फर्रुखाबाद में आजाद समाज पार्टी ने चार सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन, इन मुद्दों पर उठाई मांग

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Digital UP News Desk

फर्रुखाबाद: आजाद समाज पार्टी ने जनहित और सामाजिक न्याय से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर बुधवार को फर्रुखाबाद में राष्ट्रपति के नाम सिटी मजिस्ट्रेट पारूल तरार को चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन के माध्यम से अलग-अलग घटनाओं की निष्पक्ष जांच, संबंधित मामलों में कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई और प्रभावित लोगों की समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।

ज्ञापन में गोंडा और अयोध्या से जुड़े मामलों, बाराबंकी में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के काफिले को रोके जाने और कथित पथराव की घटना, पंचायत सहायकों की मांगों तथा 68,500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण से जुड़े मुद्दे को शामिल किया गया। इसके अलावा सहारनपुर और मुरादाबाद के धार्मिक स्थलों से संबंधित मामलों की निष्पक्ष समीक्षा की मांग भी रखी गई।

पार्टी की ओर से जिलाध्यक्ष सूरज गौतम, पूर्व जिलाध्यक्ष आशुतोष कठेरिया, नितिन आजाद सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

चार सूत्रीय ज्ञापन में कई मुद्दे शामिल

आजाद समाज पार्टी की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में अलग-अलग जनहित और सामाजिक न्याय से जुड़े विषयों को शामिल किया गया। पार्टी ने मांग की कि जिन घटनाओं को लेकर ज्ञापन दिया गया है, उनकी निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच के आधार पर संबंधित मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

पार्टी ने गोंडा और अयोध्या से संबंधित घटनाओं का उल्लेख करते हुए इन मामलों की जांच की मांग की। इसके साथ ही बाराबंकी में 13 सितंबर को चंद्रशेखर आजाद के काफिले को रोके जाने और उसके बाद हुई कथित पथराव की घटना को भी ज्ञापन में प्रमुखता से उठाया गया।

हालिया रिपोर्टों के अनुसार, 13 सितंबर को गोंडा जा रहे चंद्रशेखर आजाद के काफिले को बाराबंकी में पुलिस ने रोका था। इसके बाद काफिले से जुड़े लोगों की ओर से पथराव और वाहनों को नुकसान पहुंचने के आरोप लगाए गए थे। मामले में अलग-अलग पक्षों की ओर से शिकायतें दिए जाने की भी रिपोर्ट सामने आई है।

चंद्रशेखर आजाद की सुरक्षा समीक्षा की मांग

ज्ञापन में आजाद समाज पार्टी ने चंद्रशेखर आजाद की सुरक्षा को लेकर तत्काल थ्रेट असेसमेंट कराने की मांग की। पार्टी ने बाराबंकी की घटना की निष्पक्ष जांच कराने और यदि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग रखी।

पार्टी की ओर से कहा गया कि 13 सितंबर की घटना के संबंध में सामने आए आरोपों की जांच तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए। वहीं, उपलब्ध रिपोर्टों में भी यह सामने आया है कि घटना के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से स्वतंत्र जांच और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग की गई।

इस मामले में अलग-अलग पक्षों के आरोप और दावे सामने आए हैं। इसलिए घटना के वास्तविक तथ्यों का निर्धारण जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही किया जा सकेगा।

पंचायत सहायकों की समस्याओं के समाधान की मांग

ज्ञापन में पंचायत सहायकों की समस्याओं को भी शामिल किया गया। पार्टी ने लखनऊ में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे पंचायत सहायकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने की मांग की।

पार्टी का कहना है कि पंचायत सहायकों से जुड़े मुद्दों पर सरकार और संबंधित विभाग को उनकी मांगों पर विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए। आजाद समाज पार्टी ने ज्ञापन के माध्यम से इस मामले में जल्द समाधान की मांग प्रशासन के सामने रखी।

पंचायत सहायकों से जुड़ा मुद्दा हाल के दिनों में भी सार्वजनिक रूप से उठाया गया है। चंद्रशेखर आजाद ने लखनऊ में पंचायत सहायकों के प्रदर्शन में भाग लेकर उनकी मांगों का समर्थन किए जाने की रिपोर्ट भी सामने आई है।

68,500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण का मुद्दा

ज्ञापन में 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती से जुड़े आरक्षण के मामले को भी शामिल किया गया। पार्टी ने न्यायालय के आदेश और संबंधित कानूनी प्रक्रिया का पालन कराने तथा प्रभावित अभ्यर्थियों को नियमानुसार न्याय दिलाने की मांग की।

यह मामला लंबे समय से अभ्यर्थियों की मांगों से जुड़ा रहा है। 2026 में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की ओर से 68,500 शिक्षक भर्ती-2018 में ओबीसी अभ्यर्थियों को पांच प्रतिशत अर्हता छूट दिए जाने और परिणाम संशोधित करने की संस्तुति किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी।

इसके बाद सितंबर 2026 में इस मामले को लेकर अभ्यर्थियों की ओर से प्रदर्शन और सरकार से आयोग की संस्तुतियों पर कार्रवाई की मांग किए जाने की भी रिपोर्ट सामने आई।

आजाद समाज पार्टी ने अपने ज्ञापन में इसी मुद्दे को उठाते हुए संबंधित आदेशों और न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप कार्रवाई की मांग की है। पार्टी ने कहा कि प्रभावित अभ्यर्थियों को नियमानुसार राहत मिलनी चाहिए।

धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों की समीक्षा की मांग

ज्ञापन में धार्मिक स्थलों से जुड़े कुछ मामलों को भी शामिल किया गया। पार्टी ने सहारनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद और मुरादाबाद की मुस्तफा मस्जिद समेत अन्य धार्मिक स्थलों से संबंधित मामलों की निष्पक्ष समीक्षा और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की मांग रखी।

पार्टी ने प्रशासन से आग्रह किया कि ऐसे मामलों में उपलब्ध तथ्यों और कानूनी प्रावधानों के आधार पर निर्णय लिया जाए। साथ ही संबंधित पक्षों के अधिकारों और न्यायिक प्रक्रिया का ध्यान रखने की मांग की गई।

बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद

ज्ञापन सौंपने के दौरान आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष सूरज गौतम, पूर्व जिलाध्यक्ष आशुतोष कठेरिया, नितिन आजाद समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों से संबंधित मुद्दों को प्रशासन के समक्ष रखा।

ज्ञापन के माध्यम से पार्टी ने अलग-अलग घटनाओं और मामलों की जांच तथा संबंधित मांगों पर कार्रवाई की अपेक्षा जताई। सिटी मजिस्ट्रेट पारूल तरार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि ज्ञापन में शामिल सभी मुद्दों पर संबंधित स्तर पर कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, जिन मामलों में जांच की मांग की गई है, उनमें तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कराने की बात रखी गई।

फिलहाल ज्ञापन के जरिए उठाई गई मांगों पर प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाती है, यह देखना बाकी है। वहीं, 68,500 शिक्षक भर्ती और पंचायत सहायकों से जुड़े मुद्दों पर संबंधित स्तर पर पहले से चल रही प्रक्रियाओं के बीच आजाद समाज पार्टी ने भी इन्हें अपने चार सूत्रीय ज्ञापन में प्रमुखता से उठाया है।

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