मुरादाबाद में EVM की फर्स्ट लेवल चेकिंग शुरू, लाइव वेबकास्टिंग से पारदर्शिता पर जोर
रिपोर्ट- मो अरशद
मुरादाबाद: आगामी चुनावों को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुचारू रूप से संपन्न कराने की तैयारियों के तहत मुरादाबाद जिले में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) की फर्स्ट लेवल चेकिंग (FLC) शुरू कर दी गई है। निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार की जा रही इस प्रक्रिया में ईवीएम की तकनीकी जांच के साथ-साथ मशीनों की सफाई और पुराने डेटा को निर्धारित प्रक्रिया के तहत क्लियर किया जा रहा है। पूरी प्रक्रिया पर प्रशासन की ओर से विशेष निगरानी रखी जा रही है।
जिलाधिकारी मुरादाबाद डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से जांच की प्रगति और सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। प्रशासन का कहना है कि FLC का उद्देश्य आगामी चुनावों में इस्तेमाल होने वाली ईवीएम को निर्धारित मानकों के अनुसार जांचकर तैयार करना है।
BU, CU और VVPAT की हो रही तकनीकी जांच
फर्स्ट लेवल चेकिंग के दौरान ईवीएम के तीन प्रमुख हिस्सों की जांच की जा रही है। इनमें बैलेट यूनिट (BU), कंट्रोल यूनिट (CU) और VVPAT शामिल हैं। प्रक्रिया के तहत इन मशीनों की तकनीकी स्थिति की जांच के साथ उनकी क्लीनिंग भी की जाती है।
इसके अलावा, मशीनों में उपलब्ध पुराने डेटा को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार क्लियर किया जाता है, ताकि आगामी चुनाव के लिए ईवीएम को तैयार किया जा सके। जांच के दौरान मशीनों की कार्यक्षमता और तकनीकी मानकों का भी परीक्षण किया जाता है।
जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि FLC के अंतर्गत ईवीएम के तीनों हिस्सों की क्लीनिंग और जांच की जाती है। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया को निर्वाचन आयोग की निर्धारित व्यवस्था के अनुसार पूरा किया जा रहा है। साथ ही, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी
ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। प्रशासन की ओर से उन्हें प्रक्रिया से अवगत कराया जा रहा है और उनकी मौजूदगी में मशीनों की जांच की जा रही है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को लेकर सभी संबंधित पक्षों के बीच पारदर्शिता और विश्वास बनाए रखना है। वहीं, FLC के दौरान निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं।
लाइव वेबकास्टिंग से हो रही निगरानी
FLC प्रक्रिया की एक महत्वपूर्ण विशेषता इसकी लाइव वेबकास्टिंग है। प्रशासन के अनुसार, पूरी प्रक्रिया का लाइव प्रसारण भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय तक किया जा रहा है।
इससे जांच प्रक्रिया की निगरानी उच्च स्तर पर भी की जा सकती है। साथ ही, पूरी प्रक्रिया का डिजिटल रिकॉर्ड और निगरानी व्यवस्था पारदर्शिता सुनिश्चित करने में सहायक होगी। प्रशासन का कहना है कि किसी भी प्रकार की शंका की स्थिति से बचने और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रक्रिया संचालित करने के लिए यह व्यवस्था की गई है।
इस दौरान तेलंगाना से आए चुनाव प्रेक्षक वासव वेंकटेश्वर ने भी मौके पर पहुंचकर FLC की व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने जांच प्रक्रिया और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
20 से 25 दिनों तक चलेगी प्रक्रिया
अधिकारियों के अनुसार, ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग निर्धारित चुनाव कार्यक्रम और निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार की जाती है। दी गई जानकारी के मुताबिक, संसदीय चुनावों से लगभग 180 दिन पहले और विधानसभा चुनावों से करीब 120 दिन पहले FLC की प्रक्रिया शुरू की जाती है।
मुरादाबाद में शुरू हुई यह प्रक्रिया लगभग 20 से 25 दिनों तक चलने की संभावना है। इस अवधि में जिले में उपलब्ध सभी संबंधित ईवीएम मशीनों की जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद मशीनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुरक्षित तरीके से सील किया जाएगा।
इसके बाद ईवीएम को आगामी चुनावों के लिए निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था के तहत सुरक्षित रखा जाएगा। इस दौरान मशीनों की सुरक्षा, रिकॉर्ड और निगरानी से जुड़े नियमों का पालन किया जाएगा।
चुनावी तैयारियों में महत्वपूर्ण चरण है FLC
ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग चुनावी तैयारियों का एक महत्वपूर्ण चरण मानी जाती है। इसके माध्यम से चुनाव में इस्तेमाल होने वाली मशीनों की तकनीकी स्थिति की जांच की जाती है और उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार तैयार किया जाता है।
दरअसल, चुनाव प्रक्रिया में ईवीएम की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इसलिए निर्वाचन आयोग की ओर से मशीनों की जांच, रखरखाव, सीलिंग और सुरक्षा को लेकर विस्तृत प्रक्रिया निर्धारित की गई है। इसी क्रम में FLC के दौरान मशीनों की जांच के साथ उनकी तकनीकी स्थिति को सुनिश्चित किया जाता है।
मुरादाबाद प्रशासन द्वारा इस प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को शामिल करने के साथ ही लाइव वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है। इससे जांच प्रक्रिया की निगरानी कई स्तरों पर की जा सकेगी।
प्रशासन ने पारदर्शिता पर दिया जोर
जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने FLC के दौरान पारदर्शिता और निर्धारित प्रक्रिया के पालन पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ईवीएम की जांच के दौरान निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित सभी मानकों और प्रक्रियाओं का पालन किया जाए।
साथ ही, मशीनों की क्लीनिंग, तकनीकी जांच और डेटा क्लियर करने की प्रक्रिया को निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत पूरा किया जाए। प्रशासन की ओर से यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि FLC के दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध हो।
इस प्रकार, मुरादाबाद में ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग के साथ आगामी चुनावों की तैयारियों का एक महत्वपूर्ण चरण शुरू हो गया है। अगले 20 से 25 दिनों में जिले की सभी संबंधित मशीनों की जांच पूरी किए जाने की योजना है। इसके बाद मशीनों को सुरक्षित तरीके से सील कर आगामी चुनावी प्रक्रिया के लिए तैयार रखा जाएगा।
प्रशासन के अनुसार, FLC के दौरान तकनीकी जांच, राजनीतिक दलों की मौजूदगी, चुनाव प्रेक्षक का निरीक्षण और लाइव वेबकास्टिंग जैसी व्यवस्थाओं के जरिए प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित किया जा रहा है। इससे चुनावी तैयारियों में पारदर्शिता और निगरानी की व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

