श्रावस्ती में महिला आबकारी सिपाही ने फूड इंस्पेक्टर पर लगाया दुष्कर्म का आरोप, शादी का झांसा देने का दावा

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रिपोर्ट- सूर्यप्रकाश शुक्ला 

श्रावस्ती: उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में एक महिला आबकारी सिपाही ने भिनगा मुख्यालय में तैनात फूड इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके अलावा उसने जबरन गर्भपात कराने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। मामले को लेकर पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक (SP) से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की है।

यह मामला भिनगा कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित जिला मुख्यालय से जुड़ा बताया जा रहा है। महिला के आरोप सामने आने के बाद पुलिस स्तर पर मामले की जांच और कार्रवाई को लेकर मामला चर्चा में है। हालांकि, आरोपों की पुष्टि जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।

सगाई के बाद शादी की तैयारी का दावा

पीड़िता के अनुसार, आरोपी फूड इंस्पेक्टर के साथ उसके रिश्ते की बात शादी तक पहुंच गई थी। दोनों की सगाई भी हो चुकी थी। पीड़िता का दावा है कि परिवारों की सहमति के बाद शादी की तारीख 7 दिसंबर तय की गई थी। इसी भरोसे के आधार पर दोनों के बीच संबंध बने।

महिला का आरोप है कि शादी का भरोसा देकर आरोपी ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। बाद में परिस्थितियां बदलने लगीं और कथित तौर पर आरोपी ने शादी से पीछे हटने का प्रयास किया। पीड़िता ने इसी को लेकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

जबरन गर्भपात कराने का भी आरोप

महिला ने फूड इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि संबंधों के दौरान वह गर्भवती हो गई थी। इसके बाद कथित तौर पर उस पर गर्भपात कराने का दबाव बनाया गया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसकी इच्छा के विरुद्ध गर्भपात कराया गया।

इसके साथ ही महिला ने आरोपी पर जानलेवा धमकी देने का भी आरोप लगाया है। उसका कहना है कि विरोध करने या मामले की शिकायत करने पर उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। इन आरोपों के कारण मामला और गंभीर हो गया है।

हालांकि, इन सभी आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच के दौरान पीड़िता के बयान, उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य संबंधित तथ्यों की जांच की जाएगी।

SP से मिलकर कार्रवाई की मांग

मामले में पीड़िता ने श्रावस्ती के पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए कार्रवाई की मांग की। पीड़िता ने पुलिस अधिकारियों के समक्ष अपने आरोप रखते हुए आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

ऐसे मामलों में शिकायत मिलने के बाद पुलिस द्वारा आरोपों की जांच की जाती है। इसके तहत पीड़िता के बयान दर्ज करने के साथ-साथ उपलब्ध दस्तावेजों, मेडिकल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है। यदि जांच में आरोपों से संबंधित पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो पुलिस नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई कर सकती है।

जिला मुख्यालय में तैनात है आरोपी

बताया जा रहा है कि जिस फूड इंस्पेक्टर पर महिला ने आरोप लगाए हैं, वह भिनगा मुख्यालय में तैनात है। आरोपी सरकारी सेवा में होने के कारण मामले को लेकर विभागीय स्तर पर भी स्थिति महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, विभागीय कार्रवाई या किसी अन्य कदम के संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने आना अभी बाकी है।

फिलहाल पुलिस के सामने मुख्य चुनौती पीड़िता द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच करना है। वहीं, आरोपी का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

जांच के बाद सामने आएगी वास्तविक स्थिति

महिला आबकारी सिपाही द्वारा लगाए गए आरोपों में शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, जबरन गर्भपात और धमकी जैसे गंभीर बिंदु शामिल हैं। इसलिए मामले में पुलिस की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच के दौरान दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी।

कानूनी रूप से भी किसी व्यक्ति पर लगे आरोपों को तब तक अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता, जब तक जांच और न्यायिक प्रक्रिया में उनकी पुष्टि न हो। इसलिए इस मामले में भी पुलिस की आधिकारिक जांच और सामने आने वाले साक्ष्यों का इंतजार रहेगा।

पीड़िता द्वारा SP से कार्रवाई की मांग किए जाने के बाद अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर नजर है। यदि शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जाती है, तो विवेचना के दौरान घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की जाएगी। वहीं, आरोपी की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है तो उससे भी स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

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