अजय राय को पुलिस ने रोका, गोंडा जा रहे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को थाने ले गई पुलिस
Digital UP News Desk
लखनऊ: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय को शनिवार को पुलिस ने बाराबंकी सीमा के पास रोक लिया। अजय राय कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ गोंडा जा रहे थे, जहां उन्हें कारोबारी विनोद साहनी हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मुलाकात करनी थी। हालांकि, शहावपुर टोल प्लाजा से आगे बढ़ने से पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद पुलिसकर्मी उन्हें घेरकर थाने ले गए।
बताया जा रहा है कि अजय राय करीब छह गाड़ियों के काफिले के साथ गोंडा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान बाराबंकी बॉर्डर के पास पुलिस ने उनके काफिले को रोक दिया। पुलिस की कार्रवाई के बाद मौके पर कुछ देर के लिए राजनीतिक माहौल गरमा गया। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए और इसे लोकतांत्रिक तरीके से पीड़ित परिवार से मिलने से रोकने की कार्रवाई बताया।
पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे अजय राय
दरअसल, गोंडा में कारोबारी विनोद साहनी हत्याकांड के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने पीड़ित परिवार से मिलने का कार्यक्रम बनाया था। इसी सिलसिले में वह शनिवार को लखनऊ से गोंडा की तरफ रवाना हुए थे। उनके साथ कांग्रेस के कुछ नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद थे।
अजय राय का काफिला जब बाराबंकी बॉर्डर के पास शहावपुर टोल प्लाजा से आगे पहुंचा, तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। पुलिस ने आगे जाने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद अजय राय और उनके साथ मौजूद लोगों को पुलिस ने अपने घेरे में ले लिया।
कुछ देर बाद पुलिस उन्हें थाने ले गई। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। वहीं, अजय राय ने पुलिस से सवाल किया कि आखिर उन्हें पीड़ित परिवार से मिलने से क्यों रोका जा रहा है।
अजय राय ने उठाया कोडीन का मुद्दा
पुलिस द्वारा रोके जाने के दौरान अजय राय ने कोडीन मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब कोडीन के मामले में धनंजय का नाम सामने आया तो उन्हें क्यों नहीं पकड़ा गया? अजय राय के इस सवाल के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई।
हालांकि, इस संबंध में पुलिस या संबंधित अधिकारियों की ओर से तत्काल विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। ऐसे में अजय राय द्वारा लगाए गए सवालों और आरोपों को उनके बयान के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
छह गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचे थे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष
जानकारी के मुताबिक, अजय राय छह गाड़ियों के काफिले के साथ गोंडा के लिए रवाना हुए थे। पुलिस को उनके गोंडा पहुंचने की जानकारी थी। इसके बाद बाराबंकी सीमा पर पुलिस की तैनाती की गई। जैसे ही उनका काफिला शहावपुर टोल प्लाजा के पास पहुंचा, पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष का उद्देश्य केवल पीड़ित कारोबारी परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त करना था। ऐसे में उन्हें रास्ते में रोकना उचित नहीं है। पार्टी नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई।
कारोबारी परिवार से मिलने का था कार्यक्रम
गोंडा में कारोबारी विनोद साहनी की हत्या के बाद उनके परिवार में शोक का माहौल है। घटना के बाद राजनीतिक दलों के नेताओं की ओर से पीड़ित परिवार से मुलाकात का सिलसिला भी शुरू हुआ है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भी इसी क्रम में परिवार से मिलने जा रहे थे।
अजय राय का कहना है कि विपक्ष का प्रतिनिधि होने के नाते पीड़ित परिवार से मिलना और उनकी बात सुनना उनका अधिकार है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से घटना की निष्पक्ष जांच तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।
पुलिस कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने उठाए सवाल
अजय राय को रोके जाने के बाद कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किसी पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे हैं तो उन्हें रोकने का कारण स्पष्ट किया जाना चाहिए।
वहीं, पुलिस की ओर से किसी भी कार्रवाई के पीछे कानून-व्यवस्था से जुड़ी वजह हो सकती है। ऐसे मामलों में प्रशासन आमतौर पर संभावित भीड़, विरोध या किसी अप्रिय स्थिति को देखते हुए नेताओं के आवागमन पर अस्थायी रोक लगा सकता है। हालांकि, इस मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक तौर पर क्या कारण बताया गया, यह स्पष्ट होना अभी बाकी है।
घटना ने फिर बढ़ाई कानून-व्यवस्था को लेकर बहस
अजय राय को रोके जाने की घटना के बाद एक बार फिर उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और विपक्षी नेताओं के आवागमन को लेकर राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। कांग्रेस इसे सरकार की कार्यशैली से जोड़कर देख रही है, जबकि प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की वजह कानून-व्यवस्था से जुड़ी हो सकती है।
ऐसे में पूरे मामले की तस्वीर पुलिस के आधिकारिक बयान और आगे सामने आने वाली जानकारी से और स्पष्ट होगी। फिलहाल इतना सामने आया है कि गोंडा जा रहे अजय राय को बाराबंकी सीमा के पास रोक दिया गया और बाद में पुलिस उन्हें थाने ले गई।
पीड़ित परिवार से मुलाकात को लेकर सियासत तेज
विनोद साहनी हत्याकांड के बाद अब पीड़ित परिवार से मुलाकात को लेकर भी सियासत तेज होती दिखाई दे रही है। विपक्षी दल सरकार से कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सवाल पूछ रहे हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की गोंडा यात्रा को रोके जाने के बाद पार्टी इस मुद्दे को आगे भी उठा सकती है।
अजय राय ने मौके पर पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए कई सवाल खड़े किए। विशेष रूप से उन्होंने कोडीन मामले और धनंजय को लेकर सवाल उठाया। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में मामले को लेकर चर्चा बढ़ गई है।
फिलहाल, अजय राय को पुलिस द्वारा रोके जाने की घटना का पूरा घटनाक्रम प्रशासन की ओर से सामने आने वाली आधिकारिक जानकारी के बाद और स्पष्ट हो सकेगा। दूसरी ओर, कांग्रेस की ओर से इसे पीड़ित परिवार तक पहुंचने से रोकने की कार्रवाई बताया जा रहा है। इसलिए आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक रूप से और तूल पकड़ सकता है।

