मुरादाबाद TMU में NCC के नए बैच की स्क्रीनिंग प्रक्रिया संपन्न, 46 विद्यार्थियों ने दिखाई देशसेवा की प्रतिबद्धता

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रिपोर्ट- मो. अरशद

मुरादाबाद । तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय (TMU), मुरादाबाद में सत्र 2026-27 के प्रथम वर्ष के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित चार दिवसीय ‘दीक्षारंभ-2026’ (Student Induction Programme) का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इसी दौरान विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के नए बैच के लिए स्क्रीनिंग प्रक्रिया भी आयोजित की गई, जिसमें 46 विद्यार्थियों ने भाग लेकर देशसेवा, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की।

एनसीसी युवाओं के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, जिम्मेदारी, टीम भावना और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना विकसित होती है। चयनित विद्यार्थी आगे एनसीसी के विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर अपने व्यक्तित्व को निखारने के साथ ही देशसेवा के लिए स्वयं को तैयार करेंगे।

चार दिवसीय दीक्षारंभ कार्यक्रम में विद्यार्थियों को मिली महत्वपूर्ण जानकारी

टीएमयू में आयोजित ‘दीक्षारंभ-2026’ का मुख्य उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, संस्थागत व्यवस्था, विद्यार्थी सेवाओं, अनुशासन, संसाधनों और कैंपस संस्कृति से परिचित कराना रहा। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के नए परिवेश में सहज बनाने तथा उनके विश्वविद्यालयी जीवन की सकारात्मक शुरुआत सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों एवं संकायों के प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने सहभागिता की। इनमें नर्सिंग, फिजियोथेरेपी एवं पैरामेडिकल, CCSIT, TMIMT, फार्मेसी, फिजिकल एजुकेशन, एजुकेशन, फाइन आर्ट्स, लॉ एंड लीगल स्टडीज, एग्रीकल्चर और इंजीनियरिंग के नवप्रवेशित विद्यार्थी शामिल रहे।

इस दौरान विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें यह भी बताया गया कि वे अपनी पढ़ाई के साथ-साथ सह-शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी कर किस प्रकार अपने व्यक्तित्व का समग्र विकास कर सकते हैं।

अकादमिक व्यवस्था से लेकर छात्र कल्याण तक दी गई जानकारी

‘दीक्षारंभ-2026’ के अंतर्गत विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय का परिचय, अकादमिक संरचना, कॉलेज ओरिएंटेशन, छात्र कल्याण योजनाएं, डिजिटल माध्यम, अनुशासन व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली के बारे में जानकारी दी गई।

इसके अलावा छात्रावास के नियम एवं विनियम, शिक्षण-अधिगम एवं विकास केंद्र, कॉरपोरेट रिसोर्स सेंटर, खेल सुविधाओं और पुस्तकालय संसाधनों की जानकारी भी विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई गई।

विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, विद्यार्थियों से अनुशासन बनाए रखने और विश्वविद्यालय की सकारात्मक कैंपस संस्कृति का हिस्सा बनने का आह्वान किया गया।

अधिकारियों ने विद्यार्थियों का किया मार्गदर्शन

कार्यक्रम के दौरान संयुक्त रजिस्ट्रार डॉ. वैभव रस्तोगी ने विश्वविद्यालय का परिचय प्रस्तुत किया। उन्होंने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की संस्थागत व्यवस्था और उपलब्ध संसाधनों से अवगत कराया।

वहीं, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. (प्रो.) वी. के. जैन ने आशीर्वचन देते हुए विद्यार्थियों को अपने शैक्षणिक जीवन में अनुशासन, निरंतर सीखने और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

डीन एकेडमिक्स डॉ. मंजुला जैन ने विद्यार्थियों को अकादमिक संरचना की जानकारी दी। इसी प्रकार डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. एम. पी. सिंह ने विद्यार्थी कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं के बारे में बताया।

