कजरी तीज पर राप्ती तट पर उमड़ी शिवभक्तों की भीड़, जल भरकर मंदिरों की ओर निकले कांवड़िये
रिपोर्ट- सूर्यप्रकाश शुक्ला
श्रावस्ती: कजरी तीज पर्व को लेकर श्रावस्ती में आस्था और भक्ति का माहौल दिखाई दे रहा है। पर्व पर भगवान शिव के जलाभिषेक की तैयारियों के बीच राप्ती नदी के तट पर रविवार को हजारों की संख्या में शिवभक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने राप्ती नदी के पवित्र जल से कलश और कांवड़ में जल भरा और पैदल यात्रा करते हुए विभिन्न शिव मंदिरों की ओर प्रस्थान किया। इस दौरान नदी तट से लेकर मंदिरों की ओर जाने वाले मार्गों तक ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारे गूंजते रहे।
कजरी तीज के अवसर पर भगवान शिव के जलाभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है। इसी धार्मिक आस्था के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु राप्ती नदी के तट पर पहुंचे। सुबह से ही घाटों पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, नदी के विभिन्न घाटों पर भक्तों की संख्या भी बढ़ती गई। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ राप्ती नदी में स्नान और पूजा-अर्चना की तथा इसके बाद भगवान शिव के अभिषेक के लिए जल भरा।
राप्ती तट से जल भरकर पैदल यात्रा पर निकले श्रद्धालु
राप्ती नदी से जल भरने के बाद श्रद्धालु अपने-अपने गंतव्य की ओर पैदल रवाना हुए। कई शिवभक्त जंगलीनाथ धाम में भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए निकले, जबकि बड़ी संख्या में कांवड़िये विभूतिनाथ मंदिर की ओर रवाना हुए। भक्तों की इस पैदल यात्रा में धार्मिक उत्साह साफ दिखाई दिया।
कांवड़ियों ने कांवड़ में पवित्र जल भरकर उसे कंधे पर धारण किया और निर्धारित मार्गों से मंदिरों की ओर बढ़ते रहे। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं के समूह दिखाई दिए। वहीं, कई भक्त हाथों में पूजा सामग्री और जल के पात्र लेकर पैदल यात्रा करते नजर आए।
इसके साथ ही, कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में अनुशासन बनाए रखने और निर्धारित मार्गों का पालन करने की अपील भी की गई। यात्रा के दौरान धार्मिक नारों से वातावरण पूरी तरह शिवमय नजर आया।
‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंजा राप्ती तट
राप्ती नदी के घाटों पर रविवार को भक्तिमय वातावरण रहा। जल भरने पहुंचे श्रद्धालु भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए नजर आए। ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से राप्ती तट से लेकर मंदिरों की ओर जाने वाले मार्ग गूंजते रहे।
श्रद्धालुओं के उत्साह के कारण पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल बना रहा। महिला, पुरुष और युवा श्रद्धालुओं के साथ बड़ी संख्या में कांवड़िये भी यात्रा में शामिल हुए। कई श्रद्धालु समूह बनाकर पैदल आगे बढ़े। वहीं, मंदिरों में होने वाले जलाभिषेक को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
कजरी तीज पर होने वाले जलाभिषेक को लेकर श्रद्धालुओं ने पहले से ही अपनी तैयारियां पूरी कर ली थीं। इसके बाद निर्धारित समय पर राप्ती तट पहुंचकर जल भरने और मंदिर तक पैदल जाने की प्रक्रिया शुरू हुई।
जंगलीनाथ धाम और विभूतिनाथ मंदिर में विशेष तैयारियां
कजरी तीज पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से प्रमुख शिव मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। जंगलीनाथ धाम और विभूतिनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है।
मंदिर परिसर और आसपास के प्रमुख स्थानों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं की गई हैं। इसके अलावा, घाटों से लेकर मंदिरों तक जाने वाले प्रमुख मार्गों पर भी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। प्रशासन का उद्देश्य यह है कि श्रद्धालु सुचारु रूप से जल लेकर मंदिरों तक पहुंच सकें और जलाभिषेक के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
घाटों पर पुलिस बल की तैनाती
श्रावस्ती में कजरी तीज के मद्देनजर राप्ती नदी के विभिन्न घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
घाटों पर पुलिसकर्मी मौजूद रहकर श्रद्धालुओं की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। वहीं, मंदिरों के आसपास भी पुलिस बल की तैनाती की गई है। भीड़ बढ़ने की स्थिति में श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए बैरिकेडिंग का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें और घाटों तथा मंदिर परिसर में निर्धारित व्यवस्था का पालन करें। साथ ही, नदी में स्नान और जल भरते समय सावधानी बरतने की भी जरूरत बताई गई है।
जलाभिषेक को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह
कजरी तीज के अवसर पर अगले दिन होने वाले जलाभिषेक को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। राप्ती नदी से जल भरकर पैदल मंदिरों की ओर जाने वाले भक्तों के लिए यह यात्रा धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। श्रद्धालु भगवान शिव को राप्ती का जल अर्पित करने के लिए लंबी दूरी पैदल तय कर रहे हैं।
वहीं, मंदिरों में भी जलाभिषेक को लेकर तैयारियां की गई हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रबंधन और प्रशासन की ओर से भीड़ नियंत्रण तथा प्रवेश-निकास व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है।
इसके अलावा, मंदिर परिसर के आसपास श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त व्यवस्था के कारण राप्ती घाट से लेकर मंदिरों तक श्रद्धालुओं की यात्रा को सुचारु बनाए रखने पर जोर है।
आस्था के साथ अनुशासन का संदेश
कजरी तीज के इस धार्मिक आयोजन में जहां श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखने को मिल रहा है, वहीं प्रशासन की ओर से सुरक्षा और अनुशासन को प्राथमिकता दी जा रही है। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के कारण घाटों और मंदिरों के आसपास सावधानी बरतना जरूरी है।
श्रद्धालुओं से अपील है कि वे यात्रा के दौरान एक-दूसरे का सहयोग करें, भीड़ वाले स्थानों पर धैर्य बनाए रखें और पुलिस एवं प्रशासन द्वारा बनाए गए मार्गों का ही इस्तेमाल करें। विशेष रूप से नदी के घाटों पर स्नान और जल भरते समय सतर्कता बरतना महत्वपूर्ण है।
इस बीच, राप्ती तट से मंदिरों की ओर बढ़ती श्रद्धालुओं की कतारें श्रावस्ती में कजरी तीज की धार्मिक महत्ता को दर्शा रही हैं। चारों ओर गूंजते भगवान शिव के जयकारों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया है। हजारों श्रद्धालु अपनी आस्था के साथ जल लेकर मंदिरों की ओर बढ़ रहे हैं और अगले दिन भगवान शिव के जलाभिषेक की तैयारी में जुटे हैं।

