घाटमपुर में नर्स ने अस्पताल संचालक और भांजे पर लगाए दुष्कर्म के गंभीर आरोप, मुकदमा दर्ज
रिपोर्ट: शुभम साहू
कानपुर नगर। घाटमपुर क्षेत्र में एक निजी अस्पताल में नर्स के रूप में कार्यरत महिला ने अस्पताल संचालक और उसके भांजे पर दुष्कर्म, आपत्तिजनक फोटो-वीडियो बनाने और धमकी देने समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला की शिकायत के आधार पर घाटमपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मामला घाटमपुर के जहानाबाद रोड स्थित श्रीजी हॉस्पिटल से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस को दी गई तहरीर में महिला ने अस्पताल संचालक सत्यम सैनी और उसके भांजे ललित सैनी के खिलाफ आरोप लगाए हैं। हालांकि, ये सभी आरोप फिलहाल शिकायतकर्ता महिला के कथन पर आधारित हैं और पुलिस जांच के बाद ही घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जुलाई से अस्पताल में नर्स के रूप में काम करने की बात
तहरीर के अनुसार, महिला घाटमपुर क्षेत्र की रहने वाली है। उसने बताया कि वह 10 जुलाई 2026 से जहानाबाद रोड स्थित श्रीजी हॉस्पिटल में नर्स के तौर पर काम कर रही थी। महिला का आरोप है कि नौकरी के दौरान उसे कथित रूप से परेशान किया जाने लगा।
शिकायत में महिला ने कहा है कि उसने इसका विरोध भी किया, लेकिन कथित तौर पर नौकरी से निकालने की धमकी दी गई। महिला का कहना है कि आर्थिक परिस्थितियों के कारण वह तत्काल नौकरी छोड़ने की स्थिति में नहीं थी।
इसके बाद कथित घटनाक्रम ने गंभीर रूप ले लिया। महिला ने पुलिस से शिकायत कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
इमरजेंसी डिलीवरी के बहाने बुलाने का आरोप
महिला ने अपनी तहरीर में 16 अगस्त 2026 की एक घटना का उल्लेख किया है। उसका आरोप है कि उस दिन अस्पताल संचालक ने इमरजेंसी डिलीवरी के लिए उसे फोन कर बुलाया था।
महिला का आरोप है कि उसे राजरानी गेस्ट हाउस के आसपास से कार में बैठाया गया। शिकायत के मुताबिक, अस्पताल जाने के बजाय उसे जहानाबाद रोड स्थित एक होटल में ले जाया गया।
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि वहां उसके साथ जबरदस्ती की गई। साथ ही उसकी आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बनाने का भी आरोप लगाया गया है। महिला का दावा है कि घटना के बारे में किसी को जानकारी देने पर उसे तथा उसके परिवार के एक सदस्य को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई।
इन आरोपों की सत्यता की जांच पुलिस कर रही है। जांच में संबंधित स्थानों, उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य परिस्थितियों को भी देखा जा सकता है।
अस्पताल के ओटी कक्ष को लेकर भी लगाए गंभीर आरोप
महिला ने अपनी शिकायत में अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर यानी ओटी कक्ष से जुड़ा एक और गंभीर आरोप लगाया है। तहरीर के मुताबिक, महिला का आरोप है कि अस्पताल संचालक और उसके भांजे ने कथित रूप से उसे वहां रोककर उसके साथ कई बार जबरदस्ती की।
महिला का कहना है कि विरोध करने पर उसे धमकाया गया। इसके अलावा कथित फोटो और वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर चुप रहने का दबाव बनाए जाने का भी आरोप है।
पीड़िता के अनुसार, धमकियों और सामाजिक परिस्थितियों के कारण उसने शुरुआत में पुलिस से शिकायत नहीं की। बाद में परिस्थितियां लगातार बिगड़ने पर उसने अपने परिवार को घटनाक्रम की जानकारी देने का फैसला किया।
फिलहाल पुलिस शिकायत में बताए गए इस घटनाक्रम की भी जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि या खंडन जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगा।
नौकरी छोड़ने की बात पर धमकी देने का आरोप
तहरीर के अनुसार, महिला ने जब अस्पताल की नौकरी छोड़ने की इच्छा जताई तो कथित रूप से उस पर दबाव बनाया गया। महिला ने आरोप लगाया है कि आपत्तिजनक फोटो और वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर उसे काम जारी रखने के लिए मजबूर करने का प्रयास किया गया।
इस बीच महिला ने 31 अगस्त 2026 की एक अन्य घटना का भी उल्लेख किया है। शिकायत के अनुसार, ललित सैनी पर उसे जहानाबाद रोड स्थित एक अन्य होटल में ले जाने और वहां उसके साथ जबरदस्ती करने का आरोप लगाया गया है।
महिला का कहना है कि लगातार कथित उत्पीड़न और धमकियों से परेशान होकर उसने अगले दिन अपने पति को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद परिवार ने मामले में कानूनी कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ाया।
पति को भी धमकी देने का आरोप
शिकायत में महिला ने यह भी दावा किया है कि जब उसके पति को घटनाक्रम की जानकारी मिली तो उन्होंने अस्पताल संचालक से फोन पर संपर्क किया और मामले को लेकर विरोध जताया।
आरोप है कि बातचीत के दौरान महिला के पति को भी कथित तौर पर धमकी दी गई। इसके बाद महिला और उसके परिवार ने पुलिस से संपर्क करने का निर्णय लिया।
हालांकि, शिकायत में लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। ऐसे मामलों में शिकायतकर्ता के बयान के साथ उपलब्ध डिजिटल, परिस्थितिजन्य और अन्य साक्ष्य जांच का हिस्सा हो सकते हैं।
7 सितंबर को पुलिस को दिया प्रार्थना पत्र
महिला की ओर से पुलिस को दिए गए दस्तावेज के अनुसार, 7 सितंबर 2026 को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। शिकायत में दुष्कर्म, आपत्तिजनक फोटो-वीडियो बनाने, उन्हें सार्वजनिक करने की धमकी देने और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
तहरीर मिलने के बाद घाटमपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस शिकायत में बताए गए घटनाक्रम, संबंधित स्थानों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।
इसके अलावा मामले से जुड़े लोगों के बयान और अन्य जरूरी तथ्यों को भी जांच के दायरे में लिया जा सकता है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के संबंध में पुलिस को क्या साक्ष्य मिले हैं।

