कानपुर देहात में नाबालिग से दुष्कर्म मामले के दो आरोपी गिरफ्तार, पुलिस मुठभेड़ में एक के पैर में लगी गोली

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रिपोर्ट- विशाल मिश्रा 

कानपुर देहात: गजनेर थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के आरोप में दर्ज मुकदमे में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए की गई कार्रवाई के दौरान दोनों ने पुलिस टीम से बचकर भागने का प्रयास किया और कथित तौर पर पुलिस पर फायरिंग की।

जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि दूसरे आरोपी को पुलिस टीम ने मौके से पकड़ लिया। घायल आरोपी को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भेजा गया है।

पुलिस के मुताबिक, मामले की शुरुआत उस समय हुई जब एक व्यक्ति ने थाना गजनेर में सूचना दी कि उसकी नाबालिग पुत्री के साथ गांव के ही दो व्यक्तियों ने दुष्कर्म किया है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।

नाबालिग से दुष्कर्म का मामला दर्ज

पुलिस के अनुसार, पीड़िता के पिता की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर गजनेर थाने में दो आरोपियों के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया था। मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी।

नाबालिग से जुड़े मामलों में पुलिस और प्रशासन की ओर से पीड़िता की पहचान की गोपनीयता बनाए रखना जरूरी होता है। इसी वजह से पुलिस कार्रवाई से संबंधित जानकारी में भी पीड़िता की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।

मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी। इसी क्रम में पुलिस को आरोपियों के संभावित ठिकानों और गतिविधियों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही थी।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेरा

पुलिस को मुखबिर खास से सूचना मिली कि मुकदमे से संबंधित दोनों आरोपी अनिल निवासी कटेठी और कालिका निवासी कटेठी कहीं भागने की फिराक में हैं। सूचना मिलने के बाद थाना गजनेर पुलिस सक्रिय हुई।

थानाध्यक्ष गजनेर के नेतृत्व में पुलिस टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए बताए गए स्थान की ओर रवाना हुई। पुलिस के अनुसार, टीम ने दोनों संदिग्ध व्यक्तियों को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान दोनों ने कथित तौर पर वहां से भागने की कोशिश की।

पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने एक राय होकर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने अपनी सुरक्षा और आरोपियों को रोकने के उद्देश्य से जवाबी कार्रवाई की।

जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी घायल

पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अनिल के पैर में गोली लगी। गोली लगने के बाद पुलिस टीम ने उसे मौके पर ही काबू में लिया। वहीं, दूसरे आरोपी कालिका को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

घायल आरोपी को तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। पुलिस के अनुसार, चिकित्सकीय उपचार के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई और मौके पर आवश्यक कार्रवाई की। पुलिस टीम की ओर से की गई कार्रवाई के संबंध में भी नियमानुसार आगे की प्रक्रिया जारी है।

दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

इस कार्रवाई के बाद नाबालिग से जुड़े मामले में नामजद दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटा रही है।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी घटना के बाद कहां-कहां रहे और क्या वे गिरफ्तारी से बचने के लिए किसी अन्य स्थान पर जाने की तैयारी कर रहे थे। इसके अलावा मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

हालांकि, किसी भी आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। पुलिस की जांच और अदालत में प्रस्तुत होने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

पुलिस फायरिंग की भी होगी कानूनी जांच

पुलिस मुठभेड़ या जवाबी फायरिंग से जुड़ी घटनाओं में नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाती है। इस मामले में भी पुलिस की ओर से घटनास्थल, फायरिंग और आरोपियों की गिरफ्तारी से संबंधित तथ्यों को दर्ज किया जा रहा है।

पुलिस टीम की ओर से की गई कार्रवाई के दौरान किन परिस्थितियों में जवाबी फायरिंग हुई, इसका विवरण विवेचना के दौरान सामने आएगा। साथ ही घटनास्थल से संबंधित साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया जाएगा।

इस प्रकार, एक ओर पुलिस नाबालिग से जुड़े मूल मामले की जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर गिरफ्तारी के दौरान हुई फायरिंग की घटना से जुड़े तथ्यों को भी कानूनी प्रक्रिया के तहत दर्ज किया जा रहा है।

पीड़िता की पहचान रखना जरूरी

नाबालिग से जुड़े यौन अपराध के मामलों में पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करना कानूनन प्रतिबंधित है। इसलिए समाचार रिपोर्टिंग में भी पीड़िता का नाम, पता, स्कूल, परिवार या ऐसी कोई जानकारी प्रकाशित नहीं की जानी चाहिए जिससे उसकी पहचान उजागर हो।

ऐसे मामलों में समाचार का उद्देश्य घटना की तथ्यात्मक जानकारी देना होना चाहिए, न कि पीड़िता की पहचान या निजी जानकारी सामने लाना। इसलिए इस मामले में भी पीड़िता से संबंधित किसी पहचान योग्य विवरण को सार्वजनिक नहीं किया गया है।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

फिलहाल पुलिस ने मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घायल आरोपी अनिल का उपचार कराया जा रहा है, जबकि दूसरे आरोपी कालिका को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस की ओर से आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

मामले की विवेचना के दौरान पुलिस शिकायत, उपलब्ध साक्ष्यों, आरोपियों के बयान और अन्य जरूरी तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाएगी। इसके बाद केस की स्थिति के अनुसार आरोप पत्र और अन्य कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

वहीं, नाबालिग से जुड़े मामले को देखते हुए पुलिस की जांच पर भी विशेष ध्यान रहेगा। पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा तथा गोपनीयता को बनाए रखना इस तरह के मामलों में महत्वपूर्ण होता है।

विधिक कार्रवाई और विवेचना जारी है

गजनेर थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में दर्ज मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों ने भागने का प्रयास किया और पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद हुई जवाबी कार्रवाई में अनिल के पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को उपचार के लिए सीएचसी भेजा गया है।

दूसरे आरोपी कालिका को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल मामले में आगे की विधिक कार्रवाई और विवेचना जारी है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की विस्तृत स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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