भारी बारिश और बाढ़ से कई राज्यों में बिगड़े हालात, उत्तराखंड में 170 फीट ब्रिज बहा, यूपी-बिहार में लाखों प्रभावित

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Digital UP News Desk

देश के कई राज्यों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। उत्तराखंड से लेकर बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा तक बारिश का दौर जारी है। कहीं नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं तो कहीं तेज बहाव के कारण सड़क और पुल प्रभावित हुए हैं। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में चीन सीमा से सटी घाटियों को जोड़ने वाला 170 फीट लंबा बैली ब्रिज तेज बहाव में बह गया। वहीं, छत्तीसगढ़ में हसदेव नदी के तेज बहाव में तीन कॉलेज छात्र लापता हो गए हैं।

दूसरी ओर, बिहार और उत्तर प्रदेश में बाढ़ का दायरा लगातार बढ़ रहा है। बिहार में लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि उत्तर प्रदेश के 26 जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। इसके अलावा मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तराखंड में 170 फीट लंबा बैली ब्रिज बहा

उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण पिथौरागढ़ जिले में कुलागाड़ नाले पर बनाया गया 170 फीट लंबा बैली ब्रिज तेज बहाव की चपेट में आकर बह गया। इस घटना के बाद चीन सीमा से लगी व्यास, दारमा और चौदांस घाटियों का संपर्क प्रभावित हो गया है।

खास बात यह है कि यह बैली ब्रिज हाल ही में 27 अगस्त को बनाया गया था। इससे पहले 18 अगस्त को चट्टान गिरने के कारण पुराना पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद आवाजाही बहाल करने के लिए नया अस्थायी पुल तैयार किया गया था। हालांकि, लगातार बारिश और नाले के तेज बहाव के कारण यह पुल भी टिक नहीं सका।

सीमावर्ती क्षेत्रों के लिहाज से इन घाटियों को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में पुल के बहने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हुआ है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और संपर्क बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में नदी में बहे तीन कॉलेज छात्र, तलाश जारी

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में हसदेव नदी के तेज बहाव के बीच तीन कॉलेज छात्रों के लापता होने की खबर है। बताया गया कि तीनों छात्र शुक्रवार को बिलासपुर के चौकसे कॉलेज के आठ छात्र-छात्राओं के समूह के साथ पिकनिक मनाने देवरी गांव पहुंचे थे।

जानकारी के अनुसार, नदी किनारे फोटो और सेल्फी लेने के दौरान एक छात्र का पैर फिसल गया। उसे बचाने के प्रयास में दो अन्य छात्र भी नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बचाव दल सक्रिय हुए।

लापता छात्रों की तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है। नदी में तेज बहाव होने के कारण बचाव कार्य में सावधानी बरती जा रही है। प्रशासन ने लोगों से नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचने की अपील की है।

बिहार में बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित

बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के कई जिलों में नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 14 जिलों के 2,360 गांवों में करीब 44 लाख लोग प्रभावित हैं। वहीं, अन्य प्रशासनिक आकलनों में प्रभावित आबादी का आंकड़ा 47 लाख से अधिक बताया गया है।

गंगा समेत प्रदेश की कई प्रमुख नदियां उफान पर हैं। करीब आठ नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य जारी है। हजारों लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। बताया गया है कि करीब 27,954 लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं।

इस बीच मौसम विभाग ने दक्षिण-पूर्व बिहार और सीमांचल क्षेत्र के नौ जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। ऐसे में पहले से बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन की चुनौती बढ़ सकती है।

उत्तर प्रदेश के 26 जिलों में बाढ़ का असर

उत्तर प्रदेश में भी मानसून जाते-जाते एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 60 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार को लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद, आगरा और झांसी समेत करीब 20 शहरों में तेज बारिश दर्ज की गई।

बारिश के साथ-साथ गंगा और यमुना समेत 10 से अधिक नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। प्रदेश के 26 जिले बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं और करीब चार लाख लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य किए जा रहे हैं।

कई इलाकों में जलभराव के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। मिर्जापुर में कुछ पुलों के ऊपर से पानी बहने की स्थिति सामने आई है। वहीं, फर्रुखाबाद में बाढ़ के कारण स्टेट हाईवे का करीब 400 मीटर हिस्सा पानी में डूब गया है।

कानपुर और उन्नाव में भी गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। नदी किनारे बसे गांवों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कुछ स्थानों पर पानी घरों और ग्रामीण रास्तों तक पहुंचने की सूचना है। ऐसे में प्रशासन और स्थानीय स्तर पर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

मध्य प्रदेश में 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार को भी कई क्षेत्रों में बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ।

राजधानी भोपाल में बारिश के दौरान दृश्यता काफी कम हो गई। वहीं, दमोह के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी। प्रशासन की ओर से निचले और जलभराव वाले क्षेत्रों में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क रखा गया है।

राजस्थान के 29 जिलों में बारिश की संभावना

राजस्थान में भी मानसून की सक्रियता बढ़ी है। मौसम विभाग ने राज्य के 29 जिलों में बारिश की संभावना जताई है। इससे पहले शुक्रवार को अलवर, सवाई माधोपुर और दौसा समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई।

बारिश के बाद कई सड़कों पर पानी भर गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने लोगों को स्थानीय मौसम की स्थिति पर नजर रखने और जलभराव वाले रास्तों से बचने की सलाह दी है।

दिल्ली में अगले दो दिनों तक बारिश का अनुमान

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। सेंट्रल दिल्ली समेत कई क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को भी राजधानी के कुछ हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश हो सकती है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक शाम के समय हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। दिल्ली में बारिश का सिलसिला अगले दो दिनों यानी रविवार तक बने रहने की संभावना है। ऐसे में जलभराव और यातायात संबंधी समस्याओं को लेकर स्थानीय प्रशासन सतर्क है।

हरियाणा में भी बारिश का दौर जारी

हरियाणा में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक, आज प्रदेश के 16 जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद अगले दो दिनों में कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है।

बारिश के कारण प्रदेश के औसत तापमान में कुछ गिरावट आई है। हालांकि, पश्चिमी जिलों में गर्मी का असर अभी बना हुआ है। सिरसा और हिसार में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया। वहीं, अंबाला और चरखी दादरी में तापमान 36 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा।

कई राज्यों में प्रशासन की बढ़ी जिम्मेदारी

लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने कई राज्यों में प्रशासन के सामने चुनौती बढ़ा दी है। खासकर नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

फिलहाल उत्तराखंड में संपर्क मार्ग बहाल करना, छत्तीसगढ़ में लापता छात्रों की तलाश और बिहार-उत्तर प्रदेश में बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाना प्राथमिकता बनी हुई है। इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा में संभावित भारी बारिश को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को सतर्क किया गया है।

मौसम विभाग के अलर्ट के बीच लोगों को सलाह दी गई है कि वे नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास अनावश्यक रूप से न जाएं। साथ ही, यात्रा से पहले मौसम और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी लेना भी जरूरी है।

कुल मिलाकर, देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता ने एक बार फिर बारिश और बाढ़ की चुनौती बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति और नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।

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