अमरोहा में सहसपुर गांव के पास दिखा तेंदुआ, ग्रामीणों में दहशत; वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल

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रिपोर्ट: इकबाल अंसारी

अमरोहा: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में तेंदुए की मौजूदगी से ग्रामीणों के बीच चिंता बढ़ गई है। डिडौली थाना क्षेत्र के सहसपुर अलीनगर गांव के पास बुढ़नपुर-सहसपुर अलीनगर मार्ग पर देर रात तेंदुआ दिखाई देने की सूचना सामने आई है। कार से घर लौट रहे कुछ युवकों ने सड़क पर घूमते तेंदुए को देखा और उसका वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। अब यह वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।

तेंदुए के दिखाई देने की सूचना के बाद आसपास के गांवों में सतर्कता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पहले भी जंगली जानवरों की गतिविधियां देखी जाती रही हैं। ऐसे में आबादी के नजदीक तेंदुए के दिखाई देने से लोगों में चिंता का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से इलाके में निगरानी बढ़ाने और तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़ने की मांग की है।

देर रात सड़क पर दिखाई दिया तेंदुआ

जानकारी के अनुसार, सहसपुर अलीनगर निवासी अब्दुल कादिर अपने साथियों के साथ कार से घर लौट रहे थे। इसी दौरान जब उनकी कार बुढ़नपुर और सहसपुर अलीनगर के बीच पहुंची, तो उन्हें सड़क पर एक तेंदुआ दिखाई दिया।

अचानक सड़क पर तेंदुए को देखकर कार सवार युवक सतर्क हो गए। उन्होंने वाहन को सुरक्षित दूरी पर रखते हुए मोबाइल फोन से तेंदुए का वीडियो बनाया। वीडियो में तेंदुआ सड़क पर घूमता हुआ दिखाई दे रहा है। इसके बाद यह वीडियो इंटरनेट मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने लगा।

घटना की जानकारी आसपास के लोगों तक पहुंची तो ग्रामीणों में भी चर्चा शुरू हो गई। लोगों ने रात के समय क्षेत्र में आवाजाही को लेकर सावधानी बरतनी शुरू कर दी है। खासतौर पर खेतों और जंगल के आसपास रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

पुलिस गश्त के दौरान भी नजर आया तेंदुआ

तेंदुए की मौजूदगी की सूचना केवल ग्रामीणों तक सीमित नहीं रही। डिडौली पुलिस की टीम भी क्षेत्र में बाइक से गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिसकर्मियों को मूंढा इम्मा गांव के जंगल में तालाब के पास तेंदुआ दिखाई देने की बात सामने आई है।

पुलिसकर्मियों के अनुसार, बाइक की रोशनी तेंदुए पर पड़ते ही वह जंगल की ओर चला गया। इसके बाद कुछ देर बाद पुलिस टीम दोबारा मौके पर पहुंची तो तेंदुआ तालाब के किनारे घूमता दिखाई दिया। इस घटना के बाद पुलिस ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है और ग्रामीणों को भी सतर्क रहने के लिए कहा जा रहा है।

एक ही इलाके में अलग-अलग स्थानों पर तेंदुआ दिखाई देने की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों की चिंता स्वाभाविक रूप से बढ़ गई है। हालांकि, अभी तक किसी व्यक्ति के तेंदुए के हमले में घायल होने की सूचना सामने नहीं आई है।

वन विभाग से निगरानी बढ़ाने की मांग

ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि तेंदुआ लगातार आबादी के आसपास दिखाई देता है, तो उसकी गतिविधियों पर नजर रखना जरूरी है। इसके साथ ही ग्रामीण चाहते हैं कि वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले और जरूरत के अनुसार तेंदुए को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करे।

ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय खेतों और जंगल के आसपास जाने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। वहीं, लोगों से यह भी अपील की जा रही है कि तेंदुआ दिखाई देने पर उसके करीब जाने या उसे घेरने की कोशिश न करें।

अकेले खेतों और जंगल की ओर न जाने की सलाह

तेंदुए की गतिविधि को देखते हुए ग्रामीणों को रात के समय अकेले खेतों या जंगल की तरफ नहीं जाने की सलाह दी जा रही है। जरूरत पड़ने पर समूह में ही बाहर निकलने और आसपास के लोगों को जानकारी देने की बात कही जा रही है।

इसके अलावा, यदि किसी व्यक्ति को तेंदुआ दिखाई देता है तो उसे सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए। वन्यजीव के करीब जाकर वीडियो बनाने या उसका रास्ता रोकने से बचना जरूरी है। इसकी सूचना तत्काल पुलिस या वन विभाग को देना अधिक सुरक्षित विकल्प है।

विशेषज्ञों के अनुसार, जंगली जानवरों की गतिविधि वाले इलाकों में लोगों को संयम और सावधानी बरतनी चाहिए। तेंदुए को देखकर शोर मचाने, उसका पीछा करने या उसे घेरने की कोशिश करने से स्थिति बिगड़ सकती है। इसलिए स्थानीय स्तर पर जागरूकता और निगरानी दोनों महत्वपूर्ण हैं।

वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने से बढ़ी चर्चा

सड़क पर तेंदुआ दिखाई देने के बाद बनाए गए वीडियो के इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने से यह मामला तेजी से लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। वीडियो देखने के बाद आसपास के गांवों के लोग भी अपने-अपने स्तर पर जानकारी साझा कर रहे हैं।

हालांकि, इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने वाले किसी भी वीडियो या उससे जुड़ी जानकारी की पुष्टि संबंधित विभाग से करना जरूरी है। तेंदुए की सही लोकेशन और उसकी गतिविधियों के संबंध में वन विभाग की निगरानी और आधिकारिक जानकारी को ही प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

ग्रामीणों की सुरक्षा पर प्रशासन की नजर

मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस गश्त और सतर्कता बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है। खासकर उन क्षेत्रों में जहां जंगल, खेत और जलाशय आबादी के करीब हैं, वहां रात के समय निगरानी महत्वपूर्ण हो जाती है।

ग्रामीणों से अपील की जा रही है कि वे तेंदुए की मौजूदगी की सूचना मिलने पर घबराने के बजाय सावधानी बरतें। बच्चों को भी रात के समय घर से बाहर अकेले न भेजने और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी जा सकती है।

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