आयुर्वेद दिवस पर धन्वंतरि पूजन, चिकित्सा शिविर और वृक्षारोपण, स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद अपनाने का आह्वान

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रिपोर्ट: विशाल मिश्रा

कानपुर देहात। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर बुधवार को 50 शैय्या आयुष एकीकृत चिकित्सालय, बनार अलीपुर, अकबरपुर में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के प्रति लोगों को जागरूक करना और स्वस्थ जीवनशैली के लिए इसके महत्व को जन-जन तक पहुंचाना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान धन्वंतरि के पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ हुई।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार की महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने भगवान धन्वंतरि का विधिवत पूजन कर दीप प्रज्वलित किया। इसके बाद उन्होंने चिकित्सालय परिसर में वृक्षारोपण भी किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, लाभार्थी और अन्य प्रतिभागी मौजूद रहे।

स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद पर जोर

इस वर्ष आयुर्वेद दिवस की थीम “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” रखी गई है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम में आयुर्वेद को स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए लोगों को इसके प्रति जागरूक किया गया।

राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने कहा कि आयुर्वेद भारतीय ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण धरोहर है। यह केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और रोगों की रोकथाम में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को आयुर्वेद से जोड़ा जाना चाहिए।

उन्होंने चिकित्सालयों के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया। साथ ही उन्होंने स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए लोगों को प्रेरित किया।

सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित हो रहीं गतिविधियां

आयुर्वेद दिवस के अवसर पर जिले में विभिन्न स्तरों पर जागरूकता और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियां आयोजित की गईं। सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 11 और 18 सितंबर को खंड स्तर पर आयोजित ग्राम चौपालों में चिकित्सा शिविर लगाए गए।

इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और ऋतुचर्या के बारे में जानकारी दी गई। इसके अलावा योग, निवारक स्वास्थ्य देखभाल, हेल्दी एजिंग और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम के उपायों के बारे में भी लोगों को जागरूक किया गया।

इसके साथ ही 19 सितंबर को औषधीय पौधों का रोपण किया गया और आयुष वाटिकाओं के विकास की दिशा में पहल की गई। इस तरह आयुर्वेद दिवस को केवल एक दिवसीय कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए पूरे अभियान के माध्यम से लोगों को आयुर्वेद और स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

चिकित्सा शिविर में लोगों को मिली स्वास्थ्य सेवाएं

मुख्य कार्यक्रम 50 शैय्या आयुष एकीकृत चिकित्सालय, बनार अलीपुर में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. बृजेश आर्य के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान संगोष्ठी और सेमिनार के माध्यम से आयुर्वेद की उपयोगिता पर चर्चा की गई।

इसके अलावा लोगों के लिए नाड़ी परीक्षण और प्रकृति परीक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई गई। चिकित्सा शिविर में पहुंचे लाभार्थियों को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। कार्यक्रम के दौरान आयुर्वेद आधारित स्वास्थ्य देखभाल और जीवनशैली को लेकर भी जानकारी साझा की गई।

वहीं, विद्यार्थियों और अन्य प्रतिभागियों को आयुर्वेद के प्रति जागरूक करने के लिए निबंध और चित्रकला प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। इन गतिविधियों के जरिए बच्चों और युवाओं को भारतीय चिकित्सा परंपरा तथा स्वस्थ जीवनशैली के महत्व से जोड़ने का प्रयास किया गया।

आयुर्वेद को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली के कारण स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पहले से अधिक जरूरी हो गई है। ऐसे में संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या, योग और प्राकृतिक जीवनशैली जैसे उपायों को अपनाने पर जोर दिया गया।

साथ ही, लोगों से अपील की गई कि वे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूक रहें और आवश्यकता के अनुसार योग्य चिकित्सकों से परामर्श लें। आयुर्वेद की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के बीच समन्वय के महत्व पर भी चर्चा की गई।

कार्यक्रम के अंत में चिकित्सकों और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने आयुर्वेद दिवस के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर जागरूकता गतिविधियां चलाने पर जोर दिया।

इस अवसर पर नोडल अधिकारी डॉ. अमर सिंह, डॉ. आफताब आलम, डॉ. उमेश, डॉ. रविंद्र सिंह, डॉ. पवन सिंह, डॉ. नीलेंद्र, डॉ. रवि कुशवाह, डॉ. रोहणी सिंह, डॉ. आरती यादव, डॉ. अर्चना सरोज, फार्मासिस्ट विजयी प्रसाद सहित चिकित्सालय का स्टाफ और बड़ी संख्या में लाभार्थी उपस्थित रहे।

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