कानपुर में देशभर के ENT विशेषज्ञों का समागम, 24 से 27 सितंबर तक होगा UPAOICON 2026
रिपोर्टर – हरिशंकर शर्मा
कानपुर: चिकित्सा क्षेत्र में ईएनटी यानी कान, नाक और गले से जुड़ी आधुनिक उपचार पद्धतियों तथा हेड-नेक सर्जरी की नई तकनीकों पर मंथन के लिए कानपुर में देशभर के विशेषज्ञ जुटने जा रहे हैं। डिपार्टमेंट ऑफ ईएनटी, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर और एआईओ कानपुर के संयुक्त तत्वावधान में 43वां UPAOICON 2026 आयोजित किया जा रहा है। चार दिवसीय यह शैक्षणिक सम्मेलन 24 से 27 सितंबर 2026 तक चलेगा।
इस सम्मेलन में देश के विभिन्न हिस्सों से प्रतिष्ठित ईएनटी विशेषज्ञ, चिकित्सक, रेजिडेंट डॉक्टर और पोस्टग्रेजुएट विद्यार्थी शामिल होंगे। सम्मेलन का उद्देश्य ईएनटी एवं हेड-नेक सर्जरी के क्षेत्र में सामने आ रही नई तकनीकों, आधुनिक उपचार विधियों और व्यावहारिक शल्य-कौशल को एक मंच पर लाना है। इसके साथ ही विशेषज्ञों के अनुभवों का आदान-प्रदान भी सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य रहेगा।
24 सितंबर से शुरू होंगी प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप
एआईओ कानपुर के चेयरमैन डॉ. हरेंद्र कुमार ने प्रेसवार्ता में बताया कि UPAOICON 2026 के शुरुआती दो दिन यानी 24 और 25 सितंबर प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप के लिए निर्धारित किए गए हैं। इन कार्यशालाओं में प्रतिभागियों को ईएनटी सर्जरी से जुड़े विभिन्न विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
24 सितंबर को कैडेवरिक हैंड्स-ऑन डिसेक्शन वर्कशॉप आयोजित होगी। इसमें प्रतिभागियों को प्रत्यक्ष रूप से शल्य-कौशल का अभ्यास करने का अवसर मिलेगा। सुबह के सत्र में कान से संबंधित टेम्पोरल बोन डिसेक्शन पर प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि शाम के सत्र में नाक से संबंधित प्रक्रियाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण होगा।
आयोजकों के मुताबिक, इस तरह की हैंड्स-ऑन वर्कशॉप का उद्देश्य प्रतिभागियों को सर्जिकल तकनीकों की बारीकियों से परिचित कराना है। इससे चिकित्सक वास्तविक मरीजों के उपचार के दौरान संबंधित तकनीकों को अधिक सुरक्षित और प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए अपने कौशल को बेहतर कर सकेंगे।
25 सितंबर को जयपुर से लाइव सर्जिकल वेबकास्ट
इसके बाद 25 सितंबर को लाइव सर्जिकल वेबकास्ट का आयोजन किया जाएगा। इसका सीधा प्रसारण जयपुर से होगा। लाइव सर्जरी का संचालन डॉ. सतीश जैन, निदेशक, जैन ईएनटी हॉस्पिटल, जयपुर द्वारा किया जाएगा।
डॉ. सतीश जैन ईएनटी सर्जरी के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखने वाले चिकित्सक हैं। लाइव सर्जिकल वेबकास्ट के माध्यम से प्रतिभागियों को आधुनिक सर्जिकल प्रक्रियाओं को समझने और विशेषज्ञों के अनुभव से सीखने का अवसर मिलेगा। इस सत्र का उद्देश्य सर्जिकल तकनीकों को अधिक व्यावहारिक तरीके से समझाना है।
26 और 27 सितंबर को मुख्य सम्मेलन
