श्रावस्ती में सियार का हमला, दो बुजुर्ग महिलाएं हुईं घायल; सीएचसी इकौना में किया गया भर्ती – फिर जानिये आगे हुआ क्या?

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रिपोर्ट – सूर्य प्रकाश शुक्ला 

श्रावस्ती: उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में सियार के हमले की घटना सामने आई है। नवीन मॉर्डन थाना क्षेत्र के तिलकपुर गांव में अलग-अलग स्थानों पर सियार के हमले से दो बुजुर्ग महिलाएं घायल हो गईं। दोनों महिलाएं अपने रोजमर्रा के काम के लिए घर से बाहर गई थीं। इसी दौरान अचानक सियार ने उन पर हमला कर दिया। घटना के बाद गांव में लोगों के बीच चिंता का माहौल बन गया।

परिजनों ने दोनों घायल महिलाओं को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) इकौना पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद ग्रामीणों में भी सतर्कता बढ़ गई है। स्थानीय स्तर पर लोग गांव के आसपास सियार की मौजूदगी को लेकर सावधानी बरत रहे हैं।https://digitalupnews.in/?p=13732

बकरी चराने गई थीं रीता, तभी हुआ हमला

जानकारी के अनुसार, तिलकपुर गांव निवासी रीता (65) पत्नी जगदीश रोज की तरह बकरी चराने के लिए गई थीं। बताया गया कि इसी दौरान अचानक एक सियार ने उन पर हमला कर दिया। अचानक हुई इस घटना से रीता को संभलने का मौका नहीं मिला और वह घायल हो गईं।

हमले के बाद आसपास मौजूद लोगों को घटना की जानकारी हुई। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने रीता की मदद की। उन्हें उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इकौना ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया।

फूल तोड़ने गईं बड़का पर भी सियार ने किया हमला

इसी गांव में सियार के हमले की दूसरी घटना भी सामने आई। गांव की रहने वाली बड़का (75) पत्नी रामफेरन फूल तोड़ने के लिए घर से बाहर गई थीं। इसी दौरान सियार ने उन पर भी हमला कर दिया। हमले में बड़का घायल हो गईं।

एक ही गांव में दो महिलाओं के घायल होने की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों और परिजनों में चिंता बढ़ गई। दोनों घटनाओं के बाद परिजन अपनी-अपनी घायल महिला को लेकर सीएचसी इकौना पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया।https://digitalupnews.in/?p=13734

हालिया रिपोर्ट में भी तिलकपुर गांव में सियार के हमले से रीता और बड़का के घायल होने तथा दोनों के सीएचसी इकौना में उपचार कराए जाने की जानकारी दी गई है।

एक ही गांव में दो घटनाओं से बढ़ी चिंता

तिलकपुर गांव में सियार के हमले की दो घटनाएं सामने आने के बाद ग्रामीणों में सावधानी बढ़ गई है। खासतौर पर बुजुर्गों और बच्चों को अकेले खेतों, बागों या गांव के बाहरी हिस्सों में जाने से बचने की सलाह दी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों और आसपास के खुले क्षेत्रों में जाते समय समूह में रहना अधिक सुरक्षित हो सकता है।

दरअसल, ग्रामीण इलाकों में लोग अक्सर पशुओं को चराने, चारा लाने, खेत देखने या फूल और अन्य सामग्री लेने के लिए घर से बाहर जाते हैं। ऐसे में वन्यजीवों की मौजूदगी की स्थिति में अतिरिक्त सतर्कता जरूरी हो जाती है।

ग्रामीणों में सतर्कता जरूरी

घटना के बाद ग्रामीणों के बीच सियार की गतिविधियों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। ऐसे मामलों में विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार वन्यजीव को घेरने या पकड़ने का प्रयास करने के बजाय संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन को सूचना देना उचित रहता है।

यदि किसी इलाके में सियार दिखाई देता है, तो लोगों को उसके पास जाने या उसे उकसाने से बचना चाहिए। साथ ही बच्चों को अकेले बाहर भेजने से बचना और रात के समय विशेष सावधानी रखना जरूरी है। ग्रामीणों के अनुसार, घटना के बाद गांव में लोग एक-दूसरे को भी सतर्क कर रहे हैं।

स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा उपचार

सियार के हमले में घायल दोनों महिलाओं को उनके परिजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इकौना लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने दोनों का उपचार शुरू किया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दोनों महिलाओं को हमले में चोटें आई हैं और उनका इलाज स्वास्थ्य केंद्र में कराया जा रहा है।

इस घटना ने यह भी दिखाया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीवों की गतिविधियों को लेकर स्थानीय स्तर पर जागरूकता और सावधानी कितनी महत्वपूर्ण है। खासकर उन गांवों में जहां आबादी के आसपास खेत, झाड़ियां या खुले क्षेत्र हैं, वहां लोगों को बाहर निकलते समय सतर्क रहना चाहिए।

क्या है पूरा मामला?

श्रावस्ती के नवीन मॉर्डन थाना क्षेत्र के तिलकपुर गांव में सियार के हमले की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आईं। पहली घटना में 65 वर्षीय रीता बकरी चराने गई थीं, तभी सियार ने उन पर हमला कर दिया। दूसरी घटना में 75 वर्षीय बड़का फूल तोड़ने गई थीं और इसी दौरान वह भी सियार के हमले का शिकार हो गईं।

दोनों महिलाओं के घायल होने के बाद परिजनों ने उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इकौना में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने दोनों का उपचार शुरू किया। घटना के बाद गांव में लोगों के बीच सतर्कता बढ़ गई है।

फिलहाल, ग्रामीणों की नजर गांव और आसपास के क्षेत्रों में सियार की गतिविधियों पर बनी हुई है। ऐसी स्थिति में स्थानीय लोगों के लिए जरूरी है कि वे अकेले सुनसान स्थानों पर जाने से बचें और किसी भी वन्यजीव की मौजूदगी की सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।

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