23 करोड़ की लागत से बदलेगा मथुरा का जवाहर बाग, श्रीकृष्ण लीला थीम पर बनेगा वेस्ट टू वंडर पार्क

45

रिपोर्ट- योगेश मिश्रा

मथुरा। ब्रजभूमि मथुरा में पर्यटन और नागरिक सुविधाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। सिविल लाइंस स्थित राजकीय उद्यान जवाहर बाग का लगभग 23 करोड़ रुपये की लागत से कायाकल्प किया जाएगा। वैश्विक नगर सृजन योजना के अंतर्गत प्रस्तावित इस परियोजना में जवाहर बाग को आधुनिक सुविधाओं से युक्त ‘वेस्ट टू वंडर पार्क’ के रूप में विकसित करने की योजना है। खास बात यह है कि पार्क का विकास श्रीकृष्ण लीला थीम पर किया जाएगा, जिसमें ब्रज संस्कृति और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को आकर्षक स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

परियोजना को लेकर नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने जवाहर बाग का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों के साथ पूरे पार्क का भ्रमण किया और प्रस्तावित विकास कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान जिला उद्यान अधिकारी, मुख्य अभियंता निर्माण, सहायक अभियंता निर्माण सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित होगा पार्क

प्रस्तावित विकास की सबसे बड़ी विशेषता इसका श्रीकृष्ण लीला थीम पर आधारित होना है। योजना के तहत पार्क में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनकी विभिन्न लीलाओं को कलात्मक एवं रचनात्मक तरीके से प्रदर्शित किया जाएगा। इसके लिए अलग-अलग थीम आधारित संरचनाएं, कलाकृतियां और आकर्षक इंस्टॉलेशन तैयार किए जाने की योजना है।

पार्क में श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप से लेकर गोकुल की बाल लीलाओं तक के प्रसंगों को स्थान दिया जाएगा। इसके अलावा माखन चोरी, गोवर्धन लीला, कालिया नाग मर्दन और रासलीला जैसे प्रमुख प्रसंग भी लोगों को देखने को मिल सकते हैं। वहीं, कंस वध, श्रीकृष्ण का मथुरा आगमन और द्वारका नगरी से जुड़े प्रसंगों को भी थीम आधारित संरचनाओं के माध्यम से दर्शाने की योजना है।

इस प्रकार जवाहर बाग को केवल एक सामान्य पार्क के रूप में विकसित करने के बजाय इसे ब्रज की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इससे यहां आने वाले लोगों को मनोरंजन के साथ-साथ ब्रज संस्कृति और श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े प्रसंगों को जानने का अवसर भी मिलेगा।

वेस्ट टू वंडर की अवधारणा से मिलेगा पर्यावरण संरक्षण का संदेश

जवाहर बाग के प्रस्तावित विकास में वेस्ट टू वंडर पार्क की अवधारणा भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके तहत अनुपयोगी और अपशिष्ट सामग्री का रचनात्मक उपयोग करते हुए आकर्षक कलाकृतियां और थीम आधारित संरचनाएं तैयार की जाएंगी।

इस पहल के जरिए एक ओर जहां पार्क को नया और आकर्षक स्वरूप मिलेगा, वहीं दूसरी ओर लोगों को अपशिष्ट प्रबंधन, पुनर्चक्रण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा। इस तरह परियोजना में धार्मिक एवं सांस्कृतिक थीम के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी शामिल रहेगा।

हरित क्षेत्रों और नर्सरी को सुरक्षित रखने पर जोर

स्थलीय निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने पार्क में मौजूद नर्सरी और अन्य आवश्यक हरित क्षेत्रों को यथासंभव सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को संशोधित लेआउट तैयार करने के लिए कहा, ताकि विकास कार्यों के साथ मौजूदा हरियाली का भी संरक्षण किया जा सके।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जवाहर बाग का विकास केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसके बजाय इसे शहरवासियों के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक, आकर्षक और उपयोगी सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित किया जाए। इसलिए प्रस्तावित योजना में हरित क्षेत्र और पर्यावरणीय संतुलन को भी महत्व दिया जा रहा है।

नागरिकों के लिए मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

प्रस्तावित विकास योजना में पार्क में आने वाले नागरिकों और पर्यटकों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाएगा। इसके तहत आकर्षक लैंडस्केपिंग, बैठने की व्यवस्था, पैदल पथ और प्रकाश व्यवस्था जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही स्वच्छता और अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाओं को भी परियोजना का हिस्सा बनाया जाएगा।

इससे पार्क में सुबह-शाम टहलने आने वाले स्थानीय लोगों के साथ परिवार के साथ घूमने आने वाले लोगों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। वहीं, मथुरा आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए भी यह एक नया आकर्षण बन सकता है।

अक्टूबर के प्रथम सप्ताह से शुरू हो सकते हैं विकास कार्य

नगर आयुक्त ने संबंधित कार्यदायी संस्था को आवश्यक NOC और अन्य औपचारिकताएं जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अक्टूबर माह के प्रथम सप्ताह से विकास कार्य शुरू करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

उन्होंने परियोजना में गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। इसके अलावा विकास कार्यों के दौरान पार्क की मौजूदा संरचनाओं और हरित क्षेत्रों को भी यथासंभव सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया।

ब्रज संस्कृति और आधुनिकता का होगा संगम

जवाहर बाग का प्रस्तावित कायाकल्प मथुरा की सांस्कृतिक पहचान को आधुनिक नगरीय सुविधाओं के साथ जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना के रूप में देखा जा रहा है। श्रीकृष्ण लीला, ब्रज संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक पार्क सुविधाओं को एक ही स्थान पर समाहित करने की योजना है।

परियोजना पूरी होने के बाद जवाहर बाग स्थानीय नागरिकों के लिए मनोरंजन और विश्राम का बेहतर स्थान बनने के साथ-साथ मथुरा आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन सकता है। विशेष रूप से श्रीकृष्ण की लीलाओं को थीम आधारित स्वरूप में प्रस्तुत किए जाने से ब्रज की सांस्कृतिक विरासत को नए अंदाज में सामने लाने का अवसर मिलेगा।