टिकरा-सुरार सड़क की बदहाली पर ग्रामीणों का प्रदर्शन, BSS चौराहे पर घंटों जाम

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रिपोर्ट: मुकेश वर्मा 

कानपुर नगर: टिकरा-सुरार मार्ग की लंबे समय से चली आ रही बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों का विरोध अब सड़क पर दिखाई देने लगा है। सड़क निर्माण और मरम्मत की मांग को लेकर रविवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने BSS कॉलेज चौराहे पर प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने सड़क पर बैठकर विरोध जताया और कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मार्ग की खराब स्थिति के कारण आसपास के गांवों के लोगों को रोजाना आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

प्रदर्शन की अगुवाई राजवर्धन फाउंडेशन के संस्थापक साकेत सेंगर ने की। बड़ी संख्या में महिला और पुरुष ग्रामीण चौराहे पर पहुंचे और सड़क के निर्माण की मांग उठाई। ग्रामीणों ने कहा कि वे लंबे समय से संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्या रखते आ रहे हैं, लेकिन उन्हें स्थायी समाधान का इंतजार है। इसी वजह से उन्होंने सामूहिक रूप से सड़क पर बैठकर अपनी मांग प्रशासन तक पहुंचाने का निर्णय लिया।

सड़क पर बैठकर ग्रामीणों ने जताया विरोध

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने शांतिपूर्ण तरीके से सड़क पर बैठकर नारेबाजी और विरोध किया। इस दौरान सड़क किनारे ही चूल्हा जलाकर भोजन तैयार किया गया। महिलाओं ने रोटियां सेंकीं और प्रदर्शन में शामिल लोगों ने वहीं भोजन किया। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं सुना जाता, तब तक वे अपना विरोध जारी रखेंगे।

ग्रामीणों ने कहा कि टिकरा-सुरार मार्ग आसपास के कई गांवों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इस रास्ते से लोगों का रोजाना नौकरी, कारोबार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आवागमन होता है। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति का असर सीधे आम लोगों की दैनिक गतिविधियों पर पड़ रहा है।

प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि सड़क की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण कराया जाए और निर्माण या मरम्मत के लिए आवश्यक प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए।

दो युवकों की मौत के बाद बढ़ा ग्रामीणों का आक्रोश

ग्रामीणों ने बताया कि मार्ग की खराब स्थिति को लेकर पहले भी आवाज उठाई जाती रही है। उनका आरोप है कि सड़क के कई हिस्से लंबे समय से क्षतिग्रस्त हैं। इसके चलते वाहन चालकों को परेशानी होती है और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।

ग्रामीणों के अनुसार, हाल में इसी मार्ग से जुड़े हादसों में दो युवकों की मौत के बाद लोगों में चिंता और नाराजगी बढ़ी है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इन घटनाओं के बाद सड़क की स्थिति को लेकर प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की अपेक्षा थी। हालांकि, उनका दावा है कि अपेक्षित स्तर पर काम शुरू नहीं हुआ, जिसके बाद ग्रामीणों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया।

ग्रामीणों की मांग है कि सड़क की तकनीकी स्थिति का परीक्षण कराकर आवश्यक निर्माण कार्य कराया जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

महिलाओं ने कहा- मांग पूरी होने तक जारी रखेंगे प्रदर्शन

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी हिस्सा लिया। महिलाओं ने सड़क की स्थिति को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की और कहा कि खराब मार्ग का असर सबसे अधिक रोजमर्रा के आवागमन पर पड़ता है। उनका कहना था कि ग्रामीणों को बच्चों की पढ़ाई, इलाज और अन्य जरूरी कामों के लिए इस रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ता है।

महिलाओं ने कहा कि यदि सड़क निर्माण की दिशा में जल्द ठोस कदम नहीं उठाया गया तो वे दोबारा सड़क पर बैठकर विरोध करेंगी। उन्होंने सड़क पर चूल्हा जलाकर भोजन बनाने को अपने शांतिपूर्ण विरोध का प्रतीक बताया।

ग्रामीणों ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है। उनकी मुख्य मांग सड़क की मरम्मत और निर्माण कराकर आवागमन को बेहतर बनाना है।

अधिकारी के मौके पर पहुंचने की मांग

आंदोलन की अगुवाई कर रहे साकेत सेंगर ने कहा कि ग्रामीणों की मांग लंबे समय से चली आ रही है। उनके मुताबिक, ग्रामीण चाहते हैं कि कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर उनकी समस्या सुने और ज्ञापन स्वीकार करे।

साकेत सेंगर ने प्रदर्शन को गांधीवादी सत्याग्रह बताते हुए कहा कि ग्रामीण शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग प्रशासन तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों का उद्देश्य व्यवस्था को बाधित करना नहीं, बल्कि सड़क की समस्या का समाधान कराना है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक जिम्मेदार अधिकारी मौके पर आकर उनकी बात नहीं सुनते और ज्ञापन स्वीकार नहीं करते, तब तक वे धरना समाप्त करने के संबंध में निर्णय नहीं लेंगे।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति

BSS कॉलेज चौराहे पर ग्रामीणों के प्रदर्शन और सड़क पर बैठने की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और यातायात व्यवस्था को सामान्य कराने का प्रयास किया।

प्रदर्शन के कारण चौराहे और आसपास के मार्गों पर कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा। राहगीरों और वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों से बातचीत करते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की।

ग्रामीणों ने हालांकि अपनी मांगों को लेकर अपना पक्ष कायम रखा। उनका कहना था कि सड़क निर्माण से जुड़ी समस्या पर जिम्मेदार अधिकारी से बातचीत होने के बाद ही वे आगे की रणनीति तय करेंगे।

बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद

प्रदर्शन में राजाराम, मन्नू यादव, सोनू पाल, राम कैलाश गौतम, बुद्धिलाल गौतम, अखिलेश कटियार, विजय कुशवाहा और विशाल कुमार समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे। महिला और पुरुष प्रदर्शनकारियों ने टिकरा-सुरार मार्ग के निर्माण की मांग को प्रमुखता से उठाया।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समस्या केवल एक गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे आसपास के कई गांवों के लोगों का आवागमन प्रभावित होता है। इसलिए वे चाहते हैं कि प्रशासन इस मार्ग की स्थिति का सर्वे कराकर जल्द आवश्यक कार्रवाई करे।

अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी नजर

BSS कॉलेज चौराहे पर हुआ यह प्रदर्शन टिकरा-सुरार मार्ग की स्थिति को लेकर ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग को सामने लाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क निर्माण को लेकर स्पष्ट कार्ययोजना और समयबद्ध कार्रवाई की मांग की है।

अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। यदि संबंधित विभाग की ओर से सड़क की स्थिति का निरीक्षण और निर्माण संबंधी प्रक्रिया शुरू होती है, तो इससे क्षेत्र के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, यदि मांग पर तत्काल कार्रवाई नहीं होती है तो ग्रामीणों ने आगे भी शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखने की बात कही है।

फिलहाल, प्रदर्शन के बाद प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बातचीत तथा सड़क निर्माण को लेकर आगे होने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। ग्रामीणों का कहना है कि वे सड़क की समस्या का स्थायी समाधान चाहते हैं, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।