हमीरपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा एक्शन, मौदहा की डेयरी दुकानों से 64 हजार की दूषित सामग्री नष्ट

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रिपोर्ट: मोहम्मद अकरम

हमीरपुर/मौदहा। जिलाधिकारी अभिषेक गोयल के निर्देश पर हमीरपुर जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान टीम ने मौदहा तहसील क्षेत्र की विभिन्न डेयरी दुकानों का निरीक्षण किया और खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए लिए। कार्रवाई के दौरान करीब 64 हजार रुपये कीमत की दूषित खाद्य सामग्री मौके पर ही नष्ट कराई गई।

खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई से डेयरी कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति रही। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। विशेष रूप से पनीर, क्रीम, घी, दही और मावा जैसे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर विभाग की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है।

जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई संयुक्त कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी अभिषेक गोयल के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मौदहा क्षेत्र में डेयरी दुकानों का निरीक्षण किया। टीम ने दुकानों पर उपलब्ध खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्थिति की जांच की। इसके साथ ही संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने भी लिए गए, जिन्हें प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जा रहा है।

अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान कुछ खाद्य सामग्री ऐसी मिली, जिसकी स्थिति संतोषजनक नहीं थी। इसके बाद नियमानुसार संबंधित सामग्री को मौके पर ही नष्ट कराया गया।

न्यू किसान डेयरी से बड़ी मात्रा में सामग्री नष्ट

कार्रवाई के दौरान न्यू किसान डेयरी से बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई। विभागीय टीम के निरीक्षण में यहां से 50 किलो पनीर, 60 किलो क्रीम, 20 किलो घी, 60 किलो दही और 10 किलो मावा मौके पर नष्ट कराया गया।

अधिकारियों ने खाद्य सामग्री को नष्ट कराने की कार्रवाई इसलिए की, ताकि ऐसी सामग्री आगे बिक्री के लिए इस्तेमाल न हो सके। विभाग की ओर से संबंधित खाद्य पदार्थों के नमूने भी जांच के लिए लिए गए हैं।

किसान डेयरी से भी दही और क्रीम नष्ट

इसी अभियान के दौरान किसान डेयरी का भी निरीक्षण किया गया। यहां टीम को 150 किलो फफूंदयुक्त दही और 40 किलो क्रीम मिली। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने दोनों खाद्य पदार्थों को मौके पर ही नष्ट करा दिया।

इस प्रकार दोनों डेयरियों से बड़ी मात्रा में ऐसी खाद्य सामग्री हटाई गई, जिसे बिक्री के लिए उपयुक्त नहीं माना गया। विभागीय कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने डेयरी संचालकों को खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण और गुणवत्ता संबंधी नियमों का पालन करने के निर्देश भी दिए।

करीब 64 हजार रुपये की सामग्री नष्ट

खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई में कुल मिलाकर करीब 64 हजार रुपये मूल्य की दूषित खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई। विभाग की टीम ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से जुड़े मामलों में लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।

दरअसल, डेयरी उत्पाद सीधे तौर पर आम लोगों के दैनिक खान-पान का हिस्सा होते हैं। ऐसे में इनकी गुणवत्ता और सुरक्षित भंडारण बेहद महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर दुकानों और प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करता है।

प्रयोगशाला भेजे जा रहे खाद्य पदार्थों के नमूने

छापेमारी के दौरान लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से जुड़े तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि होगी।

अधिकारियों के अनुसार, जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसलिए फिलहाल विभाग की ओर से लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

मिलावट के खिलाफ जारी रहेगा अभियान

जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने कहा है कि जिले में मिलावट और दूषित खाद्य सामग्री की बिक्री किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

इसके अलावा, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों को भी बाजारों और खाद्य प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण करने के लिए सक्रिय रखा जा रहा है। विभाग का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।

डेयरी कारोबारियों को नियमों का पालन करने की अपील

कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने डेयरी संचालकों से खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील की। खाद्य पदार्थों को निर्धारित तापमान और उचित परिस्थितियों में रखने, साफ-सफाई बनाए रखने तथा खराब या गुणवत्ता मानकों पर खरे न उतरने वाले उत्पादों की बिक्री नहीं करने के निर्देश दिए गए।

वहीं, खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई को उपभोक्ताओं के हित में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विभाग का कहना है कि जांच और निरीक्षण की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

प्रशासन ने साफ किया अपना रुख

मौदहा में हुई कार्रवाई के बाद प्रशासन ने साफ कर दिया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, जिन खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए हैं, उनके संबंध में अंतिम स्थिति प्रयोगशाला जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

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