मुरादाबाद में किसान दिवस: डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने सुनीं किसानों की समस्याएं, अधिकारियों को दिए निर्देश

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Digital UP News Desk

मुरादाबाद: कलेक्ट्रेट सभागार में किसान दिवस का आयोजन जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान किसानों ने कृषि, सिंचाई, बिजली, खाद-बीज और गन्ने से संबंधित समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। जिलाधिकारी ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

किसान दिवस का उद्देश्य किसानों और प्रशासन के बीच सीधे संवाद को बढ़ावा देना तथा खेती-किसानी से जुड़े मामलों के समाधान के लिए प्रभावी मंच उपलब्ध कराना है। इसी क्रम में आयोजित बैठक में जिले के किसानों ने अपनी समस्याएं रखीं। संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भी किसानों द्वारा उठाए गए विषयों को सुना और उनके समाधान की दिशा में आवश्यक प्रक्रिया पर चर्चा की।

किसानों ने अधिकारियों के सामने रखीं समस्याएं

बैठक के दौरान किसानों ने कृषि क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न समस्याओं की ओर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया। किसानों की ओर से खेती के लिए आवश्यक सुविधाओं और संसाधनों से संबंधित मुद्दे उठाए गए। इनमें कृषि, सिंचाई, विद्युत आपूर्ति, खाद-बीज तथा गन्ने से जुड़े मामले प्रमुख रहे।

किसानों ने अपनी समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखते हुए उनके समाधान की मांग की। किसान दिवस में संबंधित विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी के कारण विभिन्न विभागों से जुड़े मामलों को सीधे अधिकारियों के सामने रखा गया। इससे किसानों को अपनी समस्याओं को संबंधित विभाग तक पहुंचाने का अवसर मिला।

डीएम ने गंभीरता से सुनीं किसानों की समस्याएं

जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने किसान दिवस में मौजूद किसानों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बैठक में प्राप्त शिकायतों और समस्याओं का नियमानुसार एवं समयबद्ध तरीके से निस्तारण किया जाए।

डीएम ने अधिकारियों से कहा कि किसानों की ओर से सामने आने वाले मामलों को प्राथमिकता के साथ देखा जाए। साथ ही, शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया प्रभावी होनी चाहिए, ताकि किसानों को अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

प्रशासन की ओर से अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि किसान दिवस में सामने आने वाली समस्याओं को केवल दर्ज करने तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके लिए संबंधित विभागों को अपने स्तर से मामलों की समीक्षा करते हुए नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

कृषि से जुड़े मुद्दों पर संवाद

किसान दिवस किसानों और प्रशासन के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है। खेती से संबंधित कई समस्याएं अलग-अलग विभागों से जुड़ी होती हैं। ऐसे में एक ही मंच पर किसानों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी से समस्याओं को संबंधित विभाग तक पहुंचाने में सुविधा मिलती है।

मुरादाबाद में आयोजित किसान दिवस में भी कृषि से जुड़े कई विषयों पर चर्चा हुई। किसानों ने अपनी जरूरतों और समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया। वहीं, प्रशासन की ओर से किसानों की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

इसके अलावा, बैठक में यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि किसान दिवस में प्राप्त मामलों का निस्तारण निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाए। इससे शिकायतों की निगरानी और समाधान की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है।

समयबद्ध निस्तारण पर जोर

किसानों की समस्याओं के समाधान को लेकर जिलाधिकारी ने समयबद्ध कार्रवाई पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसान दिवस में प्राप्त शिकायतों का प्रभावी ढंग से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

प्रशासन का उद्देश्य है कि किसानों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसलिए विभिन्न विभागों को अपने-अपने स्तर पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

किसानों के लिए खाद, बीज, सिंचाई और बिजली जैसी सुविधाएं खेती के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। वहीं, गन्ने से जुड़े मामलों का भी किसानों की आय और कृषि गतिविधियों से संबंध होता है। ऐसे में इन विषयों पर किसानों की ओर से उठाई गई समस्याओं को किसान दिवस के दौरान संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया गया।

अधिकारियों और किसानों की रही मौजूदगी

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में कृषि विभाग समेत किसानों से जुड़े अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा किसान भी बैठक में शामिल हुए और उन्होंने अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं।

बैठक के दौरान किसानों और अधिकारियों के बीच विभिन्न विषयों पर संवाद हुआ। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों की ओर से सामने आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई समय से पूरी की जाए।

किसान दिवस जैसे आयोजनों के माध्यम से प्रशासन को खेती-किसानी से जुड़े जमीनी स्तर के मामलों की जानकारी मिलती है। वहीं, किसानों को भी अपनी समस्याएं सीधे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। इससे दोनों पक्षों के बीच संवाद की प्रक्रिया मजबूत होती है।

किसानों की समस्याओं के समाधान पर प्रशासन का फोकस

मुरादाबाद में आयोजित किसान दिवस में प्रशासन की ओर से किसानों की शिकायतों के निस्तारण को प्राथमिकता देने का संदेश दिया गया। जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि किसान दिवस में प्राप्त मामलों पर आवश्यक कार्रवाई की जाए और उनके समाधान में अनावश्यक देरी न हो।

किसानों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान कृषि व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन की ओर से विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने विभाग से संबंधित शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

कुल मिलाकर, कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित किसान दिवस किसानों और प्रशासन के बीच संवाद का माध्यम बना। किसानों ने कृषि, सिंचाई, बिजली, खाद-बीज और गन्ने समेत विभिन्न विषयों से संबंधित समस्याएं रखीं। वहीं, जिलाधिकारी ने उनकी समस्याओं को सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई और समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।

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