अमरोहा में लगातार जारी है आम के पेड़ों का कटान, एसडीएम ने पकड़ी जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली – पढ़िए कहां?

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रिपोर्ट – इकबाल अंसारी 

अमरोहा: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में हरे-भरे आम के पेड़ों के कटान का मामला सामने आया है। बछरायूं थाना क्षेत्र में गजरौला रोड स्थित एक फैक्ट्री के पीछे टीन की चादरों से घिरे परिसर में पेड़ों के कटान की सूचना मिलने पर प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। मामले की जानकारी मिलने के बाद मंडी धनौरा के एसडीएम शैलेश कुमार दुबे टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहां कटे हुए पेड़ों की लकड़ी, कटर मशीनें और अन्य उपकरण मिले। ताजा स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, मौके पर जेसीबी और लकड़ी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली भी मिली थी।

घटना के बाद वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में चर्चा है। वहीं, जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ ने मामले में दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की बात कही है। जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर भी नितिन गौड़ को अमरोहा का जिलाधिकारी दर्शाया गया है।

टीन की आड़ में पेड़ों के कटान का मामला

बताया गया कि बछरायूं थाना क्षेत्र में गजरौला रोड पर एक फैक्ट्री के पीछे टीन की बाउंड्री बनाई गई है। इसी परिसर के अंदर आम के पेड़ों के कटान की सूचना प्रशासन को मिली थी। सूचना के बाद एसडीएम धनौरा शैलेश कुमार दुबे प्रशासनिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे।

मौके पर पहुंचने पर अधिकारियों को कटे हुए पेड़ों की लकड़ी दिखाई दी। इसके साथ ही पेड़ काटने में इस्तेमाल होने वाली कटर मशीनें और अन्य सामान भी वहां मौजूद मिला। प्रशासन की कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद लोगों में हलचल मच गई।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, लकड़ी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को वहां से हटाने का प्रयास किया गया। हालांकि, प्रशासनिक टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे रोक लिया। स्थानीय रिपोर्ट में भी बताया गया है कि टीम ने लकड़ी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को मौके पर रोका था।

एसडीएम की कार्रवाई से मचा हड़कंप

पेड़ों के कटान की सूचना पर एसडीएम के मौके पर पहुंचने के बाद कार्रवाई तेज हुई। बताया गया कि वहां एक जेसीबी भी मौजूद थी। प्रशासनिक टीम ने जेसीबी को भी पकड़ लिया। इसके अलावा लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में लेकर वन विभाग के सुपुर्द किए जाने की जानकारी सामने आई है।

इस दौरान अधिकारियों ने मौके की स्थिति का जायजा लिया और पेड़ों के कटान से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई। मौके पर मिले उपकरण और लकड़ी मामले की जांच में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

हालांकि, घटना से जुड़ी आगे की कार्रवाई को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। स्थानीय स्तर पर यह आरोप लगाया गया है कि बाद में जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली को छोड़ दिया गया तथा मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए मामले में प्रशासन और संबंधित विभाग की जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

वन विभाग की भूमिका भी महत्वपूर्ण

पेड़ों के कटान से जुड़े इस मामले में वन विभाग की भूमिका भी अहम हो जाती है। मौके से बरामद लकड़ी और पेड़ों की संख्या सहित अन्य तथ्यों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कटान के लिए किसी प्रकार की अनुमति थी या नहीं।

प्रशासनिक टीम द्वारा मौके से जुटाई गई जानकारी और वन विभाग की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। इसी वजह से अधिकारियों की ओर से दस्तावेजों और मौके की स्थिति का मिलान किया जाना महत्वपूर्ण है।

गौरतलब है कि अमरोहा जिले में धनौरा और आसपास का क्षेत्र प्रशासनिक और वन संबंधी मामलों को लेकर महत्वपूर्ण है। जिला प्रशासन की वेबसाइट पर धनौरा को जिले की प्रमुख तहसीलों में शामिल किया गया है।

डीएम ने कहा- दोषियों पर होगी कार्रवाई

मामले को लेकर जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ ने स्पष्ट किया है कि जो भी व्यक्ति इस मामले में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है और किसी भी दोषी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

डीएम का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पेड़ों के कटान और मौके से मशीनरी मिलने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

इससे पहले भी जिले में प्रशासनिक स्तर पर भूमि और वन क्षेत्र से जुड़े मामलों में जांच और कार्रवाई की बात सामने आती रही है। मंडी धनौरा क्षेत्र में वन भूमि से जुड़े एक अन्य मामले में भी एसडीएम स्तर से मौके की जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी।

जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर

फिलहाल आम के पेड़ों के कटान के इस मामले में प्रशासन और संबंधित विभाग की जांच जारी है। मौके से मिली लकड़ी, कटर मशीनें, जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित अन्य तथ्यों को जांच के दायरे में रखा गया है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पेड़ों का कटान किस अनुमति के तहत किया गया और इसके लिए संबंधित विभाग से आवश्यक स्वीकृति ली गई थी या नहीं। इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

वहीं, प्रशासन की ओर से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के आश्वासन के बाद स्थानीय लोगों की नजर अब आगे होने वाली कार्रवाई पर है। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

इस पूरे मामले में फिलहाल प्रशासनिक जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई का इंतजार है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

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