कानपुर में डिलीवरी के बाद महिला की मौत, परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा – पढ़िए किस हॉस्पिटल का है मामला
रिपोर्ट – सर्वेश सोनू शर्मा
कानपुर: कल्याणपुर क्षेत्र में डिलीवरी के बाद एक महिला की हालत बिगड़ने और इलाज के दौरान मौत का मामला सामने आया है। मृतका की पहचान 28 वर्षीय संगीता यादव के रूप में हुई है। वह मंधना निवासी अभिजीत यादव की पत्नी थीं। परिजनों के अनुसार, संगीता ने एक बच्चे को जन्म दिया था, लेकिन डिलीवरी के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए बर्रा स्थित शिवाजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
महिला की मौत की सूचना मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए। उन्होंने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और तोड़फोड़ भी की। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पुलिस पहुंची और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। वहीं, परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है।
डिलीवरी के बाद बिगड़ी महिला की हालत
जानकारी के मुताबिक, संगीता यादव की डिलीवरी कल्याणपुर स्थित यशराज हॉस्पिटल में हुई थी। डिलीवरी के बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होने पर उन्हें आगे के उपचार के लिए बर्रा स्थित शिवाजी हॉस्पिटल लाया गया।
परिजनों के मुताबिक, शिवाजी हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने महिला का इलाज शुरू किया, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका। कुछ समय बाद इलाज के दौरान संगीता की मौत हो गई। महिला की मौत की जानकारी मिलते ही परिवार में मातम छा गया।
संगीता की शादी करीब छह वर्ष पहले अभिजीत यादव से हुई थी। परिवार के अनुसार, नवजात बच्चे के जन्म के बाद घर में खुशी का माहौल था, लेकिन कुछ ही समय बाद महिला की मौत की खबर से परिवार सदमे में आ गया।
परिजनों ने लगाए इलाज में लापरवाही के आरोप
मृतका के परिजनों ने इलाज को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। मृतका के चाचा शिवकांत यादव ने आरोप लगाया कि जिस अस्पताल में महिला की डिलीवरी हुई, वहां पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। परिजनों का दावा है कि अस्पताल में न तो उचित डॉक्टर मौजूद थे और न ही आईसीयू की पर्याप्त व्यवस्था थी।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल के स्टाफ ने मिलकर ऑपरेशन किया और जब महिला की हालत बिगड़ने लगी तो उसे दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने आने और जांच पूरी होने के बाद ही इन आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
शिवाजी हॉस्पिटल में भी परिजनों ने किया हंगामा
महिला को गंभीर हालत में शिवाजी हॉस्पिटल लाया गया था। यहां डॉक्टरों ने उसका उपचार किया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन आक्रोशित हो गए और उन्होंने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया।
हंगामे के दौरान अस्पताल में तोड़फोड़ किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। घटना के कारण अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया।
पुलिस की मौजूदगी में परिजनों से बातचीत कर मामले की जानकारी ली गई। साथ ही घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। पुलिस की कार्रवाई और जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ के संबंध में क्या कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
छह साल की शादी के बाद परिवार में आई थी खुशी
परिजनों के अनुसार, संगीता यादव की शादी को करीब छह वर्ष हुए थे। बच्चे के जन्म के बाद परिवार में खुशी का माहौल था। परिजनों को उम्मीद थी कि मां और नवजात दोनों स्वस्थ रहेंगे। हालांकि, डिलीवरी के बाद संगीता की तबीयत बिगड़ने से परिवार की खुशियां चिंता में बदल गईं।
महिला की हालत गंभीर होने के बाद उन्हें एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद शिवाजी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना ने परिवार को गहरा सदमा पहुंचाया है।
परिजनों की ओर से अस्पतालों में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं और इलाज की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए हैं। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण हो जाती है।
जांच के बाद सामने आएगी वास्तविक स्थिति
इस मामले में फिलहाल परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों और महिला की मौत के बीच वास्तविक कारण की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। डिलीवरी के दौरान और उसके बाद महिला की तबीयत क्यों बिगड़ी, उन्हें किस स्थिति में रेफर किया गया और अलग-अलग अस्पतालों में किस प्रकार उपचार दिया गया, ये सभी बिंदु जांच के दायरे में आ सकते हैं।
इसके अलावा, यह भी जांच का विषय होगा कि संबंधित अस्पतालों में उस समय आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं और विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध थे या नहीं। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
वहीं, अस्पताल प्रबंधन की ओर से मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाने में लगी है।
पुलिस ने संभाली स्थिति
महिला की मौत के बाद हुए हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने परिजनों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली। साथ ही अस्पताल में हुई तोड़फोड़ के संबंध में भी आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है।
मामले में आगे की कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। वहीं, महिला की मौत को लेकर परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की भी जांच होना जरूरी है, ताकि घटना की वास्तविक वजह सामने आ सके।
फिलहाल कानपुर के कल्याणपुर और बर्रा क्षेत्र से जुड़े इस मामले में महिला की मौत के बाद परिवार ने इलाज की व्यवस्था और प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। नवजात बच्चे के जन्म के बाद हुई इस घटना से परिवार में दुख का माहौल है। अब सभी की नजर पुलिस और संबंधित विभाग की जांच पर है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि संगीता यादव की हालत किन परिस्थितियों में बिगड़ी और उनकी मौत का वास्तविक कारण क्या था।