प्री-कॉन्फ्रेंस गतिविधियों के बाद 26 और 27 सितंबर को UPAOICON 2026 का मुख्य सम्मेलन आयोजित होगा। इसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से आए प्रतिष्ठित ईएनटी विशेषज्ञ अपने अनुभव, शोध और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों से जुड़ी जानकारी साझा करेंगे।
मुख्य सम्मेलन के दौरान विशेषज्ञ व्याख्यानों के साथ कई विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें तीन प्रतिष्ठित ऑरेशन और एक विशेष की-नोट लेक्चर प्रमुख आकर्षण होंगे। बेंगलुरु के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. एच. विजेंद्र, एम्स ऋषिकेश के डॉ. सौरभ वार्ष्णेय और केजीएमयू लखनऊ के डॉ. अनुपम मिश्रा प्रतिष्ठित ऑरेशन प्रस्तुत करेंगे।
वहीं, कानपुर के प्रसिद्ध कोक्लियर इम्प्लांट सर्जन डॉ. रोहित मल्होत्रा विशेष की-नोट लेक्चर प्रस्तुत करेंगे। उनके व्याख्यान में ईएनटी और कोक्लियर इम्प्लांट सर्जरी से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेषज्ञ जानकारी साझा किए जाने की उम्मीद है।
एलर्जी, स्ट्रोबोस्कोपी और FEES पर विशेष प्रशिक्षण
सम्मेलन में केवल विशेषज्ञ व्याख्यान ही नहीं होंगे, बल्कि चिकित्सकों के व्यावहारिक कौशल को बढ़ाने के लिए विभिन्न इंस्ट्रक्शनल और स्किल कोर्स भी आयोजित किए जाएंगे। इनमें एलर्जी, स्ट्रोबोस्कोपी और FEES जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।
इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विशेष फोकस पोस्टग्रेजुएट विद्यार्थियों और ईएनटी के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे चिकित्सकों पर रहेगा। इसके जरिए उन्हें क्लिनिकल परिस्थितियों में उपयोग होने वाली तकनीकों और प्रक्रियाओं की व्यावहारिक समझ विकसित करने का अवसर मिलेगा।
विशेषज्ञों के मुताबिक, चिकित्सा शिक्षा में केवल सैद्धांतिक जानकारी पर्याप्त नहीं होती। इसलिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम चिकित्सकों को नई तकनीकों को समझने और उन्हें व्यावहारिक परिस्थितियों से जोड़ने में मदद करते हैं।
ज्ञान, कौशल और नवाचार को एक मंच पर लाने का प्रयास
आयोजकों का कहना है कि 43वां UPAOICON 2026 केवल व्याख्यानों तक सीमित सम्मेलन नहीं है। इसका उद्देश्य Knowledge, Skill and Innovation को एक ही मंच पर लाना है। चार दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में विशेषज्ञों और युवा चिकित्सकों के बीच संवाद को भी महत्व दिया जाएगा।
इसके अलावा, पोस्टग्रेजुएट विद्यार्थियों को देश के अनुभवी ईएनटी विशेषज्ञों से सीधे सीखने और अपने सवालों पर चर्चा करने का अवसर मिलेगा। वहीं, अनुभवी चिकित्सकों के लिए नई तकनीकों और उपचार पद्धतियों से संबंधित जानकारी साझा करने का मंच उपलब्ध होगा।
कुल मिलाकर, कानपुर में आयोजित होने जा रहा UPAOICON 2026 ईएनटी एवं हेड-नेक सर्जरी के क्षेत्र में ज्ञान और व्यावहारिक प्रशिक्षण के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण आयोजन बनने जा रहा है। 24 से 27 सितंबर तक चलने वाले इस सम्मेलन में वर्कशॉप, लाइव सर्जिकल वेबकास्ट, विशेषज्ञ व्याख्यान, ऑरेशन, की-नोट लेक्चर और स्किल कोर्स के जरिए चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञों तथा विद्यार्थियों को सीखने और अनुभव साझा करने का अवसर मिलेगा।

