सपा नेता ने महिला बैंककर्मी को भेजा अश्लील मैसेज, पार्टी ने दिखाया बाहर का रास्ता, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
Digital UP News Desk
मथुरा: मथुरा में एक महिला बैंककर्मी की शिकायत पर समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता राजन रिजवी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक व्हाट्सऐप संदेश भेजने और पीछा करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। कोतवाली पुलिस ने 15 सितंबर को महिला की शिकायत के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, मामले के सामने आने के बाद सपा की ओर से राजन रिजवी को प्रदेश सचिव पद से हटाए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, महिला बैंककर्मी ने अपनी शिकायत में निजी मोबाइल नंबर हासिल कर उस पर संदेश भेजने, नंबर ब्लॉक किए जाने के बावजूद संपर्क करने की कोशिश करने और पीछा किए जाने जैसे आरोप लगाए हैं। महिला ने पुलिस से मामले से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कराने की मांग भी की है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों के साथ-साथ उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
निजी मोबाइल नंबर हासिल करने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, महिला मथुरा के एक बैंक में कार्यरत है। महिला का आरोप है कि राजन रिजवी बैंक में ग्राहक के तौर पर आते थे। इसी दौरान उन्होंने किसी माध्यम से उसका निजी मोबाइल नंबर हासिल कर लिया। इसके बाद कथित तौर पर व्हाट्सऐप के जरिए उसे ऐसे संदेश भेजे गए, जिन्हें महिला ने आपत्तिजनक और अवांछित बताया है।
महिला का कहना है कि उसने इस तरह के संदेशों से असहज होकर संबंधित नंबर को ब्लॉक कर दिया। हालांकि, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसके बाद भी उसका पीछा किया गया और घर के आसपास निगरानी रखे जाने जैसी गतिविधियां हुईं। इसके अलावा, महिला ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकलवाने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया है।
पुलिस ने फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर मामला दर्ज किया है। आरोपों की वास्तविकता और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की पुष्टि जांच के दौरान की जाएगी।
सोशल मीडिया पर कथित व्हाट्सऐप चैट भी प्रसारित
इस मामले से संबंधित बताई जा रही कुछ व्हाट्सऐप चैट सोशल मीडिया पर भी प्रसारित हो रही हैं। इनमें महिला की तारीफ किए जाने और राजनीतिक प्रभाव का उल्लेख करते हुए कथित तौर पर भविष्य में सपा की सरकार बनने की स्थिति में मुख्यमंत्री कोटे से डेपुटेशन के आधार पर आईएएस बनवाने की कोशिश करने जैसी बातें होने का दावा किया जा रहा है।
हालांकि, सोशल मीडिया पर प्रसारित इन चैट की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इनके आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। पुलिस शिकायत में उपलब्ध मोबाइल संदेश, स्क्रीनशॉट, चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर यह पता लगाएगी कि प्रसारित सामग्री वास्तविक है या नहीं और उसका मामले से क्या संबंध है।
महिला ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की मांग की
शिकायतकर्ता महिला ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में मामले से जुड़े कई संभावित साक्ष्यों की जांच कराने का अनुरोध किया है। इनमें बैंक और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, मोबाइल पर प्राप्त संदेश, व्हाट्सऐप स्क्रीनशॉट तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड शामिल हैं।
ऐसे मामलों में डिजिटल साक्ष्य घटनाक्रम की परिस्थितियों को समझने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इसलिए पुलिस शिकायत में बताए गए समय और स्थान के आधार पर उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर सकती है। साथ ही, आवश्यकता के अनुसार संबंधित मोबाइल नंबर और डिजिटल रिकॉर्ड से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल की जाएगी।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
सहायक पुलिस अधीक्षक नगर एवं क्षेत्राधिकारी नगर मथुरा आसना चौधरी ने बताया कि महिला बैंककर्मी की ओर से राजन रिजवी के खिलाफ शिकायती प्रार्थना पत्र दिया गया था। इसमें निजी मोबाइल नंबर हासिल कर आपत्तिजनक संदेश भेजने, पीछा करने और घर के आसपास रेकी किए जाने के आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, शिकायत के आधार पर मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है और मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
मामले में आईटी एक्ट समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि, मुकदमा दर्ज होना आरोपों की अंतिम पुष्टि नहीं माना जाता। आरोपों की पुष्टि या खंडन जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही किया जाएगा।
सपा नेता को प्रदेश सचिव पद से हटाए जाने की जानकारी
मामले के बीच राजन रिजवी को समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव पद से हटाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। पार्टी स्तर पर यह कार्रवाई किस आधार पर और किस आदेश के तहत की गई, इसकी विस्तृत जानकारी संबंधित आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
फिलहाल पुलिस की जांच का केंद्र महिला की शिकायत में लगाए गए आरोप, कथित व्हाट्सऐप संदेश, मोबाइल नंबर से संबंधित तथ्य, सीसीटीवी फुटेज और अन्य संभावित साक्ष्य हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सत्यता है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी स्थिति
मथुरा में सामने आए इस मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। महिला द्वारा लगाए गए आरोपों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की भी जांच की जा सकती है। वहीं, डिजिटल साक्ष्यों की प्रामाणिकता और घटनाक्रम से उनका संबंध स्थापित करना भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा।
पुलिस का कहना है कि मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी कथित चैट या अन्य सामग्री को अंतिम तथ्य मानना उचित नहीं होगा। पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
पुलिस का वर्जन
“महिला बैंककर्मी की ओर से राजन रिजवी के खिलाफ शिकायती प्रार्थना पत्र दिया गया था। महिला ने निजी मोबाइल नंबर हासिल कर आपत्तिजनक संदेश भेजने, पीछा करने और घर के आसपास रेकी किए जाने के आरोप लगाए हैं। शिकायत के आधार पर मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।”

