मायावती का आकाश आनंद पर हमला: बीमारी की अफवाह फैला रहे लोग निकाले गए, टारगेट पर आए आकाश आनंद

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Digital UP News Desk

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। मायावती ने आकाश आनंद और हाल में पार्टी से बाहर किए गए लोगों पर कार्यकर्ताओं के बीच भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह बात प्रचारित की जा रही है कि उनकी तबीयत खराब है और इसी वजह से वह बड़े मुद्दों पर मीडिया के सामने आने के बजाय सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रख रही हैं। हालांकि, मायावती ने स्पष्ट किया कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और पार्टी से जुड़े काम लगातार कर रही हैं।

मायावती ने यह बयान लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दिया। इस दौरान उन्होंने आकाश आनंद से जुड़े एक कथित फोन कॉल का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, आकाश आनंद ने पार्टी के इंचार्ज आलोक कुमार को फोन कर उनकी तबीयत के बारे में जानकारी ली थी। मायावती के अनुसार, आकाश ने पूछा था कि क्या बहन जी बीमार चल रही हैं और उनका स्वास्थ्य कैसा है।

आकाश आनंद ने फोन कर पूछा था मायावती का हाल

मायावती ने प्रेस वार्ता में बताया कि आकाश आनंद ने पार्टी इंचार्ज आलोक कुमार से फोन पर उनकी तबीयत को लेकर सवाल किया। आलोक कुमार ने कथित तौर पर उन्हें बताया कि मायावती बीमार नहीं हैं और वह पूरी तरह ठीक हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि मायावती अपने काम में सक्रिय हैं।

बसपा प्रमुख के अनुसार, बातचीत के दौरान आकाश आनंद ने आलोक कुमार से कहा कि इस बातचीत की जानकारी मायावती को न दी जाए। इसके बाद उन्होंने फोन रख दिया। मायावती ने इस पूरे घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए आकाश आनंद की मंशा पर सवाल उठाए।

हालांकि, मायावती ने यह भी कहा कि इस मामले में आकाश आनंद की मानसिकता सही हो सकती है और गलत भी। उन्होंने कहा कि वह इस बारे में निश्चित रूप से कुछ नहीं कह सकतीं। लेकिन, उनके मुताबिक आकाश आनंद अभी भी स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने की स्थिति में नहीं हैं।

मायावती बोलीं- आकाश अभी अपने दिमाग से काम नहीं कर रहे

बसपा सुप्रीमो ने आकाश आनंद को लेकर एक बार फिर अपने पुराने आरोप दोहराए। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद अभी परिपक्व नहीं हुए हैं और अपने दिमाग से काम नहीं कर रहे हैं। मायावती ने दावा किया कि आकाश आनंद अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में काम कर रहे हैं।

यह पहली बार नहीं है जब मायावती ने आकाश आनंद के राजनीतिक फैसलों और उनकी कार्यशैली को लेकर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए हैं। इससे पहले भी मायावती ने आकाश आनंद को लेकर कई सख्त फैसले लिए हैं। पार्टी के भीतर उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों में लगातार बदलाव देखने को मिला है।

मायावती के ताजा बयान से साफ है कि बसपा नेतृत्व आकाश आनंद को लेकर अपने रुख में फिलहाल कोई नरमी दिखाने के मूड में नहीं है। साथ ही, पार्टी सुप्रीमो ने कार्यकर्ताओं को भी संदेश दिया कि उन्हें किसी तरह की अफवाह या भ्रम में आने के बजाय संगठन और पार्टी के आंदोलन पर ध्यान देना चाहिए।

मुख्य सेक्टर प्रभारी का पद खत्म करने का फैसला

प्रेस वार्ता में मायावती ने बसपा के संगठनात्मक बदलावों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि पार्टी में मुख्य सेक्टर प्रभारी का पद खत्म करने का फैसला संगठन के हित में रहा है। उनके मुताबिक, उनके द्वारा उठाए गए सख्त कदमों का पार्टी को फायदा मिला है।

मायावती ने कहा कि बसपा का संगठन लगातार मजबूत किया जा रहा है और आने वाले समय में पार्टी कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे पार्टी के आंदोलन से जुड़े रहें और जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने में जुटें।

इसके अलावा, मायावती ने उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी कार्यकर्ताओं को सक्रिय होने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को अभी से चुनावी तैयारी में जुट जाना चाहिए। पार्टी के संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के साथ-साथ लोगों के बीच बसपा की नीतियों और विचारधारा को पहुंचाने पर जोर दिया जाना चाहिए।

आकाश आनंद को लेकर मायावती ने पहले भी लिया था सख्त फैसला

गौरतलब है कि मायावती इससे पहले भी आकाश आनंद के खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई कर चुकी हैं। पार्टी में उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई थीं, लेकिन बाद में मायावती ने उनसे नेशनल कोऑर्डिनेटर का पद वापस ले लिया था।

