बिजनौर में झूठे मुकदमों से वसूली करने वाला गैंग ध्वस्त, बब्बू लंगड़ा समेत 5 आरोपी गिरफ्तार

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रिपोर्ट- तापिश मिर्जा

बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर में पुलिस ने झूठे मुकदमों में लोगों को फंसाकर समझौते के नाम पर अवैध वसूली करने वाले कथित गिरोह का पर्दाफाश किया है। स्वाट टीम, सर्विलांस टीम और कोतवाली शहर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने गिरोह के कथित मुख्य सरगना जुल्फेकार उर्फ बब्बू लंगड़ा समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह महिलाओं को आगे करके लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज करवाता था और इसके बाद समझौता कराने के नाम पर कथित तौर पर मोटी रकम की मांग करता था।

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद बिजनौर और आसपास के क्षेत्रों में इस गिरोह से जुड़े मामलों को लेकर जांच तेज होने की संभावना है। पुलिस का दावा है कि गिरोह के खिलाफ बिजनौर-अमरोहा क्षेत्र में कई मामले सामने आए हैं। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और पुलिस गिरोह के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है।

संयुक्त टीम ने की कार्रवाई

बिजनौर पुलिस को कथित अवैध वसूली करने वाले इस गिरोह के संबंध में जानकारी मिली थी। इसके बाद स्वाट, सर्विलांस और कोतवाली शहर पुलिस की टीम ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों और कथित तौर पर लोगों को मुकदमों में फंसाकर समझौते के नाम पर रकम वसूलने की शिकायतों को आधार बनाकर कार्रवाई आगे बढ़ाई।

जांच के बाद पुलिस ने जुल्फेकार उर्फ बब्बू लंगड़ा सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में अफजाल, गुड्डी, कुंती और प्रीति के नाम भी शामिल बताए गए हैं। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह में कौन-कौन लोग सक्रिय थे और इसकी गतिविधियां किन-किन क्षेत्रों तक फैली हुई थीं।

महिलाओं को आगे कर मुकदमा दर्ज कराने का आरोप

पुलिस के अनुसार, इस कथित गिरोह का काम करने का तरीका काफी योजनाबद्ध था। आरोप है कि गिरोह में शामिल महिलाएं पहले किसी व्यक्ति के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करवाती थीं। इसके बाद आरोपियों की ओर से कथित तौर पर मुकदमे में समझौते का प्रस्ताव रखा जाता था।

पुलिस का कहना है कि समझौते के नाम पर बड़ी रकम की मांग की जाती थी। यदि संबंधित व्यक्ति रकम देने के लिए तैयार हो जाता था तो मामले को समाप्त कराने का प्रयास किया जाता था। हालांकि, इन आरोपों की पूरी तस्वीर पुलिस की विस्तृत जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

बिजनौर-अमरोहा में सामने आए कई मामले

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कथित गिरोह की गतिविधियां केवल बिजनौर शहर तक सीमित नहीं थीं। पुलिस के मुताबिक, बिजनौर और अमरोहा में इस गिरोह से जुड़े कई मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है।

इसी वजह से पुलिस अब पुराने मुकदमों और शिकायतों को भी खंगाल रही है। जांच अधिकारियों की कोशिश है कि यह पता लगाया जाए कि गिरफ्तार आरोपियों ने किन-किन लोगों को कथित तौर पर अपने जाल में फंसाया और उनसे किस तरह संपर्क किया गया।

इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गिरोह में शामिल लोगों की भूमिका क्या थी और कथित वसूली के लिए रकम का लेन-देन किस माध्यम से किया जाता था।

मुख्य सरगना की गिरफ्तारी से खुल सकते हैं कई राज

पुलिस ने जुल्फेकार उर्फ बब्बू लंगड़ा को कथित गिरोह का मुख्य सरगना बताया है। उसकी गिरफ्तारी को पुलिस की कार्रवाई में अहम कड़ी माना जा रहा है। पूछताछ के दौरान पुलिस को गिरोह के संचालन, सदस्यों की भूमिका और कथित वसूली के तरीके से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।

इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या गिरोह के पीछे कोई अन्य व्यक्ति या समूह भी सक्रिय था। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो पुलिस उनके खिलाफ भी कार्रवाई कर सकती है।

पुलिस ने क्या कहा?

बिजनौर के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों पर झूठे मुकदमों के माध्यम से लोगों को दबाव में लेकर समझौते के नाम पर अवैध वसूली करने के आरोप हैं।

एसपी के अनुसार, मामले की जांच जारी है और पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। साथ ही पुराने मामलों की भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि गिरोह की गतिविधियां कितने समय से चल रही थीं और इसमें कितने लोग शामिल थे।

पुलिस की कार्रवाई से बढ़ी निगरानी

इस कार्रवाई के बाद बिजनौर पुलिस ने ऐसे मामलों में सतर्कता बढ़ाने के संकेत दिए हैं। पुलिस की कोशिश है कि शिकायत मिलने पर उसकी निष्पक्ष तरीके से जांच की जाए और यदि कोई व्यक्ति कानून का गलत इस्तेमाल कर किसी को दबाव में लेने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी भी आपराधिक मामले में आरोपों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसलिए पुलिस भी मामले से जुड़े प्रत्येक तथ्य और साक्ष्य की जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ दर्ज मुकदमों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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