श्रावस्ती में सीएमओ का औचक निरीक्षण, एक डॉक्टर ड्यूटी से गायब, लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश

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रिपोर्ट- सूर्य प्रकाश शुक्ला 

श्रावस्ती: जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. एके सिंह ने संयुक्त जिला चिकित्सालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लक्ष्मणपुर का औचक निरीक्षण किया। अचानक हुए निरीक्षण से स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों में हलचल देखने को मिली। सीएमओ ने अस्पतालों में मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता, टीकाकरण व्यवस्था और स्टाफ की उपस्थिति समेत विभिन्न व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान सीएचसी लक्ष्मणपुर में बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचे थे। जानकारी के मुताबिक, यहां करीब 130 मरीजों को मुफ्त दवाएं उपलब्ध कराई गईं। वहीं, टीकाकरण कक्ष में संबंधित स्टाफ मौजूद मिला। इसके अलावा अस्पताल में 15 गर्भवती महिलाएं और 28 बच्चे भी मौजूद पाए गए। हालांकि, निरीक्षण के दौरान एक चिकित्साधिकारी ड्यूटी से अनुपस्थित मिले। इस पर सीएमओ ने नाराजगी जताते हुए लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही।

संयुक्त जिला चिकित्सालय का लिया जायजा

सीएमओ डॉ. एके सिंह ने सबसे पहले संयुक्त जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल में मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी ली। इसके साथ ही विभिन्न कक्षों में जाकर चिकित्सकीय एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

औचक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह देखना था कि अस्पताल में मरीजों को निर्धारित स्वास्थ्य सुविधाएं समय पर मिल रही हैं या नहीं। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी और चिकित्सक अपनी निर्धारित ड्यूटी का पालन कर रहे हैं या नहीं, इसकी भी जानकारी ली गई।

सीएमओ ने अस्पताल में मौजूद स्टाफ से उनकी जिम्मेदारियों के संबंध में जानकारी ली और मरीजों के इलाज से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई, मरीजों की सुविधा और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं पर भी ध्यान देने की बात कही।

सीएचसी लक्ष्मणपुर में भी पहुंचे सीएमओ

संयुक्त जिला चिकित्सालय के निरीक्षण के बाद सीएमओ डॉ. एके सिंह सीएचसी लक्ष्मणपुर भी पहुंचे। यहां उन्होंने ओपीडी समेत विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति देखी। इस दौरान अस्पताल में उपचार के लिए आए मरीजों और उनके परिजनों से भी स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली गई।

सीएचसी में मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही दवाओं की स्थिति की भी जानकारी ली गई। बताया गया कि निरीक्षण के दौरान करीब 130 मरीजों को मुफ्त दवाएं दी गईं। इससे यह स्पष्ट हुआ कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के तहत आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जा रही थीं।

इसके अलावा सीएमओ ने संबंधित कर्मचारियों से दवाओं की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि मरीजों को आवश्यक दवाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं और किसी भी स्तर पर अनावश्यक परेशानी न हो।

टीकाकरण कक्ष में मौजूद मिला स्टाफ

निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने टीकाकरण कक्ष का भी जायजा लिया। वहां संबंधित स्टाफ अपनी ड्यूटी पर मौजूद मिला। टीकाकरण से संबंधित व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी लेते हुए सीएमओ ने स्वास्थ्यकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से बच्चों और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण को विशेष महत्व दिया जाता है। ऐसे में सीएमओ ने टीकाकरण से संबंधित व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रखने तथा पात्र लाभार्थियों को समय से आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

टीकाकरण कक्ष में स्टाफ की मौजूदगी मिलने पर सीएमओ ने व्यवस्था का निरीक्षण किया और कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी गंभीरता से करने के निर्देश दिए।