इसके साथ ही चीफ प्रॉक्टर प्रो. सुशील सिंह ने विश्वविद्यालय की अनुशासन व्यवस्था से विद्यार्थियों को परिचित कराया। परीक्षा नियंत्रक डॉ. आशीन्द्र सक्सेना ने परीक्षा व्यवस्था और उससे संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश साझा किए। वहीं डिप्टी चीफ वार्डन डॉ. रत्नेश जैन ने छात्रावास के नियमों एवं व्यवस्थाओं की जानकारी दी।

शिक्षण, खेल और पुस्तकालय सुविधाओं की भी दी गई जानकारी

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को केवल अकादमिक गतिविधियों तक सीमित न रहने बल्कि विश्वविद्यालय में उपलब्ध अन्य अवसरों का लाभ उठाने के लिए भी प्रेरित किया गया।

सीटीएलडी की ओर से जैस्मीन स्टीफेन ने शिक्षण एवं अधिगम विकास केंद्र के बारे में जानकारी दी। वहीं सीआरसी के संयुक्त निदेशक ने विद्यार्थियों को कॉरपोरेट रिसोर्स सेंटर की कार्यप्रणाली और इससे मिलने वाले अवसरों के बारे में बताया।

फिजिकल एजुकेशन कॉलेज के प्राचार्य प्रो. मनु मिश्रा ने विश्वविद्यालय में उपलब्ध खेल सुविधाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने विद्यार्थियों को खेल गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

इसी क्रम में चीफ लाइब्रेरियन डॉ. संजीव ने पुस्तकालय में उपलब्ध संसाधनों और अध्ययन सामग्री के बारे में जानकारी दी। विद्यार्थियों को बताया गया कि बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए पुस्तकालय और डिजिटल संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जा सकता है।

कॉलेज ओरिएंटेशन से विद्यार्थियों को मिला नया अनुभव

‘दीक्षारंभ-2026’ में संबंधित डीन और प्राचार्यों ने कॉलेज ओरिएंटेशन के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने-अपने कॉलेज की शैक्षणिक व्यवस्था से परिचित कराया। इस दौरान पाठ्यक्रम, शिक्षण प्रक्रिया, विभागीय व्यवस्था और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई।

इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में शुरुआत से ही अपने कॉलेज और विश्वविद्यालय के प्रति जुड़ाव विकसित करना रहा। साथ ही उन्हें उच्च शिक्षा की जिम्मेदारियों और अपेक्षाओं के बारे में भी जागरूक किया गया।

एनसीसी के माध्यम से युवाओं में विकसित होगी नेतृत्व क्षमता

टीएमयू में नए एनसीसी बैच के लिए आयोजित स्क्रीनिंग प्रक्रिया को भी विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा गया। इसमें 46 विद्यार्थियों ने भाग लिया और देशसेवा के प्रति अपनी रुचि एवं प्रतिबद्धता प्रदर्शित की।

एनसीसी प्रशिक्षण विद्यार्थियों में अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के साथ उन्हें सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाने में मदद करता है। इसके अलावा टीम भावना, आत्मविश्वास, समय प्रबंधन और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने में भी एनसीसी की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।

चयन प्रक्रिया के बाद चयनित विद्यार्थियों को निर्धारित प्रशिक्षण के माध्यम से विभिन्न गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इससे उन्हें अपने व्यक्तित्व को विकसित करने और समाज एवं राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार नागरिक के रूप में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

समग्र विकास पर रहा विशेष जोर

विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित ‘दीक्षारंभ-2026’ के माध्यम से नवप्रवेशित विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि उच्च शिक्षा केवल कक्षा और परीक्षा तक सीमित नहीं है। बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल, सांस्कृतिक गतिविधियां, अनुशासन, नेतृत्व, सामाजिक सहभागिता और व्यावसायिक कौशल भी महत्वपूर्ण हैं।

इसलिए कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को उपलब्ध सभी संसाधनों और अवसरों का सक्रिय रूप से उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही, उन्हें विश्वविद्यालय के नियमों का पालन करते हुए सकारात्मक और जिम्मेदार कैंपस जीवन अपनाने की सलाह दी गई।

चार दिवसीय कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के नए वातावरण से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई, भविष्य के करियर और व्यक्तित्व विकास के लिए उपलब्ध अवसरों की बेहतर समझ मिली।

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