लखीमपुरः बाढ़ के पानी के बीच नाव बनी राहत की राह, उत्तमपुरवा-लोधपुरवा पहुंची सरकारी मदद

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लखीमपुर-खीरी। जिले में बाढ़ की स्थिति के बीच प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने के लिए सराहनीय पहल की। जब पानी के कारण गांवों तक पहुंचने वाले सामान्य रास्ते बाधित हो गए, तब राहत सामग्री लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की टीम नाव के जरिए प्रभावित गांवों तक पहुंची। तहसील सदर के ब्लॉक नकहा अंतर्गत ग्राम रेहरिया के मजरा उत्तमपुरवा और लोधपुरवा में करीब आधे घंटे का नाव से सफर तय कर अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने 250 बाढ़ प्रभावित परिवारों को उनके गांव में ही राहत किट वितरित की।

इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष अरविंद गुप्ता, सदर विधायक योगेश वर्मा, उपजिलाधिकारी एवं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट लखीमपुर चेलवा राजू आर. तथा तहसीलदार मुकेश कुमार वर्मा सहित प्रशासनिक टीम मौजूद रही। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और जरूरतों की जानकारी भी ली। इस पहल का उद्देश्य यही रहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री लेने के लिए पानी से होकर दूर न जाना पड़े और जरूरत के समय सरकारी सहायता सीधे उनके बीच पहुंच सके।

रास्ते बंद हुए तो नाव से गांव तक पहुंची राहत

बाढ़ के कारण उत्तमपुरवा और लोधपुरवा तक पहुंचना प्रशासन के लिए आसान नहीं था। जलभराव के चलते कई सामान्य रास्ते प्रभावित हो गए थे। ऐसे में राहत कार्य को जारी रखने के लिए नाव का सहारा लिया गया। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की टीम करीब आधे घंटे तक नाव से सफर कर प्रभावित बस्तियों तक पहुंची।

गांव पहुंचने के बाद अधिकारियों ने केवल राहत सामग्री का वितरण ही नहीं किया, बल्कि ग्रामीणों से उनकी समस्याओं के बारे में भी जानकारी ली। इस दौरान यह समझने का प्रयास किया गया कि बाढ़ के कारण लोगों को किन-किन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें तत्काल किन चीजों की आवश्यकता है।

दरअसल, आपदा के समय राहत सामग्री का समय पर पहुंचना बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसलिए प्रशासन की ओर से यह प्रयास किया गया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद राहत वितरण की प्रक्रिया प्रभावित न हो।

250 परिवारों को गांव में ही मिली राहत किट

उत्तमपुरवा और लोधपुरवा में कुल 250 प्रभावित परिवारों को राहत किट वितरित की गई। राहत किट में खाद्यान्न के साथ-साथ दैनिक उपयोग की कई आवश्यक वस्तुएं शामिल की गई हैं। इससे प्रभावित परिवारों को तत्काल जरूरत की कई सामग्री एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकी।

प्रशासन की ओर से तैयार राहत किट में खाद्य सामग्री, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, स्वच्छता से जुड़ी सामग्री और बाढ़ के दौरान उपयोगी सामान को शामिल किया गया है। इस प्रकार राहत किट को केवल राशन तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि परिवारों की रोजमर्रा की आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखा गया।

राहत किट में खाद्यान्न और जरूरी सामान शामिल

प्रत्येक लाभार्थी को दी गई राहत किट में 2.5 किलोग्राम लाई, 2 किलोग्राम गैर-भुना चना, 2 किलोग्राम भुना चना, 1 किलोग्राम चीनी, 10 पैकेट बिस्कुट, एक पैकेट माचिस, एक पैकेट मोमबत्ती और दो नग नहाने के साबुन शामिल हैं।

