मुरादाबाद में तेंदुओं का रेस्क्यू अभियान जारी, 17वां तेंदुआ ट्रैप केज में कैद
Digital UP News Desk
मुरादाबाद: जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदुओं की लगातार सामने आ रही गतिविधियों के बीच वन विभाग का रेस्क्यू अभियान जारी है। इसी क्रम में तहसील ठाकुरद्वारा क्षेत्र के ग्राम बलिया बल्लभगढ़ में लगाए गए ट्रैप केज में एक और तेंदुआ सफलतापूर्वक पकड़ा गया। इस कार्रवाई के साथ जिले में अब तक रेस्क्यू किए गए तेंदुओं की संख्या बढ़कर 17 हो गई है।
वन विभाग की ओर से तेंदुओं की गतिविधियों वाले क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। जहां भी तेंदुए की मौजूदगी या उसके आवागमन की सूचना मिलती है, वहां स्थिति का आकलन करने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इसी प्रक्रिया के तहत बलिया बल्लभगढ़ गांव में ट्रैप केज लगाया गया था, जिसमें तेंदुआ कैद हो गया।
ट्रैप केज में कैद हुआ तेंदुआ
ग्राम बलिया बल्लभगढ़ में लगाए गए ट्रैप केज में तेंदुए के फंसने की सूचना मिलने के बाद संबंधित वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने नियमानुसार तेंदुए को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया। इसके बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई।
वन विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर रखते हुए मानव और वन्यजीव के बीच संभावित टकराव की स्थिति को कम करना है। इसके लिए विभाग द्वारा ऐसे स्थानों को चिन्हित किया जा रहा है, जहां तेंदुओं की आवाजाही की जानकारी सामने आती है।
जिले में 17 तेंदुओं का रेस्क्यू
बलिया बल्लभगढ़ में हुई ताजा कार्रवाई के बाद मुरादाबाद जनपद में अब तक 17 तेंदुओं का सफल रेस्क्यू किया जा चुका है। यह आंकड़ा बताता है कि वन विभाग तेंदुओं की गतिविधियों को लेकर लगातार अभियान चला रहा है।
दरअसल, मुरादाबाद के कुछ ग्रामीण और वन क्षेत्र तेंदुओं की आवाजाही के लिहाज से संवेदनशील माने जा रहे हैं। ऐसे क्षेत्रों में तेंदुए दिखाई देने या उनकी गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद विभागीय टीमें सक्रिय हो जाती हैं। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।
लगातार निगरानी कर रही वन विभाग की टीमें
वन विभाग की टीमें उन इलाकों में विशेष निगरानी रख रही हैं, जहां तेंदुओं की गतिविधियां दर्ज की गई हैं। इसके लिए मौके की परिस्थितियों के अनुसार ट्रैप केज लगाए जा रहे हैं। साथ ही टीमों द्वारा क्षेत्र का निरीक्षण भी किया जा रहा है।
इसके अलावा, ग्रामीणों से भी अपील की जाती है कि यदि किसी क्षेत्र में तेंदुआ दिखाई देता है या उसकी गतिविधि का पता चलता है तो वे तत्काल संबंधित वन विभाग को सूचना दें। तेंदुए को स्वयं पकड़ने या उसके करीब जाने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए।
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, तेंदुए सामान्य तौर पर मानव से दूरी बनाए रखना पसंद करते हैं। इसलिए ऐसी स्थिति में लोगों के लिए जरूरी है कि वे संयम बनाए रखें और वन विभाग की टीम को सूचना दें। इससे रेस्क्यू प्रक्रिया को सुरक्षित तरीके से पूरा करने में मदद मिलती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान पर जोर
मुरादाबाद जिले के ग्रामीण इलाकों में तेंदुओं की गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने निगरानी और रेस्क्यू प्रक्रिया को लगातार आगे बढ़ाया है। अलग-अलग क्षेत्रों से मिलने वाली सूचनाओं के आधार पर टीमें मौके का निरीक्षण करती हैं और जरूरत के अनुसार ट्रैप केज लगाए जाते हैं।
हालांकि, किसी भी वन्यजीव की मौजूदगी की सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। ग्रामीणों को चाहिए कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और बिना पुष्टि के किसी तरह की सूचना प्रसारित न करें। सही जानकारी वन विभाग तक पहुंचने से कार्रवाई को प्रभावी बनाने में मदद मिलती है।
तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर जारी
बलिया बल्लभगढ़ में 17वें तेंदुए के रेस्क्यू के बाद भी वन विभाग का अभियान समाप्त नहीं हुआ है। विभागीय टीमें संभावित क्षेत्रों में निगरानी जारी रखे हुए हैं। जरूरत के अनुसार अन्य स्थानों पर भी ट्रैप केज लगाए जा सकते हैं।
वन विभाग का प्रयास है कि तेंदुओं की गतिविधियों की जानकारी समय पर मिले और उन्हें सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया जा सके। साथ ही मानव बस्तियों के आसपास वन्यजीवों की मौजूदगी से उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों को नियंत्रित किया जा सके।
फिलहाल, बलिया बल्लभगढ़ में तेंदुए के रेस्क्यू के बाद ग्रामीण क्षेत्र में वन विभाग की निगरानी जारी है। मुरादाबाद में अब तक 17 तेंदुओं का रेस्क्यू किया जा चुका है और अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है।