इसके बाद आकाश आनंद की पार्टी में भूमिका को लेकर कई तरह के सवाल उठे। मायावती ने उनके राजनीतिक अनुभव और परिपक्वता पर भी सवाल उठाए थे। अब एक बार फिर उन्हें बसपा से पूरी तरह अलग करने का फैसला लिया गया है।

मायावती का कहना है कि आकाश आनंद अभी राजनीतिक रूप से पर्याप्त परिपक्व नहीं हुए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि आकाश आनंद अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में फैसले ले रहे हैं। हालांकि, आकाश आनंद और अशोक सिद्धार्थ की ओर से इन आरोपों पर उनकी प्रतिक्रिया इस बयान में सामने नहीं आई है।

सोशल मीडिया को लेकर भी मायावती ने दिया संदेश

मायावती ने अपनी सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर फैल रही चर्चाओं पर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि यह धारणा गलत है कि वह स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के कारण मीडिया के सामने नहीं आ रही हैं। उन्होंने बताया कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और पार्टी के काम में सक्रिय हैं।

दरअसल, मायावती पिछले कुछ समय से पार्टी से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भी साझा करती रही हैं। ऐसे में पार्टी के भीतर और बाहर उनकी सक्रियता को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं होती रही हैं। अब मायावती ने स्वयं इन चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी सेहत को लेकर किसी तरह का भ्रम नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कार्यकर्ताओं को भी सलाह दी कि वे सोशल मीडिया पर चलने वाली हर बात पर विश्वास न करें। इसके बजाय पार्टी नेतृत्व की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी को ही प्राथमिकता दें।

यूपी चुनाव की तैयारी पर मायावती का फोकस

मायावती के ताजा बयान में सबसे महत्वपूर्ण संदेश आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर रहा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से चुनावी तैयारी में पूरी ताकत के साथ जुटने का आह्वान किया। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को लगातार जनता के बीच रहना चाहिए और संगठन को मजबूत करने के लिए काम करना चाहिए।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में बसपा लंबे समय से एक महत्वपूर्ण राजनीतिक शक्ति रही है। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी के संगठनात्मक फैसलों को काफी अहम माना जा रहा है। मुख्य सेक्टर प्रभारी जैसे पद को समाप्त करना और जिम्मेदारियों में बदलाव इसी व्यापक संगठनात्मक रणनीति का हिस्सा माना जा सकता है।

हालांकि, चुनाव में बसपा की रणनीति क्या होगी और पार्टी किन मुद्दों को प्रमुखता देगी, इसका पूरा खाका आने वाले समय में और स्पष्ट हो सकता है। फिलहाल मायावती का जोर संगठन को सक्रिय करने और कार्यकर्ताओं को चुनावी मैदान के लिए तैयार करने पर दिखाई दे रहा है।

पार्टी में अनुशासन को लेकर मायावती का सख्त रुख

बसपा सुप्रीमो अपने संगठन में अनुशासन को लेकर हमेशा सख्त रुख अपनाने के लिए जानी जाती हैं। हालिया घटनाक्रम में भी उनका यही रुख दिखाई दे रहा है। आकाश आनंद को लेकर लगातार लिए गए फैसलों से संकेत मिलता है कि मायावती पार्टी की कमान और संगठनात्मक निर्णयों पर अपना नियंत्रण बनाए रखना चाहती हैं।

वहीं, आकाश आनंद को लेकर दिए गए ताजा बयान ने बसपा की अंदरूनी राजनीति को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। मायावती ने जहां कार्यकर्ताओं से अफवाहों से दूर रहने की अपील की, वहीं उन्होंने संगठन को आगामी चुनाव के लिए तैयार रहने का संदेश भी दिया।

उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी

कुल मिलाकर, मायावती के ताजा बयान से बसपा में आकाश आनंद की भूमिका को लेकर स्थिति और स्पष्ट होती दिखाई दे रही है। मायावती ने उनकी राजनीतिक परिपक्वता पर सवाल उठाने के साथ ही उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में काम करने का आरोप लगाया है। साथ ही, उन्होंने अपनी सेहत को लेकर चल रही चर्चाओं को खारिज करते हुए खुद को पूरी तरह स्वस्थ और सक्रिय बताया।

अब बसपा का मुख्य फोकस संगठन को मजबूत करने और उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी पर है। ऐसे में आने वाले दिनों में पार्टी के भीतर और भी संगठनात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल मायावती ने अपने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया है कि वे किसी भ्रम में आए बिना पार्टी के संगठन और आंदोलन को मजबूत करने में जुटें।

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