कानपुर देहातः रोजगार मेलों के नियमित आयोजन और युवाओं की अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने के जिलाधिकारी ने दिए निर्देश

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रिपोर्ट- विशाल मिश्रा 

कलेक्ट्रेट। उत्तर प्रदेश में युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और रोजगार सृजन को गति देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के अंतर्गत जिला कार्यकारी समिति की बैठक आयोजित की गई। मां मुक्तेश्वरी देवी सभागार कक्ष, कलेक्ट्रेट में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट कपिल सिंह ने की। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल सहित विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान जिले में रोजगार सृजन को बढ़ावा देने, युवाओं को उनकी शैक्षिक योग्यता और कौशल के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा रोजगार मेलों के प्रभावी आयोजन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के उद्देश्यों को जमीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।

युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार मिले रोजगार

जिलाधिकारी कपिल सिंह ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसके लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवाओं की शैक्षिक योग्यता, तकनीकी दक्षता, कौशल और रुचि को ध्यान में रखते हुए उन्हें उपयुक्त रोजगार के अवसरों से जोड़ा जाए।

उन्होंने कहा कि रोजगार उपलब्ध कराने के लिए केवल रोजगार मेलों का आयोजन ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं और रोजगार प्रदान करने वाली संस्थाओं के बीच प्रभावी संपर्क भी जरूरी है। इसलिए ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे योग्य अभ्यर्थियों को उनकी क्षमता के अनुरूप रोजगार के अवसर मिल सकें।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि जिले में रोजगार से संबंधित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी युवाओं तक समय से पहुंचाई जाए। इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक युवा सरकारी योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और रोजगार के अवसरों का लाभ उठा सकें।

नियमित रोजगार मेलों के आयोजन पर जोर

बैठक में रोजगार मेलों के आयोजन को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि रोजगार मेलों का नियमित आयोजन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही इन आयोजनों में अधिक से अधिक युवाओं की सहभागिता के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए।

उन्होंने कहा कि रोजगार मेलों में विभिन्न क्षेत्रों की रोजगार प्रदाता संस्थाओं को आमंत्रित किया जाए, ताकि अभ्यर्थियों के सामने रोजगार के पर्याप्त विकल्प उपलब्ध हों। इसके अलावा युवाओं को रोजगार मेले की तिथि, स्थान, पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और उपलब्ध पदों से संबंधित जानकारी पहले से उपलब्ध कराई जाए।

इससे युवाओं को अपनी तैयारी करने में सुविधा होगी और रोजगार मेलों में उनकी सहभागिता भी बढ़ेगी। साथ ही रोजगार प्रदाता संस्थानों को भी योग्य अभ्यर्थियों तक पहुंचने का बेहतर अवसर मिलेगा।

रोजगार प्रदाता संस्थानों और अभ्यर्थियों में समन्वय जरूरी

बैठक में अधिकारियों ने रोजगार प्रदाता संस्थानों और रोजगार की तलाश कर रहे अभ्यर्थियों के बीच समन्वय को और मजबूत करने के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। जिलाधिकारी ने कहा कि रोजगार के अवसर तभी प्रभावी साबित होंगे, जब सही अभ्यर्थी को सही संस्था और सही अवसर से जोड़ा जा सके।

उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि रोजगार मेलों में शामिल होने वाली कंपनियों और संस्थानों की आवश्यकताओं को समझते हुए उसी अनुरूप अभ्यर्थियों को जानकारी उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा युवाओं को उनके कौशल में सुधार के लिए उपलब्ध प्रशिक्षण अवसरों से भी जोड़ा जाए।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा कि रोजगार से जुड़े कार्यक्रम केवल औपचारिकता तक सीमित न रहें, बल्कि उनका वास्तविक लाभ जिले के युवाओं तक पहुंचे।

योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश

उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को अपने-अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रोजगार से जुड़ी योजनाओं की जानकारी आम लोगों और विशेष रूप से युवाओं तक पहुंचाना आवश्यक है।

इसके लिए विभागीय स्तर पर प्रचार-प्रसार के विभिन्न माध्यमों का उपयोग करने पर जोर दिया गया। साथ ही पात्र युवाओं को योजनाओं से जोड़ने के लिए आवश्यक प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाने की दिशा में भी कार्य करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि रोजगार सृजन से जुड़े प्रयासों में विभागों के बीच बेहतर तालमेल होना चाहिए। इसके लिए नियमित समीक्षा और आवश्यकतानुसार सुधार की प्रक्रिया जारी रखी जाए।

मिशन के उद्देश्यों को पूरा करने पर जोर

बैठक में उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के उद्देश्यों को जिले में प्रभावी रूप से लागू करने को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित रोजगारपरक योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी भी साझा की।

इस दौरान रोजगार सृजन की संभावनाओं, युवाओं को उपलब्ध कराए जा सकने वाले अवसरों और रोजगार मेलों को अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर विचार किया गया। इसके अलावा युवाओं को कौशल आधारित रोजगार से जोड़ने के लिए विभागीय स्तर पर किए जा रहे प्रयासों की भी समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन, रोजगार प्रदाता संस्थानों और संबंधित विभागों को एक साथ मिलकर काम करना होगा। सामूहिक प्रयासों के माध्यम से ही रोजगार के अवसरों को बढ़ाया जा सकता है।

अधिकारियों की रही मौजूदगी

बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमित कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व दुष्यंत कुमार मौर्य, अपर पुलिस अधीक्षक आलोक प्रसाद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जय गोविंद सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

अधिकारियों ने रोजगार मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन और युवाओं तक रोजगार के अवसर पहुंचाने के लिए आवश्यक सहयोग और समन्वय सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई।

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