अमरोहा में 7 लाख का सरकारी टीन शेड गायब, विधायक महबूब अली ने लगाया चोरी का आरोप; पुलिस को देंगे तहरीर

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रिपोर्ट- इकबाल अंसारी 

अमरोहा: उत्तर प्रदेश के अमरोहा में सरकारी धन से तैयार कराया गया टीन शेड गायब होने का मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अमरोहा नगर कोतवाली क्षेत्र के आजाद मार्ग पर यात्रियों की सुविधा के लिए बनाया गया यह टीन शेड कथित तौर पर मौके से गायब है। बताया जा रहा है कि इस टीन शेड का निर्माण सदर विधायक महबूब अली की विधायक निधि से कराया गया था और इसकी लागत करीब 7 लाख रुपये बताई जा रही है।

टीन शेड के गायब होने की जानकारी सामने आने के बाद सरकारी संपत्ति की सुरक्षा और उसकी निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, इस मामले में सदर विधायक महबूब अली ने टीन शेड चोरी होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि इस संबंध में जल्द ही पुलिस को तहरीर दी जाएगी।

विधायक निधि से कराया गया था निर्माण

जानकारी के मुताबिक, आजाद मार्ग पर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए टीन शेड का निर्माण कराया गया था। इसका उद्देश्य यात्रियों को धूप और बारिश से राहत उपलब्ध कराना था। इसके लिए विधायक निधि से लगभग 7 लाख रुपये की धनराशि खर्च किए जाने की बात कही जा रही है।

हालांकि, अब यही टीन शेड मौके पर दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि सरकारी धन से तैयार कराई गई संपत्ति आखिर कहां गई और इसकी निगरानी की जिम्मेदारी किसकी थी।

मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक उपयोग के लिए बनाई गई किसी संरचना का इस तरह गायब होना गंभीर विषय है। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि टीन शेड को वहां से कब और किस परिस्थिति में हटाया गया।

महबूब अली ने चोरी का लगाया आरोप

सदर विधायक महबूब अली ने टीन शेड के गायब होने को लेकर चोरी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सरकारी धन से तैयार कराया गया टीन शेड यात्रियों की सुविधा के लिए लगाया गया था, लेकिन अब वह मौके पर मौजूद नहीं है।

विधायक के मुताबिक, इस मामले में पुलिस को तहरीर देकर पूरे घटनाक्रम की जांच कराने की मांग की जाएगी। तहरीर दिए जाने के बाद पुलिस की जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि टीन शेड वास्तव में चोरी हुआ है या उसे किसी अन्य कारण से हटाया गया।

फिलहाल विधायक की ओर से पुलिस में तहरीर दिए जाने की बात कही गई है। ऐसे में अब इस मामले में आधिकारिक शिकायत और उसके बाद होने वाली जांच का इंतजार किया जा रहा है।

पालिका अधिकारियों ने जताई अनभिज्ञता

दूसरी ओर, टीन शेड के गायब होने के मामले में पालिका अधिकारियों की ओर से फिलहाल अनभिज्ञता जताई गई है। अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है।

यही वजह है कि मामला और भी महत्वपूर्ण हो गया है। एक तरफ विधायक इसे चोरी का मामला बता रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ पालिका अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं होने की बात सामने आ रही है। ऐसे में संबंधित विभागों के बीच समन्वय और सरकारी संपत्ति की निगरानी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

अब यह देखना अहम होगा कि पुलिस को तहरीर मिलने के बाद जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं। यदि टीन शेड चोरी होने की पुष्टि होती है तो पुलिस को यह पता लगाना होगा कि इसे कब और किस तरह वहां से हटाया गया तथा इसके पीछे कौन लोग शामिल थे।

सरकारी धन और संपत्ति की निगरानी पर सवाल

इस पूरे प्रकरण ने सरकारी धन से तैयार होने वाली सार्वजनिक संपत्तियों की निगरानी पर भी बहस छेड़ दी है। आम तौर पर विधायक निधि या अन्य सरकारी योजनाओं के तहत सार्वजनिक उपयोग के लिए निर्माण कार्य कराए जाते हैं। इनका मकसद स्थानीय लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराना होता है।

ऐसे में यदि करीब 7 लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया टीन शेड गायब हो जाता है तो स्वाभाविक रूप से उसकी निगरानी और रखरखाव को लेकर सवाल उठना लाजिमी है। लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि यदि सार्वजनिक स्थान पर लगी संरचना की निगरानी ठीक से होती तो उसके गायब होने की जानकारी समय रहते मिल सकती थी।

हालांकि, अभी मामले से जुड़े सभी पहलुओं की आधिकारिक जांच होना बाकी है। इसलिए किसी व्यक्ति या संस्था पर जिम्मेदारी तय करने से पहले जांच के निष्कर्ष सामने आना जरूरी है।

सपा-भाजपा में आरोप-प्रत्यारोप तेज

टीन शेड के गायब होने के बाद स्थानीय राजनीति में भी हलचल बढ़ने की बात सामने आ रही है। मामला सदर विधायक महबूब अली की निधि से जुड़े होने के कारण सपा और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की स्थिति बन गई है।

सियासी बयानबाजी के बीच अब लोगों की नजर प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि राजनीतिक आरोपों से अलग इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि यह साफ हो सके कि टीन शेड के गायब होने के पीछे वास्तविक कारण क्या है।

वहीं, यदि पुलिस जांच में चोरी की बात सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है। दूसरी तरफ, यदि टीन शेड को किसी प्रशासनिक या अन्य प्रक्रिया के तहत हटाया गया है तो उसकी जानकारी भी सामने आनी चाहिए।

पुलिस कार्रवाई पर टिकी नजर

फिलहाल अमरोहा के आजाद मार्ग पर टीन शेड के गायब होने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। विधायक महबूब अली की ओर से पुलिस को तहरीर दिए जाने के बाद मामले में औपचारिक जांच शुरू होने की संभावना है।

पुलिस के सामने सबसे पहले यह स्पष्ट करने की चुनौती होगी कि टीन शेड आखिरी बार कब और कहां मौजूद था। इसके अलावा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, स्थानीय लोगों से पूछताछ और संबंधित विभाग के रिकॉर्ड की जांच से भी घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा सकती है।

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