लखीमपुर खीरी में शिक्षक दिवस पर सांसद आनंद भदौरिया ने बच्चों से किया संवाद, बंद स्कूलों को फिर खोलने का दिया भरोसा
रिपोर्ट- शरद अवस्थी
लखीमपुर खीरी। शिक्षक दिवस के अवसर पर समाजवादी पार्टी कस्ता विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में धौरहरा सांसद आनंद भदौरिया ने बच्चों से मुलाकात कर उनसे संवाद किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को शिक्षा, अनुशासन और अच्छे संस्कारों के महत्व के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में मितौली के पूर्व विधायक सुनील कुमार लाल समेत समाजवादी पार्टी के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
शिक्षक दिवस के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक करना और शिक्षकों के योगदान को याद करना रहा। कार्यक्रम के दौरान सांसद आनंद भदौरिया ने बच्चों के साथ काफी सहज अंदाज में बातचीत की। उन्होंने शिक्षक की भूमिका में बच्चों से संवाद करते हुए उनकी पढ़ाई और भविष्य को लेकर चर्चा की। साथ ही, उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाई करने और अपने जीवन में अनुशासन को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
बच्चों को शिक्षा और संस्कारों का महत्व बताया
सांसद आनंद भदौरिया ने बच्चों से बातचीत करते हुए कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के व्यक्तित्व और भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने बच्चों को मेहनत के साथ पढ़ाई करने, शिक्षकों का सम्मान करने और अच्छे संस्कारों को अपने जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में अनुशासन का विशेष महत्व होता है। यदि बच्चे नियमित रूप से पढ़ाई करें और अपने शिक्षकों तथा अभिभावकों के मार्गदर्शन का पालन करें, तो वे भविष्य में अपने लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने बच्चों को शिक्षा के प्रति गंभीर रहने की सलाह दी।
कार्यक्रम के दौरान सांसद ने बच्चों को पाठ्य सामग्री भी वितरित की। पाठ्य सामग्री मिलने पर बच्चों में उत्साह देखने को मिला। उन्होंने बच्चों से कहा कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करते हुए मन लगाकर पढ़ाई करें और अपने भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ें।
बंद स्कूलों को दोबारा खोलने का वादा
कार्यक्रम के दौरान सांसद आनंद भदौरिया ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी का पक्ष भी रखा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार के दौरान जो स्कूल बंद कराए गए हैं, समाजवादी पार्टी की सरकार बनने के बाद उन्हें दोबारा खोला जाएगा।
सांसद ने इसे समाजवादी पार्टी का वादा बताते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालयों की उपलब्धता बच्चों की शिक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे को शिक्षा प्राप्त करने के लिए अनावश्यक दूरी तय न करनी पड़े, इसके लिए विद्यालयों की बेहतर व्यवस्था आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके साथ ही बच्चों के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उनके इस बयान के दौरान कार्यक्रम में मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका समर्थन किया।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
आनंद भदौरिया ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति में शिक्षा की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इसलिए बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार होने से बच्चों को अपनी प्रतिभा विकसित करने का अवसर मिलता है।
इसके अलावा उन्होंने शिक्षकों के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया। शिक्षक विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम की जानकारी नहीं देते, बल्कि उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन भी प्रदान करते हैं। शिक्षक दिवस के अवसर पर उन्होंने सभी शिक्षकों के योगदान का सम्मान करने और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की बात कही।
कार्यक्रम में बच्चों को भी यह संदेश दिया गया कि वे अपने शिक्षकों का सम्मान करें और उनके बताए मार्ग पर चलकर अपने भविष्य को बेहतर बनाने का प्रयास करें। साथ ही, बच्चों को नियमित अध्ययन, अनुशासन और सकारात्मक सोच के महत्व के बारे में बताया गया।
कार्यकर्ताओं ने किया सांसद का स्वागत
कार्यक्रम स्थल पर सांसद आनंद भदौरिया के पहुंचने पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान पार्टी के पदाधिकारियों और स्थानीय कार्यकर्ताओं में उत्साह दिखाई दिया। कार्यक्रम में मितौली ब्लॉक अध्यक्ष शिवेंद्र प्रताप सिंह सहित समाजवादी पार्टी के कई कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
मितौली के पूर्व विधायक सुनील कुमार लाल भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को बच्चों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों के लिए महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों के साथ संवाद का माहौल बना रहा। सांसद ने बच्चों की बात सुनी और उन्हें पढ़ाई के प्रति लगातार मेहनत करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बच्चों का उज्ज्वल भविष्य ही समाज और देश के विकास की मजबूत नींव है।
शिक्षक दिवस पर शिक्षकों के योगदान को किया याद
शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षकों के योगदान को भी याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके मार्गदर्शन से विद्यार्थी ज्ञान प्राप्त करने के साथ-साथ जिम्मेदारी, अनुशासन और सामाजिक मूल्यों को भी सीखते हैं।
सांसद आनंद भदौरिया ने बच्चों को संबोधित करते हुए शिक्षा को जीवन की सबसे महत्वपूर्ण पूंजी में से एक बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने लक्ष्य को निर्धारित करें और उसे हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहें।
उन्होंने बच्चों को यह भी संदेश दिया कि पढ़ाई के साथ-साथ अच्छे व्यवहार और संस्कारों को अपनाना जरूरी है। एक शिक्षित और जिम्मेदार नागरिक ही समाज के विकास में सकारात्मक योगदान दे सकता है।
स्थानीय स्तर पर शिक्षा को लेकर चर्चा
इस कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय स्तर पर शिक्षा व्यवस्था और विद्यालयों से जुड़े मुद्दे भी चर्चा में रहे। सांसद द्वारा बंद स्कूलों को दोबारा खोलने के बयान को कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने शिक्षा के संदर्भ में महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।
हालांकि, स्कूलों को दोबारा खोलने और शिक्षा व्यवस्था में बदलाव से संबंधित किसी भी नीति के क्रियान्वयन के लिए भविष्य में सरकार के निर्णय और संबंधित विभाग की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल कार्यक्रम में सांसद ने समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर इस दिशा में काम करने का आश्वासन दिया।

