अपर इंडिया अस्पताल में HPV टीकाकरण एवं जागरूकता कार्यक्रम, 24 रेजिडेंट डॉक्टरों ने लगवाई वैक्सीन
रिपोर्ट- हरिशंकर शर्मा
कानपुर। महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के प्रति जागरूक करने और एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण को लेकर समाज में विश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से शनिवार को कानपुर के अपर इंडिया जच्चा बच्चा अस्पताल में HPV टीकाकरण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक आयोजित हुआ, जिसमें चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने एचपीवी संक्रमण, टीकाकरण और सर्वाइकल कैंसर से बचाव के उपायों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
कार्यक्रम का आयोजन प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की ओर से किया गया। इस दौरान विभागाध्यक्ष डॉ. सीमा द्विवेदी ने एचपीवी टीकाकरण के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए जागरूकता और समय पर टीकाकरण दोनों ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी संदेश को समाज तक सकारात्मक तरीके से पहुंचाने के उद्देश्य से अस्पताल के विभिन्न विभागों के 24 रेजिडेंट चिकित्सकों ने स्वयं HPV वैक्सीन लगवाई।
डॉक्टरों ने खुद टीका लगवाकर दिया जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण पहल यह रही कि विभिन्न विभागों से जुड़े 24 रेजिडेंट डॉक्टरों ने स्वयं एचपीवी वैक्सीन लगवाई। चिकित्सकों का मानना है कि जब स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोग स्वयं टीकाकरण को लेकर सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करते हैं, तो आम लोगों के बीच भी इसके प्रति भरोसा बढ़ता है।
डॉ. सीमा द्विवेदी ने कहा कि एचपीवी टीकाकरण को लेकर समाज में कई तरह की भ्रांतियां और संकोच देखने को मिलते हैं। ऐसे में चिकित्सकों की जिम्मेदारी केवल मरीजों का उपचार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें लोगों को बीमारी की रोकथाम के बारे में भी जागरूक करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि डॉक्टरों द्वारा स्वयं वैक्सीन लगवाने का उद्देश्य यही संदेश देना है कि वैज्ञानिक आधार पर अनुशंसित टीकाकरण को लेकर लोगों को अनावश्यक संकोच नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही परिवारों को स्वास्थ्य विशेषज्ञों से उचित जानकारी प्राप्त करके टीकाकरण के संबंध में निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया गया।
HPV क्या है और टीकाकरण क्यों जरूरी है?
ह्यूमन पैपिलोमा वायरस यानी HPV एक सामान्य वायरस है, जिसके कई प्रकार होते हैं। इनमें से कुछ प्रकार के HPV संक्रमण का संबंध विभिन्न प्रकार के कैंसर से हो सकता है। महिलाओं में लंबे समय तक रहने वाला कुछ उच्च जोखिम वाला HPV संक्रमण सर्वाइकल कैंसर के प्रमुख कारणों में शामिल है।
इसीलिए HPV संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण को महत्वपूर्ण रोकथाम उपाय माना जाता है। कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों को इसी विषय में सरल भाषा में जानकारी दी गई, ताकि वे टीकाकरण के महत्व को बेहतर तरीके से समझ सकें।
डॉ. सीमा द्विवेदी ने बताया कि वैज्ञानिक प्रमाणों के अनुसार HPV टीकाकरण HPV संक्रमण से संबंधित कैंसर की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि टीकाकरण के साथ नियमित स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय सलाह भी जरूरी है।
उचित आयु में टीकाकरण पर दिया गया जोर
जागरूकता कार्यक्रम में HPV वैक्सीन की उचित आयु, टीकाकरण की आवश्यकता और इससे जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में भी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों के अनुसार HPV वैक्सीन का प्रभाव संक्रमण के संपर्क में आने से पहले दिए जाने पर बेहतर हो सकता है। इसलिए पात्र आयु वर्ग में टीकाकरण को लेकर परिवारों को समय रहते जानकारी हासिल करनी चाहिए।
कार्यक्रम में मौजूद चिकित्सकों ने लोगों से अपील की कि किसी भी वैक्सीन को लेकर सोशल मीडिया या अनधिकृत स्रोतों से मिली जानकारी के आधार पर निर्णय लेने के बजाय योग्य चिकित्सक से सलाह लें। प्रत्येक व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और आयु के अनुसार चिकित्सकीय सलाह महत्वपूर्ण हो सकती है।
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी
सर्वाइकल कैंसर महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी एक गंभीर समस्या है। हालांकि, जागरूकता, टीकाकरण, नियमित जांच और समय पर चिकित्सकीय परामर्श के माध्यम से इसके जोखिम को कम करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं।
इसी उद्देश्य से अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में लोगों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि बीमारी की रोकथाम के लिए केवल उपचार पर निर्भर रहने के बजाय बचाव के उपायों को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
इसके अलावा महिलाओं को अपने स्वास्थ्य से जुड़े किसी भी असामान्य लक्षण की अनदेखी नहीं करने और आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय परामर्श लेने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार समय पर जांच और उचित चिकित्सकीय मार्गदर्शन कई बीमारियों की पहचान और रोकथाम में मदद कर सकता है।
टीकाकरण को लेकर भ्रांतियां दूर करने की पहल
कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य HPV वैक्सीन को लेकर लोगों के मन में मौजूद सवालों और भ्रांतियों को दूर करना भी रहा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि किसी भी टीकाकरण कार्यक्रम की सफलता के लिए लोगों का विश्वास और सही जानकारी बेहद आवश्यक है।
इसी क्रम में चिकित्सकों ने स्वयं वैक्सीन लगवाकर सकारात्मक संदेश दिया। इससे यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि स्वास्थ्य संबंधी निर्णय वैज्ञानिक प्रमाणों और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर लिए जाने चाहिए।
साथ ही, कार्यक्रम के माध्यम से यह भी बताया गया कि HPV टीकाकरण सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम की व्यापक रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके साथ नियमित स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य के प्रति सजगता भी जरूरी है।
अस्पताल में स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा
अपर इंडिया जच्चा बच्चा अस्पताल में आयोजित यह कार्यक्रम महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया। कार्यक्रम में चिकित्सा विभाग से जुड़े रेजिडेंट डॉक्टरों की भागीदारी ने इसे विशेष रूप से प्रभावी बनाया।
कार्यक्रम की प्रभारी डॉ. नीना गुप्ता ने भी आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, सिस्टर प्रीता रोस्टन समेत अन्य रेजिडेंट चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों ने लोगों को HPV वैक्सीन के लाभ, टीकाकरण की आवश्यकता, उचित आयु में टीकाकरण और सर्वाइकल कैंसर से बचाव के अन्य उपायों के बारे में जानकारी दी।
लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश
कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि स्वास्थ्य संबंधी किसी भी बीमारी से बचाव के लिए जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण कदमों में से एक है। खासतौर पर महिलाओं को अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और समय-समय पर विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया गया।
इसके साथ ही परिवारों से भी अपील की गई कि वे योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त करें और पात्र व्यक्तियों के लिए उपलब्ध टीकाकरण विकल्पों के बारे में चिकित्सकीय सलाह लें।

