय निरीक्षण कराकर फसल को हुए नुकसान की जांच कराने की मांग की। इसके बाद एसडीएम खागा की ओर से संबंधित हल्का लेखपाल को मौके पर जाकर जांच करने और अपनी आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए जाने की बात सामने आई है।
हालांकि, पीड़िता का कहना है कि आदेश के बाद भी निर्धारित प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। कई दिन बीत जाने के बावजूद मौके का निरीक्षण नहीं होने से वह परेशान है। उसका कहना है कि वह तहसील और पुलिस अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रही है, लेकिन उसे अभी तक मामले में अपेक्षित कार्रवाई की जानकारी नहीं मिल सकी है।
जांच रिपोर्ट नहीं लगने से बढ़ी परेशानी
पीड़िता आशा देवी के मुताबिक, खेत की फसल खराब होने से उसे आर्थिक नुकसान हुआ है। ऐसे में वह चाहती है कि संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति की जांच करें और नुकसान का आकलन किया जाए। इसके अलावा, शिकायत में लगाए गए आरोपों की भी निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
पीड़िता का आरोप है कि जांच रिपोर्ट समय पर नहीं लगने के कारण उसकी शिकायत आगे नहीं बढ़ पा रही है। वहीं, मामले में वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। इसलिए वह प्रशासन से जल्द मौके का निरीक्षण कराकर रिपोर्ट तैयार कराने की मांग कर रही है।
विपक्षी पर लगाए आरोप
आशा देवी ने विपक्षी हरपाल सिंह पर रंजिश के चलते उसकी फसल को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। पीड़िता का यह भी कहना है कि मामले को लेकर उसे परेशान किया जा रहा है और धमकियां मिलने की शिकायत भी उसने की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासनिक जांच और संबंधित पक्षों के बयान के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मामले में यह भी महत्वपूर्ण है कि यदि फसल को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने का आरोप सही पाया जाता है, तो संबंधित विभाग और पुलिस की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल पीड़िता प्रशासन से निष्पक्ष जांच और समयबद्ध कार्रवाई की मांग कर रही है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से की हस्तक्षेप की मांग
मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों ने भी फतेहपुर जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी पीड़ित की शिकायत पर जांच के आदेश दिए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी को समय पर मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी चाहिए, ताकि शिकायत का निस्तारण हो सके।
ग्रामीणों ने मांग की है कि जिलाधिकारी मामले का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों से जांच की स्थिति की जानकारी लें। साथ ही, यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए और पीड़िता की शिकायत का निष्पक्ष तरीके से निस्तारण कराया जाए।
पीड़िता को जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल कटोंघन गांव की आशा देवी को जांच रिपोर्ट का इंतजार है। उसका कहना है कि फसल नष्ट होने के कारण उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है और वह चाहती है कि प्रशासन मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति की जांच करे। इसके साथ ही, यदि जांच में फसल को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
मामले में अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच पर है। लेखपाल की ओर से मौके का निरीक्षण और रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के बाद ही फसल को हुए नुकसान तथा लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी। फिलहाल पीड़िता ने उच्च अधिकारियों से मामले में शीघ्र कार्रवाई कर उसे राहत दिलाने की मांग की है।

