इटावा में रहस्यमयी बीमारी से पांच बच्चों की मौत, 30 से अधिक बीमार – डॉक्टरों ने शुरू किया रिसर्च

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रिपोर्ट – रोहित सिंह चौहान 

इटावा: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के चकरनगर तहसील क्षेत्र के गांव पुरा मल्लाहन में बच्चों के बीच बीमारी फैलने का मामला सामने आया है। अब तक पांच बच्चों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 30 से अधिक बच्चों के बीमार होने की बात कही जा रही है। प्रभावित बच्चों में तेज बुखार, दस्त और उल्टी जैसे लक्षण बताए गए हैं। हालांकि, बीमारी की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है और स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

मामले की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ। इसके साथ ही सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी से डॉक्टरों की टीम भी गांव पहुंची और बीमार बच्चों की स्थिति का जायजा लिया। डॉक्टरों ने आवश्यक नमूने एकत्र कर उन्हें जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में कैंप लगाकर बच्चों के सैंपल लिए और ग्रामीणों को बीमारी से बचाव के संबंध में जरूरी सावधानियां बताईं।

तेज बुखार, दस्त और उल्टी की शिकायत

ग्रामीणों के अनुसार, बीमार बच्चों में शुरुआत में तेज बुखार, दस्त और उल्टी जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद कुछ बच्चों की तबीयत गंभीर हुई और उनकी मौत की जानकारी सामने आई। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की ओर से बीमारी की निश्चित पहचान नहीं की गई है।

ऐसे में डॉक्टरों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चों में बीमारी किस कारण से फैल रही है। इसलिए अभी किसी विशेष बीमारी का नाम बताना जल्दबाजी होगी। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

गांव में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम

घटना की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने गांव में चिकित्सा टीम भेजी। टीम ने घर-घर जाकर बीमार बच्चों की जानकारी जुटाने के साथ-साथ उनकी स्वास्थ्य स्थिति का आकलन किया। इसके अलावा गांव में कैंप भी लगाया गया, जहां बच्चों और अन्य लोगों की जांच की गई।

डॉक्टरों ने संदिग्ध मामलों में आवश्यक सैंपल एकत्र किए हैं। इन नमूनों की जांच के बाद ही बीमारी की वजह और उसके स्वरूप के बारे में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव में साफ-सफाई और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी की टीम भी जांच में जुटी

मामले की गंभीरता को देखते हुए सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी से डॉक्टरों की टीम भी गांव पहुंची। टीम ने प्रभावित बच्चों की जानकारी लेने के साथ ही आवश्यक चिकित्सकीय जांच और सैंपलिंग की।

विशेषज्ञों के अनुसार, किसी बीमारी की पहचान के लिए मरीजों में दिखाई देने वाले लक्षणों के साथ-साथ जांच रिपोर्ट भी महत्वपूर्ण होती है। इसलिए सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही यह पता लगाया जा सकेगा कि बच्चों की तबीयत खराब होने के पीछे कौन-सा संक्रमण या अन्य कारण जिम्मेदार है।

बीमार बच्चों को अस्पतालों में कराया गया भर्ती

बीमारी के लक्षण वाले बच्चों को उनकी स्थिति के अनुसार सरकारी और निजी अस्पतालों में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित परिवारों से संपर्क कर रही हैं और जरूरत के अनुसार चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

वहीं, जिन बच्चों में गंभीर लक्षण दिखाई दे रहे हैं, उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता फिलहाल बीमार बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना और बीमारी के संभावित कारण का पता लगाना है।

साफ-सफाई पर विशेष जोर

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों को साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। ग्रामीणों से कहा गया है कि वे पीने के पानी की स्वच्छता पर ध्यान दें और भोजन को ढककर रखें। इसके साथ ही आसपास गंदगी जमा न होने देने तथा व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा, यदि किसी बच्चे में तेज बुखार, उल्टी, दस्त या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे नजरअंदाज न करने की सलाह दी गई है। ऐसे बच्चों को जल्द से जल्द चिकित्सकीय जांच के लिए ले जाने को कहा गया है।

बीमारी की वजह जांच रिपोर्ट के बाद होगी स्पष्ट

इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल बीमारी के कारण को लेकर है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग और सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी की टीम सैंपल की जांच के जरिए बीमारी की वास्तविक वजह पता लगाने में जुटी है।

डॉक्टरों के मुताबिक, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी के संबंध में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। इसलिए ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान न देने और स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

ग्रामीणों में चिंता, प्रशासन की निगरानी जारी

बच्चों के बीमार होने और मौत की घटनाओं के बाद गांव में चिंता का माहौल है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। गांव में लगाए गए स्वास्थ्य कैंप के माध्यम से बीमार बच्चों की जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर उन्हें अस्पताल भेजा जा रहा है।

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के सामने फिलहाल दो प्रमुख चुनौतियां हैं। पहली, बीमारी के कारण का जल्द पता लगाना और दूसरी, प्रभावित बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना। इसके लिए सैंपल जांच और चिकित्सकीय निगरानी को आगे बढ़ाया जा रहा है।

फिलहाल पुरा मल्लाहन गांव में स्थिति पर स्वास्थ्य विभाग की नजर बनी हुई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बच्चों में बीमारी किस वजह से फैल रही है और इसके लिए आगे किस तरह की चिकित्सा एवं रोकथाम की व्यवस्था की आवश्यकता होगी।

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