इसके अलावा प्रत्येक परिवार को 18 लीटर की ढक्कनदार बाल्टी और 12×10 वर्गफुट का 110 GSM से कम मोटाई वाला त्रिपाल भी दिया गया। बाढ़ के दौरान घरेलू सामान को सुरक्षित रखने और अस्थायी जरूरतों में त्रिपाल जैसी सामग्री उपयोगी साबित हो सकती है।

खाद्यान्न सामग्री में 10 किलोग्राम आटा, 10 किलोग्राम चावल, 2 किलोग्राम अरहर दाल, 10 किलोग्राम आलू, 200 ग्राम हल्दी, 100 ग्राम पिसी मिर्च, 200 ग्राम सब्जी मसाला, एक लीटर सरसों का तेल या रिफाइंड और एक किलोग्राम नमक शामिल किया गया है।

इससे प्रभावित परिवारों को कुछ समय के लिए भोजन तैयार करने के लिए आवश्यक प्रमुख खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सकेगी।

महिलाओं की जरूरतों का भी रखा गया ध्यान

राहत किट में महिलाओं और परिवारों की दैनिक जरूरतों को भी ध्यान में रखा गया है। किट में 20 सैनिटरी पैड, दो नग कपड़े धोने के साबुन, एक तौलिया, एक मीटर सूती कपड़ा, 20 डिस्पोजेबल बैग, एक मग और 100 मिलीलीटर डेटाल या सेवलॉन भी शामिल किया गया है।

आपदा की स्थिति में स्वच्छता और व्यक्तिगत साफ-सफाई से जुड़ी सामग्री की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण होती है। इसलिए राहत किट में इन वस्तुओं को शामिल किए जाने से प्रभावित परिवारों को दैनिक जरूरतों के स्तर पर भी सहायता मिलेगी।

विधायक बोले- संकट में हर परिवार तक पहुंचेगी मदद

राहत किट वितरण के दौरान सदर विधायक योगेश वर्मा ने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राहत कार्य लगातार जारी हैं और प्रयास किया जा रहा है कि किसी भी प्रभावित परिवार को सहायता के लिए भटकना न पड़े।

विधायक के मुताबिक प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का प्रयास है कि संकट की घड़ी में जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री सीधे पहुंचाई जाए। इसके लिए आवश्यकता के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

जिलाध्यक्ष ने कहा- प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है सरकार

भाजपा जिलाध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने राहत किट वितरण के दौरान कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जरूरतमंद लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने और उनकी आवश्यकताओं को प्राथमिकता देने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर राहत कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां सामान्य आवागमन प्रभावित हुआ है, वहां उपलब्ध संसाधनों के जरिए लोगों तक मदद पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

ग्रामीणों के बीच पहुंची राहत ने बढ़ाया भरोसा

बाढ़ के पानी के बीच नाव के जरिए गांव तक पहुंची राहत सामग्री ने प्रभावित परिवारों के बीच भरोसा बढ़ाया। आमतौर पर बाढ़ के दौरान आवागमन प्रभावित होने से लोगों तक आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति चुनौतीपूर्ण हो जाती है। ऐसे समय में प्रशासन का सीधे प्रभावित गांवों तक पहुंचना राहत कार्य की प्रभावशीलता को बढ़ाता है।

उत्तमपुरवा और लोधपुरवा में राहत किट वितरण के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद किया। इससे स्थानीय लोगों को अपनी समस्याएं प्रशासन तक सीधे पहुंचाने का अवसर भी मिला।

राहत कार्यों में समन्वय पर जोर

बाढ़ जैसी परिस्थितियों में राहत और बचाव कार्यों के लिए प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक होता है। लखीमपुर-खीरी के इन प्रभावित क्षेत्रों में भी इसी तरह के समन्वित प्रयास के तहत राहत सामग्री गांव तक पहुंचाई गई।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री लेने के लिए सामान्य रास्तों से बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ी। नाव के माध्यम से गांव तक पहुंचकर सामग्री वितरित की गई। इससे समय की बचत के साथ-साथ प्रभावित लोगों की परेशानी भी कम हुई।

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