मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा में तेंदुओं पर वन विभाग का शिकंजा, 14 तेंदुओं का हो चुका है रेस्क्यू; अभियान अभी भी है जारी
रिपोर्ट – मोहम्मद अरशद
ठाकुरद्वारा: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के ठाकुरद्वारा तहसील क्षेत्र में तेंदुओं की सक्रियता को देखते हुए वन विभाग ने रेस्क्यू अभियान तेज कर दिया है। ग्रामीण इलाकों में तेंदुओं की मौजूदगी की सूचनाओं के बाद वन विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। इसी क्रम में रविवार को ग्राम मलकपुर सेमली में एक और तेंदुए का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। इसके साथ ही अभियान के तहत अब तक रेस्क्यू किए गए तेंदुओं की संख्या 14 पहुंच गई है।
वन विभाग की टीम ने तेंदुए को ट्रैप केज की मदद से सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए ले जाया गया। तेंदुए के रेस्क्यू की सूचना मिलने के बाद आसपास के ग्रामीणों ने भी राहत की सांस ली। वहीं, वन विभाग की टीमें अभी भी क्षेत्र में सक्रिय हैं और तेंदुओं की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
मलकपुर सेमली में ट्रैप केज से पकड़ा गया तेंदुआ
जानकारी के अनुसार, ठाकुरद्वारा तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से तेंदुओं की मौजूदगी सामने आती रही है। इसके चलते वन विभाग ने ऐसे इलाकों में निगरानी बढ़ाई है, जहां तेंदुओं की गतिविधियां देखी जा रही हैं। इसी अभियान के तहत मलकपुर सेमली गांव में भी ट्रैप केज लगाया गया था।
रविवार को वन विभाग की टीम को तेंदुए के रेस्क्यू में सफलता मिली। टीम ने सावधानी के साथ ट्रैप केज के माध्यम से तेंदुए को सुरक्षित पकड़ लिया। रेस्क्यू के दौरान वन विभाग के कर्मचारियों ने निर्धारित सुरक्षा उपायों का पालन किया।
इसके साथ ही ग्रामीणों से भी अपील की जा रही है कि वे तेंदुए की मौजूदगी की स्थिति में खुद उसके करीब जाने का प्रयास न करें। किसी भी वन्यजीव की गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि प्रशिक्षित टीम मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई कर सके।
14 तेंदुओं का हो चुका है रेस्क्यू
वन विभाग के अभियान के दौरान अब तक ठाकुरद्वारा तहसील क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों से कुल 14 तेंदुओं का रेस्क्यू किया जा चुका है। इन सभी रेस्क्यू अभियानों में ट्रैप केज का इस्तेमाल किया गया है। लगातार कार्रवाई से उन ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी व्यवस्था मजबूत हुई है, जहां तेंदुओं की गतिविधियों की जानकारी सामने आई थी।
हालांकि, वन विभाग का अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है। विभाग की टीमें उन क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही हैं, जहां तेंदुओं की मौजूदगी की आशंका है। इसके लिए अलग-अलग स्थानों पर ट्रैप केज लगाए गए हैं और स्थानीय स्तर पर भी जानकारी जुटाई जा रही है।
वन विभाग का उद्देश्य केवल तेंदुओं को पकड़ना ही नहीं, बल्कि ग्रामीणों और वन्यजीवों के बीच सुरक्षित संतुलन बनाए रखना भी है। इसलिए रेस्क्यू अभियान के साथ लोगों को जागरूक करने का काम भी किया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ाई गई निगरानी
तेंदुओं की गतिविधियों को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में वन विभाग की सक्रियता बढ़ी है। टीमों द्वारा संभावित स्थानों पर नजर रखी जा रही है। इसके अलावा, ग्रामीणों से भी सतर्क रहने की अपील की गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वन्यजीवों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में लोगों को अनावश्यक रूप से अकेले जंगल, खेतों या सुनसान स्थानों की ओर जाने से बचना चाहिए। खासकर सुबह और शाम के समय अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है। यदि किसी स्थान पर तेंदुआ दिखाई देता है तो भीड़ लगाकर उसे घेरने या उसका पीछा करने के बजाय वन विभाग को सूचना देना अधिक सुरक्षित विकल्प है।
इसी तरह, वन्यजीव को उकसाने या उसके नजदीक जाने की कोशिश भी नहीं करनी चाहिए। इससे स्थिति बिगड़ सकती है। इसलिए वन विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना ग्रामीणों के साथ-साथ वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है।
वन्यजीवों की सुरक्षा पर भी जोर
वन विभाग के इस अभियान का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। तेंदुए वन पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे में रेस्क्यू के दौरान उन्हें सुरक्षित तरीके से पकड़ना और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई करना आवश्यक होता है।
वहीं, ग्रामीण इलाकों में तेंदुए की मौजूदगी से लोगों में चिंता पैदा होना स्वाभाविक है। ऐसे में विभाग की ओर से निगरानी और रेस्क्यू अभियान के जरिए स्थिति को नियंत्रित रखने का प्रयास किया जा रहा है।
मलकपुर सेमली में एक और तेंदुए के रेस्क्यू के बाद अब तक कुल 14 तेंदुओं को पकड़ा जा चुका है। इसके बावजूद वन विभाग की टीमें अभी भी क्षेत्र में सक्रिय हैं। जहां भी तेंदुए की मौजूदगी की सूचना मिल रही है, वहां स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
वन विभाग की कार्रवाई के साथ-साथ ग्रामीणों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे तेंदुए की कोई गतिविधि देखने पर तुरंत संबंधित अधिकारियों को जानकारी दें। सोशल मीडिया पर अपुष्ट जानकारी या अफवाह फैलाने से भी बचने की जरूरत है।
फिलहाल ठाकुरद्वारा तहसील क्षेत्र में वन विभाग का रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। मलकपुर सेमली में हुए ताजा रेस्क्यू के बाद संख्या 14 तक पहुंच गई है। आने वाले दिनों में भी विभाग की टीमें संभावित क्षेत्रों में निगरानी बनाए रखेंगी, ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा के साथ-साथ वन्यजीवों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सके।

