कानपुर के घाटमपुर संपूर्ण समाधान दिवस में 227 शिकायतें पहुंचीं, 16 का मौके पर निस्तारण; 46 दिव्यांगों को प्रमाण पत्र
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कानपुर: जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को घाटमपुर तहसील परिसर में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें तहसील क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों से लोग अपनी समस्याएं और शिकायतें लेकर पहुंचे। अधिकारियों के समक्ष कुल 227 प्रकरण प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 16 मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया। वहीं, शेष शिकायतों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारित करने के निर्देश दिए गए।
समाधान दिवस के दौरान प्रशासन की ओर से दिव्यांगजनों के लिए विशेष शिविर भी लगाया गया। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों के बोर्ड ने 69 दिव्यांगजनों का परीक्षण किया। इनमें से 46 लोगों के यूडीआईडी कार्ड बनाए गए और उन्हें मौके पर ही दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इसके अलावा 19 लोगों को आवश्यक जांच के लिए रेफर किया गया, जबकि चार आवेदन निरस्त किए गए।
शिकायतों के निस्तारण पर डीएम ने दिया जोर
संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों को केवल संबंधित विभाग को भेजकर औपचारिकता पूरी न की जाए। प्रत्येक प्रकरण का गंभीरता से परीक्षण करते हुए निर्धारित समय के भीतर गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि शासनादेश में शिकायतों के निस्तारण के लिए निर्धारित सात दिन की समय-सीमा का पालन किया जाना चाहिए। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को लंबित मामलों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि समाधान दिवस में प्राप्त प्रकरणों की प्रगति की वह स्वयं भी निगरानी करेंगे।
इस दौरान अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि शिकायतकर्ता को समाधान की स्थिति के बारे में उचित जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें अपनी समस्या के निस्तारण के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
राजस्व विभाग से सबसे अधिक शिकायतें
घाटमपुर तहसील में आयोजित समाधान दिवस के दौरान सबसे अधिक 98 प्रकरण राजस्व विभाग से संबंधित रहे। इसके बाद पुलिस विभाग से जुड़े 38 मामले सामने आए। विकास विभाग के 31 प्रकरण आए।
इसी तरह नगर पालिका और विद्युत विभाग से 10-10 शिकायतें प्राप्त हुईं। आपूर्ति विभाग के नौ और जल निगम से संबंधित छह प्रकरण प्रस्तुत किए गए। इसके अलावा अन्य विभागों से जुड़े मामले भी अधिकारियों के समक्ष रखे गए।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि विभागवार शिकायतों का परीक्षण करते हुए उनका समयबद्ध निस्तारण कराया जाए। विशेष रूप से राजस्व और पुलिस से संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई के साथ शिकायतकर्ताओं को राहत उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
नाम संशोधन के बाद मिली संशोधित खतौनी
समाधान दिवस में कई ऐसे मामले भी सामने आए, जिनका मौके पर ही समाधान कर शिकायतकर्ताओं को राहत दी गई। भदवारा निवासी दीपनारायण ने राजस्व अभिलेख में अपना नाम दुरुस्त कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। तहसील प्रशासन ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए नाम संशोधन की कार्रवाई की और उन्हें खतौनी की प्रति उपलब्ध करा दी।
इसी प्रकार इर्रा निवासी अरविंद कुमार के नाम में संशोधन का मामला भी सामने आया। संबंधित अभिलेखों की कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें मौके पर ही खतौनी की निशुल्क प्रति उपलब्ध कराई गई।
वहीं, भदरस निवासी रामशंकर ने खतौनी में अपने पिता का नाम संशोधित कराने की मांग की थी। मामले की आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें संशोधित खतौनी की प्रति उपलब्ध करा दी गई।
इन मामलों में शिकायतकर्ताओं को समाधान दिवस पर ही दस्तावेज उपलब्ध होने से उन्हें संबंधित कार्यालय में दोबारा जाने की आवश्यकता नहीं पड़ी।
बीमारी के उपचार के लिए आर्थिक सहायता की प्रक्रिया आगे बढ़ी
दुरौली निवासी राकेश ने बीमारी के उपचार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया। मामले में मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से बीमारी अनुदान के लिए तहसील स्तर पर जांच आख्या तैयार कर उसे जनपद स्तर पर भेज दिया गया।
इसके अलावा पड़री गंगादीन निवासी विकास कुमार सचान ने पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र के सत्यापन की जांच आख्या भेजे जाने का अनुरोध किया। संबंधित मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए सत्यापन की जांच आख्या कानपुर विकास प्राधिकरण कार्यालय भेज दी गई।
इस प्रकार समाधान दिवस में केवल शिकायतों को दर्ज करने के बजाय कई मामलों में मौके पर आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
दिव्यांगजनों के लिए विशेष शिविर में मिली सुविधाएं
संपूर्ण समाधान दिवस के साथ लगाए गए दिव्यांगजन शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों के बोर्ड ने 69 लोगों का परीक्षण किया। परीक्षण के बाद 46 दिव्यांगजनों के यूडीआईडी कार्ड बनाए गए और उन्हें मौके पर दिव्यांगता प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
वहीं, 19 दिव्यांगजनों को आगे की आवश्यक जांच के लिए रेफर किया गया। चार आवेदन निरस्त किए गए। इसके साथ ही शिविर में 90 दिव्यांगजनों का सहायक उपकरण प्राप्त करने के लिए पंजीकरण किया गया। छह दिव्यांगजनों का दिव्यांग पेंशन के लिए भी पंजीकरण कराया गया।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन और अन्य अधिकारियों ने दिव्यांगजनों को प्रमाण पत्र वितरित किए। शिविर का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आवश्यक प्रमाण पत्र और विभिन्न सरकारी सुविधाओं से संबंधित प्रक्रिया को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना रहा।
अधिकारियों की मौजूदगी में हुई सुनवाई
संपूर्ण समाधान दिवस में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी, डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी, एडीएम नागरिक आपूर्ति राजेश सिंह और एसडीएम घाटमपुर अबिचल प्रताप सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से संबंधित शिकायतों को सुना और आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए। वहीं, जिलाधिकारी ने सभी विभागों को समय-सीमा और गुणवत्ता के साथ मामलों के निस्तारण पर विशेष ध्यान देने को कहा।
कुल मिलाकर घाटमपुर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं। 16 प्रकरणों का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि अन्य मामलों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया गया। इसके साथ ही दिव्यांगजन शिविर के माध्यम से 46 लोगों को मौके पर प्रमाण पत्र मिलने से उन्हें सरकारी सुविधाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

