लखीमपुर खीरी में संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
रिपोर्ट- शरद अवस्थी
लखीमपुर खीरी। आमजन की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए शनिवार को तहसील मोहम्मदी में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता ने विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह की मौजूदगी में फरियादियों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। अधिकारियों ने संबंधित विभागों के अफसरों को शिकायतों का निष्पक्ष जांच के बाद समयबद्ध और गुणवत्तापरक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समाधान दिवस में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं की बात सुनने के साथ ही संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जनसमस्याओं का निस्तारण शासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। इसलिए अधिकारियों को इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं करनी चाहिए।
गरीब और जरूरतमंद लोगों को प्राथमिकता देने के निर्देश
जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई के दौरान आने वाले गरीब, जरूरतमंद और असहाय लोगों की समस्याओं को विशेष प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि पात्र लोगों को उनकी पात्रता के अनुसार शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जाए।
डीएम ने कहा कि केवल शिकायत का औपचारिक निस्तारण पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। इसके लिए संबंधित अधिकारी शिकायतकर्ता से स्वयं बातचीत करें और उसकी समस्या को समझने के बाद उचित कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पीड़ित या परेशान व्यक्ति की मनोदशा को समझते हुए उसकी भावनाओं का सम्मान किया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनशिकायतों की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाए। यदि किसी मामले में मौके पर जाकर स्थिति की जानकारी लेना आवश्यक है तो संबंधित अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर जांच करें। इसके बाद ही शिकायत का गुणवत्तापरक समाधान सुनिश्चित किया जाए।
60 शिकायतें दर्ज, सात का मौके पर निस्तारण
तहसील मोहम्मदी में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान कुल 60 शिकायती प्रार्थना पत्र पंजीकृत किए गए। इनमें से 7 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को भेजते हुए शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
प्राप्त शिकायतों में सबसे अधिक मामले राजस्व विभाग से संबंधित रहे। राजस्व विभाग से कुल 33 शिकायतें प्राप्त हुईं। इसके अलावा पुलिस विभाग से 5, विकास विभाग से 10 और विद्युत विभाग से 6 शिकायती प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए।
इसी क्रम में आपूर्ति विभाग से 2 शिकायतें दर्ज की गईं। वहीं नगर निकाय, पंचायती राज, डूडा और वन विभाग से एक-एक शिकायत प्राप्त हुई। सभी शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को पृष्ठांकित कर आवश्यक कार्रवाई के लिए उपलब्ध करा दिया गया।
भूमि विवादों में संयुक्त टीम भेजने के निर्देश
संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान भूमि से संबंधित शिकायतों को लेकर जिलाधिकारी ने विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि विवादों के मामलों में राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें मौके पर जाकर जांच करें और तथ्यों के आधार पर गुणवत्तापरक निस्तारण सुनिश्चित करें।
डीएम ने अधिकारियों से कहा कि ऐसे मामलों में केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहें, बल्कि जरूरत के अनुसार मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति की जानकारी लें। इससे शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता आएगी और फरियादियों को प्रभावी समाधान मिल सकेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतों के निस्तारण में समयबद्धता के साथ-साथ गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। यदि किसी शिकायतकर्ता को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं तो इससे जनसुनवाई की व्यवस्था का उद्देश्य प्रभावित होता है। इसलिए अधिकारियों को शिकायतों को गंभीरता से लेकर निर्धारित समय में समाधान करना चाहिए।
अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ काम करने की हिदायत
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा आम नागरिकों को त्वरित न्याय और बेहतर प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसलिए सभी अधिकारी जनसुनवाई को गंभीरता से लें और प्रत्येक शिकायत के निस्तारण की गुणवत्ता पर ध्यान दें।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि फरियादियों के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार किया जाए। विशेष रूप से गरीब और जरूरतमंद लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए। पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई करें।
डीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों को शिकायतों की निगरानी करते हुए यह सुनिश्चित करना होगा कि निस्तारण केवल रिकॉर्ड में नहीं, बल्कि वास्तविक रूप से किया गया हो।
अधिकारी रहे मौजूद
संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान तहसील स्तर से लेकर जिला स्तर तक के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में एसडीएम राजेश कुमार सिंह, अरुण कुमार सिंह, परियोजना निदेशक (पीडी) सतीश कुमार पाण्डेय सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
इस दौरान अधिकारियों ने फरियादियों की समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाया और उनके शीघ्र निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन का प्रयास रहा कि अधिक से अधिक शिकायतों का समाधान प्रभावी तरीके से किया जा सके।

