बहराइच में महिला तस्कर गिरफ्तार, 116 ग्राम स्मैक बरामद; अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 35 लाख रुपये

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रिपोर्ट- महेश चन्द्र गुप्ता 

बहराइच, उत्तर प्रदेश: बहराइच में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस और सुरक्षा बलों का अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की संयुक्त टीम ने एक महिला को कथित रूप से अवैध स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, महिला के कब्जे से 116 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 35 लाख रुपये बताई जा रही है।

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क को लेकर जांच तेज कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि बरामदगी के मामले में सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। गिरफ्तार महिला की पहचान करीब 40 वर्षीय शकीला बीबी के रूप में हुई है, जो बहराइच के दशहरा बाग इलाके की रहने वाली बताई गई है।

पुलिस और SSB की संयुक्त कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, बहराइच पुलिस और SSB की संयुक्त टीम ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान के दौरान यह कार्रवाई की। टीम ने संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर महिला को रोका और तलाशी के दौरान उसके पास से स्मैक बरामद होने का दावा किया।

पुलिस के अनुसार, बरामद मादक पदार्थ का वजन करीब 116 ग्राम है। इसकी अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत लगभग 35 लाख रुपये आंकी गई है। हालांकि, किसी भी बरामद मादक पदार्थ की कीमत अलग-अलग परिस्थितियों और बाजार के आधार पर बदल सकती है। पुलिस की ओर से बरामद सामग्री को नियमानुसार कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई की गई है।

महिला के पास से नकदी और मोबाइल भी बरामद

पुलिस कार्रवाई के दौरान महिला के पास से भारतीय और नेपाली मुद्रा भी बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा एक VIVO V60 मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि बरामद मादक पदार्थ महिला तक कैसे पहुंचा और इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका है या नहीं। मोबाइल फोन और बरामद नकदी को भी जांच के अहम हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है।

विशेष रूप से भारत-नेपाल सीमा से जुड़े क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियां समय-समय पर संयुक्त अभियान चलाती रही हैं। ऐसे में इस मामले की जांच के दौरान पुलिस अन्य संभावित संपर्कों और तस्करी के नेटवर्क के बारे में भी जानकारी जुटा सकती है।

NDPS Act के तहत मुकदमा दर्ज

पुलिस ने गिरफ्तार महिला के खिलाफ NDPS Act की धारा 8/21 के तहत मामला दर्ज किया है। कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी महिला को अदालत के समक्ष पेश किया गया है।

NDPS Act यानी नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट के तहत अवैध मादक पदार्थों की खरीद, बिक्री, कब्जे, परिवहन और तस्करी से संबंधित मामलों में कार्रवाई की जाती है। इस मामले में भी पुलिस बरामदगी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है।

हालांकि, किसी भी आरोपी को अदालत द्वारा दोष सिद्ध किए जाने तक कानूनन दोषी नहीं माना जाता है। मामले में अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

सीमा क्षेत्र में तस्करी रोकने पर जोर

बहराइच का भौगोलिक क्षेत्र भारत-नेपाल सीमा के करीब होने के कारण सुरक्षा और निगरानी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ-साथ SSB की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहती है।

इसी वजह से पुलिस और SSB के बीच समन्वय के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई जाती है। मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए चेकिंग, गश्त और खुफिया सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की जाती है।

इस मामले में भी संयुक्त टीम की कार्रवाई को इसी अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद स्मैक कहां से लाई गई थी और इसे आगे कहां पहुंचाया जाना था।

पुलिस अधिकारियों ने दी जानकारी

मामले की जानकारी देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक दुर्गा प्रसाद ने बताया कि पुलिस और SSB की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए महिला को 116 ग्राम अवैध स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 35 लाख रुपये है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार महिला बहराइच के दशहरा बाग क्षेत्र की निवासी है। कार्रवाई के दौरान भारतीय और नेपाली रुपये तथा VIVO V60 मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।

अधिकारी के मुताबिक, मामले में NDPS Act की धारा 8/21 के तहत कार्रवाई की गई है और आरोपी महिला को अदालत के समक्ष पेश किया जा चुका है।

आगे की जांच में खुल सकते हैं अहम तथ्य

पुलिस की कार्रवाई के बाद अब मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। जांच एजेंसियां बरामद मोबाइल फोन, नकदी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर महिला के संभावित संपर्कों के बारे में जानकारी जुटा सकती हैं।

इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि महिला पहले से किसी आपराधिक या तस्करी नेटवर्क से जुड़ी थी या नहीं। यदि जांच के दौरान अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

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