अस्पताल में मौजूद मिलीं 15 गर्भवती महिलाएं और 28 बच्चे

सीएचसी लक्ष्मणपुर के निरीक्षण के दौरान अस्पताल में 15 गर्भवती महिलाएं और 28 बच्चे मौजूद मिले। सीएमओ ने गर्भवती महिलाओं और बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति के बारे में जानकारी ली।

गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, आवश्यक परामर्श और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को लेकर भी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से जानकारी ली गई। वहीं, बच्चों के उपचार और टीकाकरण जैसी सेवाओं की स्थिति भी देखी गई।

सीएमओ ने स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देशित किया कि गर्भवती महिलाओं, नवजातों और बच्चों से संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। साथ ही, अस्पताल आने वाले मरीजों के साथ बेहतर व्यवहार करने और उन्हें आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।

एक चिकित्साधिकारी ड्यूटी से मिले गायब

औचक निरीक्षण के दौरान एक चिकित्साधिकारी के ड्यूटी से अनुपस्थित मिलने की बात सामने आई। अचानक किए गए निरीक्षण में चिकित्साधिकारी की गैरमौजूदगी को सीएमओ ने गंभीरता से लिया। स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों और अन्य कर्मचारियों की समय से उपस्थिति मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।

ऐसे में ड्यूटी के दौरान चिकित्साधिकारी के अनुपस्थित मिलने पर सीएमओ ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात सभी चिकित्सक और कर्मचारी अपनी निर्धारित जिम्मेदारियों का ईमानदारी से पालन करें।

सीएमओ ने कहा कि ड्यूटी में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

लापरवाह कर्मचारियों पर होगी सख्त कार्रवाई

निरीक्षण के बाद सीएमओ डॉ. एके सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि मरीजों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले लोगों को समय पर उपचार, दवाएं और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की जिम्मेदारी है।

उन्होंने यह भी कहा कि ड्यूटी में लापरवाही करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, अस्पतालों में चिकित्सकों और कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

सीएमओ के औचक निरीक्षण का एक उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करना भी माना जा रहा है। इस तरह के निरीक्षणों से अस्पतालों में काम करने वाले कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति अधिक सजग रहने का संदेश मिलता है।

मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर

श्रावस्ती जैसे जिले में सरकारी स्वास्थ्य केंद्र ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बड़ी संख्या में लोग उपचार, जांच, दवा और टीकाकरण जैसी सुविधाओं के लिए सरकारी अस्पतालों पर निर्भर रहते हैं। इसलिए इन संस्थानों में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की समय पर मौजूदगी जरूरी है।

सीएमओ ने निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाए।

साथ ही, दवाओं की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर भी लगातार निगरानी रखने की आवश्यकता बताई गई। इससे मरीजों को उपचार के लिए अनावश्यक रूप से बाहर से दवाएं खरीदने की परेशानी से राहत मिल सकती है।

औचक निरीक्षण से स्वास्थ्य विभाग में बढ़ेगी जवाबदेही

सीएमओ द्वारा किए गए इस औचक निरीक्षण से स्वास्थ्य विभाग में जवाबदेही को लेकर एक स्पष्ट संदेश गया है। खासतौर पर ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के मामले में विभाग सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है।

हालांकि, निरीक्षण के दौरान कई व्यवस्थाएं संतोषजनक भी मिलीं। टीकाकरण कक्ष में स्टाफ की मौजूदगी, मरीजों को मुफ्त दवाओं का वितरण तथा गर्भवती महिलाओं और बच्चों की मौजूदगी से यह संकेत मिलता है कि सीएचसी में नियमित स्वास्थ्य सेवाएं संचालित हो रही थीं।

फिर भी, एक चिकित्साधिकारी का ड्यूटी से गायब मिलना विभाग के लिए चिंता का विषय है। इसलिए सीएमओ ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

फिलहाल सीएमओ के निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यवस्थाओं में सुधार तथा ड्यूटी के प्रति गंभीरता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले दिनों में इन निर्देशों के अनुपालन पर भी विभाग की नजर रहेगी। इस तरह के निरीक्षणों से सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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