कानपुर जलकल विभाग में करोड़ों के वाहन हो रहे क्षतिग्रस्त, अब कर्मचारी संघ ने प्रमुख सचिव नगर विकास से की शिकायत
रिपोर्ट – सर्वेश सोनू शर्मा
कानपुर: कानपुर नगर निगम के जलकल विभाग में नए खरीदे गए सरकारी वाहनों के रखरखाव को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। उत्तर प्रदेश संयुक्त वाहन चालक, कर्मचारी संघ (संबद्ध भारतीय मजदूर संघ) ने आरोप लगाया है कि विभाग की अनदेखी के कारण करोड़ों रुपये की लागत से खरीदे गए कई वाहन छोटी-छोटी तकनीकी खराबियों के बावजूद लंबे समय से खड़े हैं। समय पर मरम्मत, पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन), फिटनेस और बीमा जैसी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी न होने से ये वाहन धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, जिससे सरकारी धन और विभागीय संसाधनों का नुकसान हो रहा है।
संघ का कहना है कि इस संबंध में कई बार विभागीय अधिकारियों को लिखित रूप से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद संगठन ने मामले को उच्च स्तर तक पहुंचाते हुए प्रमुख सचिव नगर विकास को पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है।
लंबे समय से उठाई जा रही हैं समस्याएं
उत्तर प्रदेश संयुक्त वाहन चालक, कर्मचारी संघ के अनुसार, जलकल विभाग से संबंधित कई समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं। संगठन का कहना है कि उसने विभाग की विभिन्न प्रशासनिक एवं तकनीकी समस्याओं के साथ-साथ नए वाहनों की देखभाल का मुद्दा भी कई बार उठाया है।
संघ के प्रतिनिधियों का कहना है कि विभाग के पास उपलब्ध कुछ नए वाहन मामूली तकनीकी खराबियों के कारण उपयोग में नहीं लाए जा रहे हैं। यदि इन खराबियों को समय रहते ठीक करा दिया जाए तो वाहन पुनः विभागीय कार्यों में लगाए जा सकते हैं। हालांकि, ऐसा न होने से वाहन लंबे समय तक खुले या निष्क्रिय अवस्था में खड़े रहने के कारण उनकी स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
रजिस्ट्रेशन, फिटनेस और बीमा कराने की भी उठी मांग
कर्मचारी संघ ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि कई वाहनों का रजिस्ट्रेशन, फिटनेस प्रमाणपत्र और बीमा जैसी आवश्यक प्रक्रियाएं भी पूरी नहीं कराई गई हैं। संगठन का कहना है कि इन औपचारिकताओं के अभाव में वाहन विभागीय कार्यों में पूरी क्षमता के साथ उपयोग नहीं किए जा सकते।
इसके अलावा, समय पर बीमा और फिटनेस न होने की स्थिति में भविष्य में विभाग को अतिरिक्त आर्थिक भार उठाना पड़ सकता है। इसलिए संगठन ने मांग की है कि सभी लंबित प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए।
महाप्रबंधक पर लगाया अनदेखी का आरोप
संघ ने जलकल विभाग के महाप्रबंधक आनंद त्रिपाठी पर समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। संगठन का कहना है कि कई बार लिखित और मौखिक रूप से जानकारी देने के बावजूद वाहन रखरखाव और अन्य मांगों पर अपेक्षित निर्णय नहीं लिया गया।
संघ का दावा है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाते तो करोड़ों रुपये की लागत से खरीदे गए वाहनों को नुकसान से बचाया जा सकता था। संगठन के अनुसार, यह मामला केवल वाहनों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे सरकारी संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर भी प्रश्न खड़े होते हैं।
नगर आयुक्त को भी भेजा गया था पत्र
उत्तर प्रदेश संयुक्त वाहन चालक, कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार ने बताया कि 27 जून 2026 को संगठन ने नगर आयुक्त कानपुर को भी पत्र की प्रति भेजकर स्थिति से अवगत कराया था।
पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि यदि विभागीय स्तर पर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो संगठन शासन स्तर पर मामला उठाने के लिए बाध्य होगा। संगठन का कहना है कि निर्धारित समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण अब मामले को प्रमुख सचिव नगर विकास के समक्ष रखा गया है।
प्रमुख सचिव नगर विकास से हस्तक्षेप की मांग
शुक्रवार को संगठन ने प्रमुख सचिव नगर विकास को विस्तृत पत्र भेजते हुए पूर्व में किए गए पत्राचार की प्रतियां भी संलग्न की हैं। संगठन ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए और जलकल विभाग में लंबित समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं।
संगठन का कहना है कि यदि वाहनों की समय पर मरम्मत, रजिस्ट्रेशन, फिटनेस और बीमा की प्रक्रिया पूरी कर दी जाती है तो विभाग की कार्यक्षमता में भी सुधार होगा और सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा।
विभागीय कार्यों पर भी पड़ सकता है प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी सरकारी विभाग में वाहन महत्वपूर्ण संसाधन होते हैं। जलापूर्ति, पाइपलाइन मरम्मत, आपातकालीन सेवाओं और फील्ड निरीक्षण जैसे कार्यों के लिए वाहनों की उपलब्धता आवश्यक होती है।
यदि वाहन लंबे समय तक अनुपयोगी पड़े रहते हैं, तो विभागीय कार्यों की गति प्रभावित हो सकती है। साथ ही, लंबे समय तक खड़े रहने से वाहनों के इंजन, बैटरी, टायर और अन्य यांत्रिक हिस्सों में भी खराबी आने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे भविष्य में मरम्मत पर अधिक खर्च करना पड़ सकता है।
संगठन ने त्वरित कार्रवाई की मांग दोहराई
कर्मचारी संघ ने कहा है कि उसका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि विभागीय संसाधनों की सुरक्षा और कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराना है। संगठन ने अपेक्षा जताई है कि शासन स्तर पर मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही संगठन ने यह भी कहा कि यदि समय रहते समाधान हो जाता है, तो विभाग को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकेगा और सरकारी वाहनों का उपयोग जनहित के कार्यों में प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
कानपुर जलकल विभाग में सरकारी वाहनों के रखरखाव को लेकर कर्मचारी संघ द्वारा उठाए गए सवाल प्रशासनिक व्यवस्था और संसाधन प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रमुख सचिव नगर विकास और संबंधित विभाग इस शिकायत पर क्या निर्णय लेते हैं।
यदि समय पर आवश्यक कदम उठाए जाते हैं, तो न केवल सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि विभाग की कार्यक्षमता और जनसेवा की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिल सकता है।

