फर्रुखाबाद में कुत्ते को डंडा मारने के विवाद के बाद युवक की संदिग्ध मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
रिपोर्ट – हर्ष वर्मा
फर्रुखाबाद: फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के हुसैनपुर नौखंडा में कुत्ते को डंडा मारने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब युवक की संदिग्ध मौत के मामले तक पहुंच गया है। 30 वर्षीय संदीप की मौत के बाद परिजनों ने पड़ोस के कुछ लोगों पर मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया है। हालांकि, पोस्टमार्टम में मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आने के बाद बिसरा सुरक्षित किया गया है। ऐसे में फिलहाल मौत की वास्तविक वजह जांच और आगे की चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
परिजनों के अनुसार, घटना की शुरुआत दो दिन पहले हुई थी। बताया गया कि संदीप सुबह टहलने के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान एक कुत्ता उन पर भौंकते हुए दौड़ा। परिजनों का कहना है कि बचाव में संदीप ने लकड़ी से कुत्ते को मार दिया। इसी बात को लेकर पड़ोसियों से उनका विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद कुछ लोगों ने संदीप के साथ मारपीट की।
इसके बाद संदीप की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई। परिजन उन्हें इलाज के लिए लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद संदीप को मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस भी सक्रिय हुई और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं
पुलिस ने शव का पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम कराया। शनिवार को हुए पोस्टमार्टम में मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आने पर बिसरा सुरक्षित किया गया है। अब बिसरा जांच और पोस्टमार्टम से संबंधित रिपोर्ट के आधार पर मौत की वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है।
ऐसे मामलों में पोस्टमार्टम और चिकित्सकीय जांच की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इसी से यह पता लगाने में मदद मिलती है कि मौत किन परिस्थितियों में हुई। इसलिए फिलहाल हत्या के आरोप की पुष्टि मानना जल्दबाजी होगी। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
स्थानीय रिपोर्टों में भी संदीप की मौत के संबंध में परिजनों की ओर से मारपीट और हत्या के आरोप सामने आने की जानकारी दी गई है, जबकि पुलिस ने जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही है। (Amar Ujala)
पोस्टमार्टम के बाद कोतवाली पहुंचे परिजन
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजन शव को पोस्टमार्टम हाउस में छोड़कर फतेहगढ़ कोतवाली पहुंच गए। उनका आरोप था कि संदीप के साथ मारपीट की गई और इसी के चलते उनकी मौत हुई। परिजन आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने और कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
इसी दौरान कोतवाली गेट के सामने परिजनों ने सड़क पर जाम लगा दिया। करीब 45 मिनट तक यातायात प्रभावित रहा। जाम की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें मामले में जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया।
मौके पर पहुंचे सीओ सिटी अभय वर्मा ने परिजनों को आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन जाम खोलने के लिए राजी हुए और यातायात सामान्य कराया गया।
पुलिस जांच में सामने आएगी पूरी स्थिति
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस विवाद की शुरुआत, संदीप के साथ कथित मारपीट और उनकी तबीयत बिगड़ने के बीच की परिस्थितियों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सुरक्षित किए गए बिसरा की जांच को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वहीं, परिजनों की ओर से लगाए गए हत्या के आरोपों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के समय संदीप के साथ क्या हुआ था और उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।
इस मामले में फिलहाल दो पक्ष सामने हैं। एक ओर परिजन मारपीट के बाद मौत होने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि दूसरी ओर पुलिस जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर वास्तविक कारण स्पष्ट करने की बात कह रही है। इसलिए अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
घटना के बाद गांव में भी चर्चा का माहौल है। हालांकि, पुलिस की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, संदीप के कुत्ते को डंडा मारने के बाद पड़ोसियों से विवाद हुआ। परिजनों ने इसी विवाद को उनकी मौत से जोड़ते हुए मारपीट और हत्या का आरोप लगाया है। संदीप को अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पोस्टमार्टम कराया गया, लेकिन मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया और बिसरा सुरक्षित किया गया।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम और बिसरा जांच की रिपोर्ट के साथ अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि संदीप की मौत की वास्तविक वजह क्या थी और क्या इस मामले में किसी आपराधिक कार्रवाई की आवश्यकता है।

