एटाःविजयपुर में चार बंद घरों में चोरी, लाखों के जेवरात और नकदी ले गए अज्ञात चोर

203

रिपोर्ट- नंदकुमार

एटा। थाना राजा का रामपुर क्षेत्र के ग्राम विजयपुर में मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात अज्ञात चोरों ने एक साथ चार बंद घरों को निशाना बनाकर ग्रामीणों में चिंता बढ़ा दी। चोर अलग-अलग घरों के ताले तोड़कर जेवरात, नकदी और घरेलू सामान लेकर फरार हो गए। सुबह जब ग्रामीणों को चोरी की जानकारी हुई तो गांव में हलचल मच गई। सूचना मिलने के बाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थलों का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी।

पुलिस के अनुसार, चोरी की वारदात में शामिल लोगों की पहचान अभी नहीं हो सकी है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए फील्ड यूनिट और फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि अभी तक किसी भी पीड़ित पक्ष की ओर से लिखित तहरीर नहीं दी गई है। तहरीर मिलने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वृद्ध महिला के घर में रखे थे परिवार के जेवरात

गांव निवासी परमेश्वरी देवी पत्नी रोशन सिंह के घर को भी चोरों ने निशाना बनाया। उनकी बेटी रिंकी ने बताया कि परिवार में दो बहनें हैं और कोई भाई नहीं है। पिता का भी निधन हो चुका है। उनकी मां वृद्ध हैं और रात में वह दूसरे मकान में सोने के लिए चली गई थीं। जिस घर में सामान रखा था, वह बंद था। इसी का फायदा उठाकर चोर घर में दाखिल हो गए।

रिंकी के मुताबिक, घर में परिवार के सदस्यों के जेवरात रखे हुए थे। चोरी गए सामान में उनके पति की दो अंगूठियां, बेटे की चेन, गले के दो ओम और एक जोड़ी पायल शामिल हैं। इसके अलावा उनकी छोटी बहन का भी कुछ सामान उसी घर में रखा हुआ था। परिवार के अनुसार चोरी हुए सामान की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है।

घटना की जानकारी सामने आने के बाद परिवार के लोगों में चिंता है। उनका कहना है कि घर में रखे सामान की सुरक्षा को लेकर उन्हें कोई आशंका नहीं थी, लेकिन रात में चोरों ने बंद मकान को निशाना बना लिया।

दूसरे घर से नकदी और आभूषण चोरी

चोरों ने गांव के दूसरे घर में भी ताले तोड़कर चोरी की। यहां दो भाई अपने-अपने अलग कमरों में रहते हैं। परिवार के अनुसार एक भाई दिल्ली में नौकरी करता है, जबकि उसकी पत्नी घर पर रहती है।

ऊषा देवी ने बताया कि परिवार में एक रिश्तेदार की पत्नी की तबीयत खराब होने के कारण सभी लोग वहां चले गए थे। उस समय घर पर कोई मौजूद नहीं था। इसी दौरान चोरों ने घर में प्रवेश कर सामान खंगाल लिया।

ऊषा देवी के अनुसार, चोर एक जंजीर, कानों के झाले, पायल, दो अंगूठियां और करीब सात हजार रुपये नकद ले गए। घर लौटने पर सामान बिखरा मिला और चोरी की जानकारी हुई। इसके बाद आसपास के लोगों को घटना के बारे में बताया गया।

अलग कमरे में रहने वाले भाई के घर भी चोरी

इसी परिवार के दूसरे भाई जगरूप के कमरे को भी चोरों ने निशाना बनाया। जगरूप ने बताया कि वह अक्सर अपनी भैंसों के पास सोते थे। घर के कमरे में रखी अलमारी के ताले तोड़कर चोरों ने उसमें रखा सामान चोरी कर लिया।

उनके मुताबिक चोरी हुए सामान में चांदी की पायल और कंदनी शामिल है। चोरी की जानकारी मिलने के बाद परिवार ने आसपास तलाश की, लेकिन चोरों का कोई सुराग नहीं मिल सका।

एक ही रात में एक ही परिवार से जुड़े दो कमरों में चोरी होने से ग्रामीणों के बीच सुरक्षा को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस को गांव में रात के समय गश्त बढ़ाने की जरूरत है, ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

दिल्ली में रहने वाले परिवार के घर से पानी की मोटर चोरी

चोरों ने गांव के चौथे घर को भी निशाना बनाया। यह मकान रामदास सिंह पुत्र कामता सिंह का बताया गया है। उनके चचेरे भाई शरण सिंह ने बताया कि परिवार के सभी लोग दिल्ली में रहते हैं और मकान में नियमित रूप से कोई नहीं रहता।

बंद पड़े मकान के ताले तोड़कर चोर अंदर दाखिल हुए। यहां ड्रम में रखी पानी की मोटर चोरी कर ली गई। घर में रखा अन्य सामान भी खंगाला गया है। परिवार के सदस्य दिल्ली में होने के कारण चोरी हुए बाकी सामान की पूरी जानकारी उनके लौटने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

इस घटना ने यह भी सामने ला दिया है कि लंबे समय से बंद पड़े मकान चोरों के निशाने पर आ सकते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में ऐसे घरों की निगरानी के लिए पड़ोसियों और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत है।

चार घरों में चोरी से गांव में बढ़ी चिंता

एक ही रात में चार बंद मकानों में चोरी की घटना सामने आने के बाद विजयपुर गांव में ग्रामीणों के बीच चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि एक साथ कई घरों में चोरी हुई है तो यह जरूरी है कि पुलिस आसपास के रास्तों, संदिग्ध गतिविधियों और पुराने चोरी के मामलों से जुड़े लोगों की भी जानकारी जुटाए।

हालांकि, पुलिस ने अभी किसी व्यक्ति को संदिग्ध घोषित नहीं किया है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चोरी की घटनाओं में कौन लोग शामिल थे और उन्होंने किस तरीके से घरों में प्रवेश किया।

पुलिस ने घटनास्थलों का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी जुटाई है। इसके अलावा फोरेंसिक टीम को बुलाए जाने से उम्मीद है कि घटनास्थल से मिले संभावित साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

फोरेंसिक टीम ने शुरू की जांच

प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि विजयपुर में हुई चोरी की घटनाओं की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि फील्ड यूनिट और फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया है, ताकि घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा सकें।

उन्होंने बताया कि फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से लिखित तहरीर नहीं दी गई है। पुलिस पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है और तहरीर मिलने के बाद नियमानुसार मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस की जांच में चोरी गए सामान की वास्तविक कीमत और पूरी सूची भी सामने आने की उम्मीद है। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में लगे संभावित सीसीटीवी कैमरों और अन्य माध्यमों से भी सुराग जुटाए जा सकते हैं।

ग्रामीणों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की

घटना के बाद ग्रामीणों ने गांव में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि रात के समय पुलिस की नियमित गश्त होने से असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाया जा सकता है। इसके साथ ही लंबे समय से बंद घरों की सुरक्षा को लेकर भी ग्रामीणों को सतर्क रहने की जरूरत है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बंद मकानों की सुरक्षा के लिए पड़ोसियों को घर की निगरानी की जानकारी देना, जरूरी दस्तावेज और कीमती सामान सुरक्षित स्थान पर रखना तथा संभव होने पर निगरानी के आधुनिक साधनों का इस्तेमाल करना उपयोगी हो सकता है।

You may have missed